Ind vs NZ: फील्डिंग कोच ने खोला राज, बताया इस वजह से विजय रथ पर सवार है टीम इंडिया
Ind vs NZ: अगले कुछ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में रिजर्व खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिलेगा क्योंकि टीम प्रबंधन चाहता है कि इस साल होने वाले आइसीसी के 50 ओवर के विश्व कप से पहले सभी खिलाड़ी मैच खेलने के लिए तैयार रहें।
हैमिल्टन, पीटीआइ। भारत के फील्डिंग कोच आर श्रीधर को उम्मीद है कि अगले कुछ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में रिजर्व खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिलेगा क्योंकि टीम प्रबंधन चाहता है कि इस साल होने वाले आइसीसी के 50 ओवर के विश्व कप से पहले सभी खिलाड़ी मैच खेलने के लिए तैयार रहें। इसके साथ ही श्रीधर ने कहा कि भारतीय टीम की लगातार जीत का राज़ है गेंदबाज़ों का अच्छा प्रदर्शन।
रिजर्व खिलाड़ियों को मिलेगा मौका
क्षेत्ररक्षण कोच श्रीधर खुश हैं कि टीम तैयार है और गेंदबाजी आक्रमण काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। श्रीधर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ गुरुवार को यहां होने वाले चौथे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच से पूर्व कहा, ‘जीत ऐसी आदत है जिसे आप जारी रखना चाहते हैं और जोश को कम नहीं होने देना चाहते लेकिन हमें रिजर्व खिलाड़ियों को भी मैच खेलने का मौका देना होगा क्योंकि विश्व कप से पहले सिर्फ सात मैच बचे हैं।’
अधिकांश समय स्थिति के अनुसार पहली पसंद वाली अंतिम एकादश लगभग तय होती है और दबाव की स्थिति में जब रिजर्व खिलाड़ी उतरते हैं तो मैच नहीं खेलने के कारण वे लय में नजर नहीं आते।
श्रीधर ने कहा, ‘हम विश्व कप के लिए जाने से पहले ऐसी स्थिति नहीं चाहते जहां मुख्य एकादश खेलती रहे और विश्व कप में जब अचानक अहम मैच खेलना हो तो रिजर्व खिलाड़ी मैच खेलने का पर्याप्त समय नहीं मिलने के कारण इसके लिए तैयार नहीं हों। मुझे यकीन है कि टीम प्रबंधन भी इस बारे में सोच रहा है।’
हैदराबाद के इस पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर का मानना है कि इंग्लैंड की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भारत को तैयारी के लिए न्यूजीलैंड से बेहतर हालात नहीं मिल सकते।
श्रीधर ने कहा, ‘जून में इंग्लैंड में जैसे हालात होंगे उसके अभ्यास के लिए न्यूजीलैंड से बेहतर जगह नहीं हो सकती। इसलिए निश्चित तौर पर हम ऐसी स्थिति तैयार करना चाहते हैं जहां हम अपने रिजर्व खिलाड़ियों को खेलने का मौका दें।’
गेंदबाज़ों ने पैदा किया अंतर
मौजूदा सत्र में भारत ने दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और अब न्यूजीलैंड में एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला जीती है और इस दौरान टीम को सिर्फ इंग्लैंड में हार का सामना करना पड़ा।
क्षेत्ररक्षण कोच का मानना है कि अनुभव और गेंदबाजी इकाई का प्रदर्शन दो पहलू हैं जिसने अंतर पैदा किया।श्रीधर ने कहा, ‘भारत की बल्लेबाजी हमेशा से मजबूत रही है लेकिन अब गेंदबाजों ने भी मैच के विभिन्न चरण में विकेट लेना शुरू कर दिया है। वे भुवी (भुवनेश्वर कुमार) और (मोहम्मद) शमी हो या लेग स्पिनर (कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल), उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ और अब यहां ऐसा किया है।’
उन्होंने कहा, ‘उन्होंने (कुलदीप और चहल) 24-25 मैचों में मिलकर संभवत: 100 विकेट हासिल किए हैं जो शानदार है। खेल के सबसे महत्वपूर्ण चरण का ध्यान रखा जा रहा है। इसके बाद हमारे पास भुवी और (जसप्रीत) बुमराह के रूप में डेथ ओवरों के शानदार गेंदबाज हैं।’
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