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    Ind vs Aus: टीम इंडिया का वीवीएस लक्ष्मण है ये खिलाड़ी, IPL नहीं खेलता इसलिए लोग नाम नहीं लेते- प्रज्ञान

    By Viplove KumarEdited By:
    Updated: Tue, 15 Dec 2020 08:50 AM (IST)

    हनुमा विहारी इस लड़के को आइपीएल में खेलने का मौका नहीं मिला ना ही लिमिटेड ओवर फॉर्मेट में भारतीय टीम में थे। अपने करियर की शुरुआत में एक टेस्ट विशेषज्ञ का तौर पर होना लाभदायक भी है तो इसका नुकसान भी।

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    भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाज हनुमा विहारी -फाइल फोटो

    नई दिल्ली, जेएनएन। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जाने वाली टेस्ट सीरीज से पहले अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाने वाले हनुमा विहारी चर्चा में हैं। भारतीय टीम के पूर्व स्पिनर प्रज्ञान ओझा ने उनको भारतीय टीम का वीवीएस लक्ष्मण बताया और कहा उनको हर मैच में प्रदर्शन करना जरूरी है। इस दौरे पर आखिरी के तीन मुकाबलों में कप्तान विराट कोहली के नहीं होने की वजह से हनुमा के लिए दौरा और भी अहम हो जाता है।

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    प्रज्ञान ने कहा, "हनुमा विहारी, इस लड़के को आइपीएल में खेलने का मौका नहीं मिला ना ही लिमिटेड ओवर फॉर्मेट में भारतीय टीम में थे। अपने करियर की शुरुआत में एक टेस्ट विशेषज्ञ का तौर पर होना लाभदायक भी है तो इसका नुकसान भी। जब आप टेस्ट क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करते हैं खासकर विदेश में तो आपको सम्मान मिलता है। लेकिन ये भी है कि आपका नाम ऐसी जगह पर चर्चा में नहीं आता जैसे कि लोग लगातार रिषभ पंत, इशान किशन या सूर्यकुमार यादव के बारे में बात करते हैं क्योंकि यह लोग ऐसी जगह प्रदर्शन कर रहे हैं जहां काफी संख्या में लोग देखते हैं। यही सच्चाई है।" 

    आगे उनका कहना था, "मुझे लगता है कि यह सीरीज विहारी के लिए काफी अहम होने वाला है। भारतीय टीम में विराट कोहली नही होंगे और उनकी जाने से बड़ा खालीपन आएगा जिसको भरना होगा। विहारी ने शानदार शतक जमाया (पिंक बॉल वार्म अप मैच में) लेकिन फिर भी उनको लिए यह आसान नहीं होने वाला है खासकर जब आप पिंक बॉल टेस्ट मैच खेलने उतरेंगे। अगर बने रहना है तो लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहना होगा।" 

    "मैं कहना चाहूंगा कि वह वीवीएस लक्ष्मण जैसे एक खिलाड़ी हैं। हर एक मैच जो वो खेलते थे उनके लिए महत्वपूर्ण होता था क्योंकि वह टेस्ट के विशेषज्ञ थे। उनको हर एक मैच में निरंतर अच्छा प्रदर्शन करते रहना होता था क्योंकि वह लगातार लिमिडेट ओवर के खिलाड़ी नहीं थे। उनको उस हर मैच में प्रदर्शन करना अहम होता था जिसमें वह खेलने उतरते थे।"