नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। टीम इंडिया के आलराउंडर हार्दिक पांड्या ने रविवार (14 नवंबर) रात मुंबई कस्टम विभाग द्वारा उनकी दो घड़ियां जब्त किए जाने को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है। पांड्या ने कहा कि वह स्वेच्छा से मुंबई हवाई अड्डे के सीमा शुल्क काउंटर पर अपने द्वारा लाए गए सामानों की घोषणा करने और आवश्यक सीमा शुल्क का भुगतान करने के लिए गए थे। कस्टम अधिकारियों ने आइसीसी पुरुष टी 20 विश्व कप में भारत के बाहर होने के बाद दुबई से भारत लौटते समय पांड्या से 5 करोड़ की दो घड़ियां जब्त कीं। हांलाकि, पांड्या ने इनकी क़ीमत डेढ़ करोड़ रुपए बतायी है। अधिकारियों ने कहा कि उनके पास न तो घड़ियों का बिल था और न ही उन्होंने उन्हें कस्टम आइटम घोषित किया था। अब इसी पर हार्दिक पांड्या ने अपना पक्ष रखा है। 

हार्दिक पांड्या ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर एक बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि घड़ियों की कीमत 5 करोड़ नहीं, बल्कि 1.5 करोड़ रुपए है। सोशल मीडिया पर इसकी अफवाह फैलाई जा रही है। पांड्या ने अपने बयान में कहा, "मैंने स्वेच्छा से उन सभी वस्तुओं की घोषणा की थी जिन्हें मैंने दुबई से कानूनी रूप से खरीदा था और जो भी शुल्क चुकाने की आवश्यकता थी, वह भुगतान करने के लिए तैयार थे। तथ्य की बात के रूप में कस्टम विभाग ने सभी खरीद दस्तावेज मांगे थे जो प्रस्तुत किए गए थे। हालांकि, कस्टम विभाग शुल्क के लिए उचित मूल्यांकन कर रहा है, जिसे मैंने पहले ही भुगतान करने की पुष्टि कर दी है।"

28 वर्षीय आलराउंडर ने यह भी कहा कि वह एक कानून का पालन करने वाले नागरिक हैं और उन्होंने सीमा शुल्क अधिकारियों को अपना पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया और मामले को साफ करने के लिए जो भी वैध दस्तावेज की आवश्यकता होगी, प्रदान करेंगे। पांड्या ने कहा, "मेरे खिलाफ किसी भी कानूनी सीमा को पार करने के सभी आरोप पूरी तरह से निराधार हैं।" कहा जाता है कि हार्दिक पांड्या दुनिया की कुछ सबसे महंगी घड़ियों के मालिक हैं और उनके संग्रह में कथित तौर पर एक पाटेक फिलिप नाटिलस प्लेटिनम 5711 शामिल है, जिसकी कीमत लगभग ₹5 करोड़ है।

Edited By: Vikash Gaur