नई दिल्ली, जेएनएन। एंडी फ्लावर ने 12 साल तक इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के साथ जुड़े रहने के बाद उससे अगल होने का फैसला किया। इंग्लैंड क्रिकेट के साथ उन्होंने जितना भी वक्त बिताया उस बीच में उन्होंने टीम को कई कामयाबी दिलाई। 

जिम्बाब्वे के इस पूर्व बल्लेबाज को साल 2007 में पीटर मूर्स के साथ इंग्लैंड क्रिकेट टीम का सहायक कोच बनाया गया था। इसके दो वर्ष के बाद वो टीम के हेड कोच नियुक्त कर दिए गए। फिर 2014 में वो यंग लायंस के साथ जुड़ गए। एंडी फ्लावर के चीफ कोच रहते हुए इंग्लैंड की टीम को कई बड़ी सफलता मिली। इस दौरान इंग्लैंड की टीम टेस्ट रैंकिंग में दुनिया की नंबर एक टीम बनी। फ्लावर की देखरेख में इंग्लैंड की टीम ने पहली बार साल 2010 में वर्ल्ड टी20 का खिताब जीता। इसके बाद 2010-11 एशेज ट्रॉफी भी इंग्लैंड ने अपने नाम की। भारत की धरती पर भी इंग्लैंड की टीम ने साल 2012-13 में टेस्ट सीरीज जीती। 

इंग्लैंड टीम का साथ छोड़ने के बाद एंडी फ्लावर ने कहा कि ये सचमुच मेरे लिए बेहद खास रहा। साल 2010-11 में में एशेज टेस्ट सीरीज में जो जीत मिली थी वो तो सबसे स्पेशल था। एशेज सीरीज ऑस्ट्रेलिया में जीतना काफी मुश्किल था और हमारी टीम ने ऐसा किया था। ये सच में मेरे कोचिंग करियर का सबसे ज्यादा गर्व करने वाला मौका था। टीम के युवा खिलाड़ियों को उस चुनौती को सफलतापूर्वक लेते देखना काफी सुखद था और ऐसा करने में बहुत समय लगा। 

एंडी फ्लावर में साल 2012-13 में भारत में टेस्ट सीरीज जीतने को लेकर भी अपनी बात कही और बताया कि भारतीय धरती पर टेस्ट सीरीज जीतना अपने आप में बड़ी बात थी। भारतीय कंडीशन में इस तरह की जीत बहुत ही स्पेशल था। 2010 टी20 विश्व कप में जिस तरह से इंग्लैंड की टीम ने आक्रामकता और आजादी के साथ क्रिकेट खेली वो अपने आप में कमाल था। उन्होंने कुछ वक्त के लिए क्रिकेट से ब्रेक लिया है। उनका कहना है कि मैं लंबे वक्त के लिए क्रिकेट से दूर नहीं हो रहा हूं। इसके अलावा उन्होंने इंग्लैंड क्रिकेट टीम के नए कोच क्रिस सिल्वरवुड का समर्थन करते हुए कहा कि मुझे काफी खुशी हो रही है कि क्रिस को ये मौका मिला है और मुझे ऐसा लगता है कि वो टीम के साथ जरूर अच्छा काम करेंगे। 

Posted By: Sanjay Savern

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस