दुबई, प्रेट्र। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आइसीसी) ने इंग्लैंड के पूर्व कप्तान बॉब विलिस के निधन पर शोक जताते हुए उन्हें खेल के सबसे बड़े हीरो में से एक करार दिया। लंबे समय से बीमारी से जूझने के बाद विलिस का इंग्लैंड में 70 साल की उम्र में गुरुवार को निधन हो गया।

आइसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनु साहनी ने वैश्विक संस्था की ओर से शोक जताया। साहनी ने कहा, 'बॉब के निधन की खबर सुनकर हम काफी दुखी हैं और आइसीसी की ओर से मैं उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। बॉब अपने समय के सबसे बड़े क्रिकेट हीरो में से एक थे, एक ऐसे तेज गेंदबाज जिन्हें दुनिया भर में सम्मान मिला। उन्होंने आक्रामकता के साथ इंग्लैंड के गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई की और पिछली सदी के आठवें और नौवें दशक में क्रिकेट देखने वाले लोगों के दिमाग में उनके गेंदबाजी के लिए दौड़ते हुए आने (रन अप) की छवि छपी हुई है।'

विलिस ने 1971 से 1984 के दौरान 90 मैचों के अपने टेस्ट करियर में 325 विकेट चटकाए। साहनी ने कहा, 'ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1981 में हेडिंग्ले टेस्ट में उनकी भूमिका क्रिकेट में सबसे शानदार प्रदर्शन में से एक है। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद प्रसारणकर्ता के रूप में भी उन्हें सराहा गया और खेल के प्रति उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।'

विलिस ने 18 टेस्ट और 29 वनडे अंतरराष्ट्रीय मैचों में इंग्लैंड की कप्तानी की। विलिस ने 1981 में एशेज सीरीज के हेंडिंग्ले टेस्ट में विनाशकारी गेंदबाजी करते हुए करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 43 रन देकर आठ विकेट झटके थे, जिसकी मदद से इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया पर यादगार जीत दर्ज की थी। इंग्लैंड ने यह सीरीज 3-1 से जीती थी और विलिस ने छह टेस्ट मैचों में 22.96 की औसत से 29 विकेट झटके थे।

सदरलैंड में जन्मे इस गेंदबाज ने घरेलू क्रिकेट में सरे की ओर से अपना करियर शुरू किया। इसके बाद वह 12 साल तक वारविकशायर के लिए खेले। उन्होंने 308 प्रथम श्रेणी मैचों में 24.99 की औसत से 899 विकेट अपने नाम किए।

विलिस का सामना करना खतरनाक होता था : कपिल

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने कहा कि इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज बॉब विलिस का सामना करना खतरनाक होता था। कपिल ने कहा कि विलिस एक मात्र ऐसे गेंदबाज थे जिनकी गेंद उन्हें लगी थी। इंग्लैंड के इस पूर्व कप्तान का 70 साल की उम्र में निधन हो गया।

भारत को विश्व कप दिलाने वाले कप्तान कपिल ने कहा, 'वो बहुत तेज गेंद थी, मेरी उम्मीद से ज्यादा तेज। वो गेंद मेरे कान पर लगी थी। वो पहली बार था जब मुझे गेंद लगी थी। विलिस बेहतरीन गेंदबाज थे, उनका रन-अप अलग था। बहुत धाराप्रवाह रनअप नहीं था, लेकिन एक बार गेंद जब उनके हाथ से निकलती तो यह बल्लेबाजों के लिए खतरनाक होती थी। मैंने विलिस को कभी बल्लेबाज पर चिल्लाते नहीं देखा था, ना ही उन्हें कभी अंपायर से झगड़ा करते देखा। वह चाहते थे कि उनकी गेंद बात करे।'

वहीं भारत के एक और पूर्व क्रिकेटर संदीप पाटिल ने कहा कि वह कभी भी विलिस का सामना करने में सहज नहीं रहे। उन्होंने कहा, 'मैं विलिस का सामना करने में कभी भी सहज नहीं रहा। वह बल्लेबाज के दिमाग में अपनी तेजी खौफ पैदा करते थे।'

Posted By: Sanjay Savern

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