रायपुर, जागरण आनलाइन डेस्‍क। उदयपुर में कन्हैया लाल की हत्या की निंदा करते हुए छत्तीसगढ़ के मुस्लिम समाज के प्रमुखों और उलेमाओं (धर्म के जानकार) ने कड़ी निंदा करते हुए हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह घटना पूरी मानवता के लिए शर्म की बात है।

बताया गया कि कन्हैया लाल का हत्यारा पैगंबर का दुश्मन और पूरी मानवता का हत्यारा है क्योंकि कुरान के सूरह अल माइदह में अल्लाह कहता है कि 'जो कोई किसी को मारता है (बिना इसके कि उसने किसी को कत्ल किया हो अथवा जमीन पर फसाद पैदा किया हो) तो उसने पूरी मानवता को मार डाला और जिसने एक जीवन बचाया, उसने सारी मानवता को बचाया। अब इंसान की हत्या को कैसे उचित ठहराया जा सकता है। सीधे तौर पर ये कुरान की शिक्षाओं के खिलाफ है।

पैगंबर और कुरआन की शिक्षा की अनदेखी

काजी-ए-छत्तीसगढ़ अल्लामा सैयद रईस अशरफी जिलानी इदारा-ए-शरिया इस्लामिक कोर्ट, रायपुर, अखिल भारतीय उलेमा और मशाख बोर्ड और विश्व सूफी फोरम के अध्यक्ष हजरत सैयद मोहम्मद अशरफ किछोचवी और अखिल भारतीय उलेमा और मशाख बोर्ड छत्तीसगढ़ इकाई के प्रमुख सचिव नौमान अकरम हमीद ने कहा- जैसा कि कहा जा रहा है कि जिस व्यक्ति की हत्या की गई है, उसने रसूल नुपुर शर्मा का साथ दिया था, जिसके कारण बर्बर और कट्टर दिमाग वाले सिरफिरों ने पैगंबर और कुरान की शिक्षाओं की अनदेखी कर कानून को अपने हाथ में ले लिया। यह एक असहनीय अपराध है, जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है। यह नबी से सीधी दुश्मनी है, जो नबी की मोहब्‍बत के नाम पर की जा रही है।

देश में अशांति पैदा करने की साजिश हो नाकामयाब

समाज प्रमुखों ने इन आरोपियों को सरकार से सख्त से सख्त सजा देने की मांग की और यह भी कहा कि सरकार नूपुर शर्मा को जल्द से जल्द गिरफ्तार करे ताकि युवाओं को बहकाने की साजिश रचने वाले हमारे प्यारे वतन में अशांति फैलाने की साजिश में कामयाब न होने पाए। इन बदमाशों, जो खुद को दावते इस्लामी के सदस्य कहते हैं, की जांच होनी चाहिए कि उन्हें इस तरह की क्रूरता का विचार और शिक्षा किसने दी, कौन लोग हैं जो देश की शांति को नष्ट करना चाहते हैं।

Edited By: Babita Kashyap