यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Sukma Naxal Attack: छत्तीसगढ़ के सुकमा में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में तीन जवान बलिदान, 14 घायल
Sukma Naxal Attack छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में मंगलवार को पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ ...और पढ़ें

Sukma Naxal Attack: सुकमा, जेएनएन। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में मंगलवार को पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में तीन जवान बलिदान हो गए, जबकि 14 जवान घायल हो गए हैं। सभी घायल जवानों को एयरलिफ्ट कर लिया गया है और इलाज के लिए रायपुर लाया जा रहा है। पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जगरगुंडा थाना के टेकलगुड़ेम गांव में हुई है। बीते चार घंटों से मुठभेड़ जारी है।
टेकलगुड़ेम गांव में नया पुलिस कैंप खोला गया है। यहां से कोबरा, एसटीएफ और डीआरजी के जवान जोनागुड़ा-अलीगुड़ा क्षेत्र में सर्चिंग के लिए निकले थे। इसी दौरान घात लगाए नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई में नक्सली भाग खड़े हुए।
इस मुठभेड़ में 14 जवान घायल हो गए हैं, जबकि चार जवानों की हालत गंभीर बताई जा रही है। बता दें कि वर्ष 2021 में टेकलगुड़ेम के जंगल में हुए पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में 23 जवान बलिदान हुए थे।
बता दें कि चिंतागुफा क्षेत्र में सक्रिय रहे दो महिलाओं सहित तीन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें से एक महिला पर एक लाख रुपये का इनाम था। शनिवार शाम को सीआरपीएफ 50वीं बटालियन के अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
सीआरपीएफ के द्वितीय कमान अधिकारी दुर्गाराम ने बताया कि पुलिस के पूना नर्कोम अभियान से प्रभावित होकर आरपीसी जनताना सरकार अध्यक्ष दूधी सुकड़ी (53), दूधी देवे (38) और माड़वी हड़मा (26) ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें से दूधी देवे पर एक लाख रुपये का इनाम था। तीनों को प्रोत्साहन राशि दी गई और शासन की पुनर्वास नीति योजना का लाभ दिया जाएगा। इस दौरान डिप्टी कमांडेट कफील अहमद, उत्तम प्रताप सिंह भी उपस्थित थे।
