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    Raipur News: ट्रकों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर खरीद-ब्रिकी करने के मास्टरमाइंड समेत पांच गिरफ्तार

    By Jagran NewsEdited By: Sachin Kumar Mishra
    Updated: Tue, 29 Nov 2022 09:12 PM (IST)

    Raipur News ट्रकों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर खरीद-ब्रिकी करने के मास्टरमाइंड समेत पांच अन्य लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 20 ट्रक जब्त किए गए हैं। इस मामले में अब तक 11 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।

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    रायपुरः ट्रकों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर खरीद-ब्रिकी करने के मास्टरमाइंड समेत पांच गिरफ्तार। फाइल फोटो

    रायपुर, जेएनएन। Raipur News: ट्रकों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर खरीद-ब्रिकी करने के मास्टरमाइंड समेत पांच अन्य लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 20 ट्रक जब्त किए गए हैं। इस मामले में अब तक 11 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है तथा कुल 40 ट्रक जब्त किए गए हैं। मामले का मास्टरमाइंड नागेंद्र कुमार सिन्हा निवासी सोहगीगोड़, पटना (बिहार) फरार था। उसे भी अब पकड़ा गया है।

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    ट्रांसपोर्टरों के नाम पर ट्रक लीज पर लेता था

    मुजफ्फरपुर निवासी सत्येंद्र कुमार के साथ मिलकर बड़े ट्रांसपोर्टरों के नाम पर ट्रक लीज पर लेता था। ट्रकों को छत्तीसगढ़ लाकर चेचिस नंबर बदला जाता था और फिर नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, यूपी व एमपी के आरटीओ एजेंटों के माध्यम से फर्जी दस्तावेज बनाकर बेच दिया जाता था। पुलिस ने पहले इस मामले में छह लोगों को पकड़ा था। नागेंद्र के साथ पुलिस ने सिद्धांत कुमार सिंह बंडोहपर थाना गौड़ीचक पटना, चरणजीत निवासी अशोक चौक राममनोहर लोहिया लाईब्रेरी नागपुर (महाराष्ट्र), गिरीश कोटवानी निवासी आदर्श कालोनी अकोला (महाराष्ट्र), अवनींद्र सिंह उर्फ मधुर निवासी प्रताप विला पुरानी बस्ती कोहका थाना सुपेला (दुर्ग) को भी गिरफ्तार किया है। यह गिरोह अब तक जालसाजी कर 283 ट्रक बेच चुका है।

    सब के काम बंटे थे

    नागेंद्र कुमार सिन्हा: इसका काम लीज पर ट्रक देने वाले मालिकों को सत्येंद्र तक पहुंचाना था। इसके एवज में वह प्रत्येक ट्रक दिलाने के नाम पर 10 हजार कमीशन लेता था।

    चरणजीत: आरोपित आटो डीलर का काम करता है। इसका नेटवर्क दूसरे राज्यों में फैला था। यह फर्जी दस्तावेज के सहारे ट्रकों को बेचने का काम करता था।

    गिरीश कोटवानी: इसका नार्थ ईस्ट में सीधा संपर्क है, जहां से वह फर्जी दस्तावेज, इंजन नंबर, चेचिस नंबर को बदलवाने का काम करता था।

    अवनींद्र सिंह उर्फ मधुर: यह आरटीओ एजेंट है। आरटीओ कार्यालय से फर्जी दस्तावेज तैयार करवाने का काम करता था।

    सिद्धांत कुमार सिंह: इसका भी काम ट्रांसपोर्ट का है। यह गाड़ियों को बिकवाने में मदद करता था। इसके बदले में कमीशन लेता था।

    स्कूल में शिक्षक है नागेंद्र, सात लाख रुपये नकदी जब्त

    आरोपित नागेंद्र ने अंग्रेजी से एमए किया है। वह एक निजी स्कूल में पढ़ाता था। उसके पास से सात लाख 50 हजार रुपये जब्त किए गए हैं। इसके अलावा एक कार, एक लैपटाप, आठ मोबाइल सहित ट्रकों का आरसीबुक, सहमति पत्र, कागजात व हिसाब-किताब का रजिस्टर व डायरी जब्त किया गया है।

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