रायपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि : माय सिटी माय प्राइड फोरम में लिए गए फैसले को अब ठोस कदम के रूप में बढ़ाया जाएगा। रायपुर के सबसे पुराने सब्जी मार्केट में गंदगी के मुद्दे पर प्रबुद्धजनों व स्थानीय प्रतिनिधियों ने गंभीरता दिखाई है। वहां सफाई का फैसला पहले ही ले लिया गया था, शुक्रवार को 'नईदुनिया' दफ्तर में आयोजित राउंड टेबल कॉन्फ्रेस में नये साल से पहले इस मार्केट में गंदगी कम करने के लिए कदम उठाने पर सहमति मिली है। इस पर अमलीजामा पहनाने के लिए सुझाव भी मिले हैं।

सब्जी मार्केट में स्वच्छता के लिए प्रबुद्धजनों ने यहां आपसी सहभागिता से डस्टबिन या फिर प्लास्टिक का डिब्बा रखवाया जाएगा। मार्केट में व्यापारियों को एक डिब्बा रखना अनिवार्य किया जाएगा ताकि कोई भी कचरा इधर-उधर न फेंके। पहले जागरुक किया जाएगा और बाद में यदि कोई इसके इतर काम करते हैं। तो उस पर जुर्माने का प्रावधान भी किया जा सकता है। 

साफ-सफाई हो पहली प्राथमिकता
थोक सब्जी व्यवसायी संघ, डूमरतराई के अध्यक्ष टी श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि हमने श्रीराम थोक सब्जी मंडी डूमरतराई में व्यापारियों के सहयोग से यहां साफ-सफाई का खुद मुद्दा उठाया। यहां देखकर नहीं लगता है कि यह सब्जी मार्केट है। रेड्डी ने कहा कि नगर निगम के क्षेत्र में आने वाली इस सब्जी मार्केट से कचरा हटाकर यहां यदि प्लांटेशन कर दिया जाएगा। यहां पर उनका पूरा सहयोग रहेगा।

उन्होंने कहा कि शास्त्री बाजार में इतनी चिल्हर मंडियां जिससे आए दिन यहां वाहनों की आवाजाही से भी यातायात प्रभावित हो जाता है। इलाके में पेयजल और साफ-सफाई प्रमुख मुद्दा है। लोगों को जागरूक करके यहां स्वच्छता फैलाने की जरूरत है। इसमें व्यापारियों को सहयोग देना चाहिए और उनकी प्राथमिकता में साफ-सफाई होना चाहिए । शास्त्री मार्केट में रात के दौरान सफाई करवाने की योजना बननी चाहिए।

जुर्माना बाद में पहले जागरूकता पर हो जोर
बाबू जगजीवन राव वार्ड के पार्षद पति सुनील बांद्रे ने कॉन्‍फ्रेंस में कचरा फेंकने वालों के खिलाफ जुर्माने के मुद्दे पर कहा कि सब्जी लगाने वाले ज्यादातर छोटे ही व्यापारी हैं , इसलिए उन पर जुर्माना लगाना उचित नहीं होगा। पहले उन्हें समझाया जाये। उन्हें प्रेरित करने व जागरूक करने की जरूरत है इसके बाद जुर्माने की बात सोची जानी चाहिए। पार्षद पति ने कहा कि साफ-सफाई के अलावा बारिश के दिनों में यहां से पानी निकासी के लिए सुविधा नहीं है। नालियां बजबजाती हैं इससे मार्केट गंदगी होती है। नगर निगम ने जिन मंडियों को यहां से हटाया उनका मलवा अभी तक नहीं हट पाया है। यह भी सिरदर्द बना हुआ है।
हर व्यापारी के सामने हो डस्टबिन
आइटी बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सीए चेतन तारवानी ने सुझाव दिया कि सभी व्यापारी और स्‍थानीय प्रतिनिधि मिलकर सबसे पहले व्यापारियों को एक-एक डस्टबिन दिलाने के लिए प्रयास करें। उनका कहना है कि कोई जरूरी नहीं है कि खर्चीला डस्टबिन हो, कम बजट में यहां प्लास्टिक का डिब्बा भी रखकर काम चलाया जा सकता है। जो भी व्यापारी यहां सब्जी बेचता है उसके लिए लाइसेंस जरूरी रहता है, इसके साथ में यह भी अनिवार्य कर देना चाहिए कि डस्टबिन वह स्वयं का रखेगा। ऐसा होगा तो वह अपने डस्टबिन की सुरक्षा भी करेगा।

तारवानी का कहना है कि इस पहल पर वे जनप्रतिनिधियों व व्यापारियों के साथ हैं। कुछ समाजसेवी संगठनों से मिलकर भी या थोक व्यापारियों से कम रेट पर डस्टबिन की व्यवस्था कराने के लिए पहल की जा सकती है। यदि मार्केट में डस्टबिन होगा तो कोई भी व्यक्ति इधर-उधर गंदगी नहीं करेगा।

स्कूलों में भी हो साफ-सफाई
सेवानिवृत्त अधिकारी व सप्रेशाला में नि:स्वार्थ भाव से बच्चों को विद्यादान कर रहे विद्यापति शुक्ला ने कहा कि स्कूलों में प्रिंट रिच वातावरण बनाने की जरूरत है। बच्चे स्कूल परिसर में जाएं तो उनको खुशनुमा माहौल मिले लेकिन नगर निगम की स्कूलों की दुर्दशा देखकर दुख होता है। उन्होंने कहा कि सप्रे शाला स्कूल के परिसर में जब्ती गाड़ियां और कारें पार्किंग हो रही हैं, बच्चों को अपने ही स्कूल परिसर में स्वच्छंद होकर खेलने और कूदने के लिए जगह तक नहीं है। स्मार्ट सिटी की बात करने वाले निगम अफसरों को स्कूलों को भी स्मार्ट रखने की ओर ध्यान देने की जरूरत है।

By Krishan Kumar