राजधानी रायपुर में स्मार्ट सिटी का कांसेप्ट भले ही बाद में आया, लेकिन यहां पांच साल पहले केनाल रोड पर बनाए गए फुटपाथ स्मूथ ट्रैफिक सिस्टम बनाने में कारगर साबित हो रहे हैं। घड़ी चौक से लेकर गांधी उद्यान तक नजारा देखा जा सकता है। स्मूथ ट्रैफिक प्लानिंग के हिस्से में यह प्रयोग नया रायपुर में अव्वल दर्जे का साबित हो सकेगा। प्रमुख अभियंता एनआरडीए सलील श्रीवास्तव फुटपाथ और सड़क निर्माण की प्लानिंग में शुरू से शामिल रहे हैं, जो अब दूसरे विकास कार्यों की प्लानिंग पर काम कर रहे हैं।

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अभियंता श्रीवास्तव के बताए अनुसार मंत्रालय जाने के मुख्य मार्ग के दोनों तरफ करीब 10 किमी एरिया में निर्माण पूरा हुआ है। प्रदेश का पहला ऐसा शहर बनकर उभरा है, जहां साइकिल ट्रैक की व्यवस्था पूरी हुई है। यह ट्रैक नया रायपुर आने वाले और यहां बसने वाले लोगों को साइकिल चलाने की प्रेरणा देगा। रायपुर में ट्रैफिक का दबाव देखते हुए दीर्घकालीन योजना बनाकर नया रायपुर में प्रयोग किए हैं। उनका कहना है कि 2015 से फुटपाथ की सौगात देने के लिए कवायद तेज की गई थी। इस निर्माण से एक ओर बीआरटीएस पर तेजी से भागती गाड़ियों के बीच आम लोगों को आराम से अलग लेन पर चलने की सुविधा होगी। साइकिल चलाने का अवसर भी बना है।

बीआरटीएस की हिस्सा
साइकिल ट्रैक और पैदल मार्ग बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (बीआरटीएस) का हिस्सा है। रायपुर से नया रायपुर के बीच इस सिस्टम के लिए बनाए गए मार्ग पर एक लेन सुरक्षित है। 100 से 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली बस परिवहन की सुविधा मुहैया कराई गई है। अन्य लेन पर दूसरी चारपहिया और दोपहिया गाड़ियां चलेंगी। साइकिल और पैदल चलने वालों के लिए अलग मार्ग बनाने पर हादसों का खतरा भी न के बराबर रहेगा।

तीन फीट दूर बन रहा ट्रैक
साइकिल ट्रैक बीआरटीएस मार्ग से करीब तीन फीट दूर है। वहीं सड़क से ऊंचाई पर निर्माण किया गया है। यह गैप इसलिए दिया गया है, जिससे मोटर गाड़ियों से दूरी बनी रहे, ताकि जोखिम कम हो सके। इंजीनियर श्रीवास्तव ने बताया कि ट्रैक को मुख्य मार्ग से अलग करने के लिए कंक्रीट की दीवार बनाई गई है।

शहर को भी जरूरत
केनाल रोड में फुटपाथ के प्रयोग के बाद दूसरी सड़कों के लिए भी जरूरतें बढ़ गई हैं। शास्त्री चौक, जय स्तंभ चौक, घड़ी चौक, कचहरी चौक, फाफाडीह चौक, राम सागर पारा, राठौर चौक, केके रोड, तात्यापारा के हिस्से में परेशानी देखी जा सकती है। गाड़ियों के हिसाब से सड़कों की चौड़ाई कम हो गई है। ट्रैफिक का मास्टर प्लान बनाने वाली कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में यहां भी व्यस्त सड़कों के किनारे साइकिल ट्रैक और पैदल मार्ग की सिफारिश की थी। कुछ सड़कों पर पैदल मार्ग तो बन गया, लेकिन साइकिल ट्रैक बनाने की कोशिश इसलिए नहीं की गई, क्योंकि इन मार्गों के किनारे जगह भारी कमी रह गई है।

नया रायपुर में ऐसे हुआ निर्माण
फेस वन - 75 किलोमीटर सड़क निर्माण
फेस टू- 40 किलोमीटर सड़क निर्माण
फेस थ्री- 33 किलोमीटर सड़क निर्माण

- सलील श्रीवास्तव, एनआरडीए के प्रमुख अभियंता हैं।

By Krishan Kumar