रायपुर,नईदुनिया प्रतिनिधि : शहर को बेहतर बनाने के लिए दिव्यांगो को सर्वसुविधा युक्त छात्रावास, शहर की कोई भी खाली जगह में उद्यान बनाने और शास्त्री बाजार में कचरा, बदबू से मुक्ति के लिए लोगों को स्वयं जागरूक होना होगा। 'माय सिटी माय प्राइड' फोरम में हुए फैसलों की समीक्षा के दौरान ये विचार आए। राउंड टेबल कांफ्रेंस में फोरम में लिए गए फैसलों की समीक्षा कर इसे बेहतर तरीके से लागू करने पर सुझाव दिए गए। फोरम में फैसला हुआ था कि रायपुर में दिव्यांगों के लिए हॉस्टल बनाया जाए।

साथ ही शास्त्री बाजार में सफाई का जिम्मा लेकर कारोबारियों को जागरुक करने का संकल्प लिया गया है। शिक्षा के सिस्टम को दुरुस्त करने और अभावों को दूर करने पर भी प्रस्ताव मिले हैं। बुधवार को इन सभी बिंदुओं पर नईदुनिया कार्यालय में समीक्षा रखी गई। 

दिव्यांगों के लिए हॉस्टल बनना तय, बने तो ऐसा हो...
- शहर के ऐसे हिस्से में बनाया जाए जहां दिव्यांगों को आवा-जाही में न हो परेशानी
- दिव्यांगों की सभी श्रेणीयों से संबंधित सुविधाएं हो छात्रावास में उपलब्ध
- ब्रेनलिपि, साइन मार्क, वाइस कम्प्यूटर और अन्य सुविधाओं की सामग्री हो उपलब्ध
- सुरक्षा के लिए हो बेहतर व्यवस्था, साइन लैंग्वेज वाले प्रशिक्षक छात्रावास में 24 घंटे रहें
शास्त्री बाजार की गंदगी को ऐसे करें दूर
- व्यापारियों को जागरूक करें ताकि पसरी गंदगी को आसानी से दूर किया जा सके
- बची हुई सब्जियों को गौशाला में भेज कर बेसहारा पशुओं की देखरेख की दिक्कत दूर की जाए।
- गंदगी करने पर व्यापारियों पर कड़ी से कड़ी हो कार्रवाई
- निगम के दो कर्मचारी शास्त्री बाजार में हों तैनात, जो गंदगी करे उस पर हो तत्काल जुर्माना
ये फैसले भी जल्द लागू हों
-पुलिस से आम आदमी जुड़ सके इसके लिए पुलिस मित्र की व्यवस्था तत्काल शुरू की जाए
-शांति समिति के लिए हर दो माह में हो बैठक, बहुत से सुझाव सामने आएंगे।
- छोटे-छोटे समूह बनाकर नशे के प्रति बच्चों को किया जा सकता है जागरूक
दिव्यांग हॉस्टल में सुविधा का रखें ख्याल
दिव्यांगो के लिए ऐसी जगह में छात्रावास बनाए जाएं जो शहर के लिए समीप हो ताकि उन्हें आने-जाने में असुविधा न हो। इसके अलावा शास्त्रीबाजार को हाइटेक बनाया जाए। वहां सब्जियों के रखने की व्यवस्था, गाड़ियों के आने- जाने का निर्धारण कर दिया जाए। साथ ही व्यापारियों पर भी गंदगी फैलाने पर कार्रवाई की जाए। रही बात उद्यानों की तो शहर के हृदय स्थल में स्थित गांधी उद्यान को संवारा जाए। इसमें तमाम प्रकार की सुविधा मुहैया करवाई जाए। नशे के आदी हो रहे बच्चों को खेल से जोड़ा जाए, वे अपने आप ही हो नशे से दूर हो जाएंगे।
-मुश्ताक अली प्रधान (जोनल सेक्रेटरी, छत्तीसगढ़ फुटबाल संघ)

नरैया तालाब को क्यों न संवारें?
बात उद्यानों की तो नरैया तलाब सबसे बेहतर उद्यान है। प्रशासन की उदासनीता की वजह से ये विकसित नहीं हो पाया लेकिन इसे बेहतर बना कर जन-जन के उपयोगी होगा। वहीं दिव्यांगों को असहाय नहीं समझा जाए बल्कि उनके लिए बनाए जा रहे छात्रावास को रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय या फिर किसी एजुकेशनल हब के समीप बनाया जाए ताकि उन्हें शिक्षा लेने में सुविधा मिल सके। शास्त्री बाजार के कारोबारियों को जागरूक करने का सिलसिला जल्द प्रारंभ हो, जिससे नतीजे आएंगे।
-पुरूषोत्तम मिश्रा, सदस्य स्मार्ट सिटी

थानों में भी मिले दिव्यांगों को सुविधा
पुलिस थानों में दिव्यांगो की शिकायत दर्ज करने के लिए एक साइन लैंग्वेज वाला विशेषज्ञ हो ताकि उन्हें अपनी समस्या बताने में तकलीफ न हो। इसी तरह महिला सुरक्षा के लिए केवल पुलिस मित्र का सिस्टम पर्याप्त नहीं होगा। बल्कि लोगों को जागरूक होना होगा। शांति समिति की बैठक हर दो माह में होगी, यह फैसला अच्छा है। इससे पुलिस और जनता के बीच दूरी खत्म होगी।
-सीमा छाबड़ा, डायरेक्टर कोपलवाणी दिव्यांग संस्था

महिला सुरक्षा की अलग व्यवस्था हो
14 साल हो गया दिव्यांगों की शिक्षिका की भूमिका में, लेकिन आज तक किसी भी शासकीय विभाग में उनके लिए अलग से व्यवस्था नहीं देखने को मिली। विभागों को ही नहीं पता है कि दिव्यांगो को आखिर क्या चाहिए। उनसे जुड़ी सभी चीजों को समझ कर ही छात्रावास का निर्माण हो। इसके अलावा महिला सुरक्षा के अलग से व्यवस्था की जाए
-पद्मा शर्मा प्राचार्य, कोपलवाणी प्राचार्य

टिकरापारा का नरैया गार्डन ही सबसे उपयुक्त, जनता को मिलेगी अच्छी जगह
महापौर ने किसी भी उद्यान को संवारने के लिए 15 लाख देने की घोषणा की है। कॉन्‍फ्रेंस में इस बात पर जोर दिया गया कि टिकरापारा स्थित नरैया गार्डन का चयन इसके लिए किया जाए। यह गार्डन 13 सौ मीटर में फैला हुआ है। यह वही गार्डन है जहां नागरिकों द्वारा हर दिन राष्ट्रगान के साथ तिरंगा फहराया जाता है।

यह गार्डन सुधार दिया जाए तो रोजाना नागरिकों की संख्या बढ़ जाएगी। यहां भी जिम से जुड़े उपकरण, बच्चों के लिए झूला सहित अन्य सुविधा मुहैया करवानी चाहिए। रही बात शास्त्री बाजार की तो यहां गंदगी के सबसे बड़े जिम्मेदार वहां के खुद लोग हैं। जो सड़ी हुई सब्जी खुली जगह में फेंक देते हैं, जहां जानवरों का जमावड़ा रहता है। इसके लिए वहां के सब्जी दुकान संचालक चाहें तो जो सब्जी खराब हो गई है तो उसे जगह डस्टबिन में रखें। इसके बाद निगम उस खराब सब्जी को शहर के अलग-अलग जगहों पर बनाए गए कांजी हाऊस में जानवरों के लिए दिया जा सकता है।

नया रायपुर दिव्यांगों के लिए बेहतर
दिव्यांगों के लिए हॉस्टल बनाने के लिए अगर सबसे सही जगह मानी जाए तो नया रायपुर है। वजह आगामी कुछ वर्षों में शहर उसी ओर बढ़ेगा। हॉस्टल के साथ इनके लिए सुरक्षा व्यवस्था सबसे अहम है। इसके लिए अलग से जिम्मेदार अधिकारी बनाए जाएं। जो उनकी बात समझ सकें।
- सुभाष सिंह (भारतीय जीवन बीमा निगम)

पार्ट टाइम शिक्षक भी बढ़ाएं शिक्षा में रुचि
स्कूल शिक्षा में बहुत कुछ करने की जरूरत है। अभी हायर सेकंडरी तक के बच्चों को ठीक से हिंदी तक नहीं आती, अंग्रेजी दूर की बात। उसकी वजह साफ है कि शिक्षक और बच्चों के बीच लगाव नहीं होना और बढ़ाने का तरीका, समझाने का तरीका। शिक्षक बच्चों को अंग्रेजी हो या कोई और विषय विद्यार्थियों के लाइफ स्टाइल और अलग-अलग तरीके से सिखाएं। वहीं शिक्षक और अभिभावक बच्चे के अंदर कितना टैलेंट है यह समझें। अभी कक्षा आठवीं तक उत्तीर्ण करने के नियम के कारण ही बच्चे पढ़ाई नहीं करते। परीक्षा के दो दिन पहले गाइड से पढ़कर रटंतविद्या से पास तो हो जाते हैं, मगर भविष्य में आगे नहीं बढ़ पाते।
-विद्यापति शुक्ला (शिक्षाविद्)

नशे के आदी बच्चों दिखाएं दुनिया
स्कूल-कॉलेज हर जगह शिक्षा तो दी जाती है, पर हकीकत पता नहीं होता। अगर बच्चों को जेल का जीवन दिखाए जाए, तो उन्हें समझ में आएगा कि वहां जीवन दूभर है। अभी तो फिल्मों में जेल का जीवन आलीशन बताया जाता है। इसी तरह बच्चों को अस्पताल का भ्रमण भी करवाया जाए तो उन्हें कई जानकारी मिल सकेगी। हादसे के शिकार लोगों से मिलेंगे तो गाड़ी चलाते वक्त अनुशासित रहेंगे। इसी तरह स्कूल शिक्षा में बच्चों के इतिहास और संविधान के बारे में जरूर पढ़ाया जाए। दूसरी ओर नगर निगम अगर गार्डन बनाना चाहता है तो गीतांजली नगर साईं मंदिर के पास एक बहुत पुराना पार्क है। वहां अंदर घुसना बेहद खतरनाक है। आस-पास के लोगों ने कई बार सफाई की मांग की लेकिन आश्वासन के बाद स्थिति जस की तस बनी हुई है। इसे संवारा जा सकता है।
-अनुराग दीक्षित (शिक्षक)

26 सितंबर के फोरम में हुए फैसले व क्रियान्वयन की दशा

01. दिव्यांग हॉस्टल की फाइल चली
फोरम में लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत ने सबसे बड़ी घोषणा की थी कि रायपुर में दिव्यांगों के लिए एक सरकारी हॉस्टल बनाया जाएगा। यह सभी तरह से सर्वसुविधायुक्त और हाइटेक होगा। इसका एक औपचारिक प्रस्ताव मूणत ने समाज कल्याण विभाग को भेजा है। इसके आधार पर विस्तार से इसका प्लान तैयार होगा।
02. गार्डन को संवारने के लिए मिले 15 लाख
रायपुर के महापौर प्रमोद दुबे ने फोरम में कहा है कि जनता एक उद्यान का चयन कर लें, जिसका विकास किया जाना है अथवा सूरत संवारनी है। उसके लिए वे महापौर निधि से 15 लाख रुपये देंगे। इसके लिए आज की बैठक में सुझाव आए।
03. शास्त्री मार्केट की बदलेगी छवि
रायपुर की मुख्य सब्जी मंडी है शास्त्री मार्केट। थोक मंडी के श्रीनिवास रेड्डी ने वहां के कारोबारियों व पार्षद की मदद से इलाके में सफाई के प्रति जागरूकता का संकल्प लिया है। चुनाव के कारण काम रुका हुआ है। इसी क्रम में सरकारी स्कूलों से कचरा उठाने का आदेश फोरम होने के चौबीस घंटे के भीतर जारी कर दिया गया।
04. इंफ्रा
-शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल आंबेडकर अस्पताल में ऑटोमोबाइल संघ ने स्ट्रेचर और ह्वील चेयर मुहैया कराने का संकल्प लिया है। संघ इसके लिए प्रयासरत है।
-महिला थाना से छोटापारा गौरव पथ योजना दूसरे चरण में लेने प्रक्रिया शुरु करेंगे। निगम के दूसरे चरण के प्लान में शामिल किया गया है।
- जेपी पांडे सरकारी स्कूल में टायलेट बढ़ाने का प्रस्ताव मंजूर। निगम ने स्कूल से प्रस्ताव मंगाया है। प्राचार्य ने बताया है कि इसके लिए नया प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा।
05. हेल्थ
- रायपुर के आसपास के अस्पतालों में बढ़ाएंगे स्टाफ। सभी सरकारी अस्पतालों के स्टाफ का किया जाएगा आकलन।
- शहर के स्वास्थ्य केंद्रों को करेंगे मजबूत। इसके लिए बजट का प्रावधान होगा और फिर सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।
- मैसूर की संस्था से अनुबंध कर जल्द ही देंगे स्पीच थैरेपी का प्रशिक्षण
06. शिक्षा
-सरकारी स्कूलों में भी पैरेंट्स-टीचर मीटिंग होगा अनिवार्य। साथ ही अंग्रेजी की दशा सुधारने के लिए एक गैर-सरकारी संस्था ने किट मुहैया कराने की बात कही है।
- सेवा भावना से स्कूलों में जाकर बच्चों को पढ़ाने के इच्छुक लोगों के लिए एप जल्द। कुछ लोगों ने इसमें सहयोग की इच्छा जाहिर कर दी है।
07. सेफ्टी
- पुलिस मित्र जैसे समूहों का थाना स्तर पर गठन की प्रक्रिया शुरु होगी।आईजी दीपांशु काबरा ने प्रस्ताव मंगाया है, विधानसभा चुनाव के बाद लागू होगा।
-शांति समिति की बैठकें हर दो माह में करने पर सहमति बनी। इस पर भी आईजी ने प्रक्रिया शुरु कर दी है।
- साइबर ठगी के शिकार की मदद के लिए थाने के अमल को देंगे प्रशिक्षण। इस पर विभाग सहमत है। जल्द कदम उठाए जाएंगे।
-बच्चों को नशामुक्त करने व हेलमेट के लिए पुलिस का डियर जिंदगी अभियान घर-घर पहुंचेगा। रायपुर पुलिस काम शुरु कर चुकी है, अभी चुनाव के कारण अभियान थमा है।

By Krishan Kumar