रायपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि : लोक निर्माण विभाग रायपुर में दिव्यांगों के लिए एक बड़ी सौगात देने जा रहा है। विभाग के मंत्री राजेश मूणत ने 'माय सिटी माय प्राइड' फोरम में घोषणा की थी कि राजधानी में दिव्यांगों के लिए सर्वसुविधायुक्त सरकारी हॉस्टल बनाया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने समाज कल्याण विभाग को पत्र जारी कर प्रस्ताव बनाने का आग्रह किया है। इसके आधार पर समाज कल्याण विभाग द्वारा हॉस्टल का प्रस्ताव बनाया जाएगा। इसी प्रस्ताव को आगे बढ़ाते हुए संभव है कि लोक निर्माण विभाग ही हॉस्टल का निर्माण करेगा। मूणत ने लिखे पत्र में समाज कल्याण विभाग के अफसरों को निर्देश दिया है कि हॉस्टल को दिव्यांगों के अनुकूल सर्वसुविधायुक्त बनाया जाए। 

राजनांदगांव में दिव्यांगों के लिए एक निजी संस्थान की मदद से फ्रेंडली कॉम्प्लेक्स बनकर तैयार है। मंत्री ने कहा- इससे कहीं ज्यादा बेहतर कॉम्प्लेक्स रायपुर में बनाया जाएगा। इसके लिए शहर के भीतर या फिर आउटर में जगह सुनिश्चित करके प्रक्रिया तेज की जाएगी। दिव्यांगों की सुविधा के लिए केंद्र व राज्य शासन ने नियम तय किए हैं। इसके तहत निर्माण किया जाएगा। वैसे भी केंद्र सरकार राज्यभर में पुरानी इमारतों का सर्वे करा रही है। खामियां उजागर होने पर फिर से निर्माण करने के लिए कहा जा रहा है। दिव्यांगों के लिए नियमों के मुताबिक नए कॉम्प्लेक्स का निर्माण होगा।

एक तरह से शहर में यह कॉम्प्लेक्स दूसरे राज्यों के लिए आदर्श बनेगा। लोक निर्माण विभाग व समाज कल्याण विभाग के संयुक्त प्रयास से योजना पूरी की जाएगी। 'माय सिटी माय प्राइड' के फोरम में प्रस्ताव आया था कि रायपुर में दिव्यांगों के लिए सरकारी हॉस्टल नहीं है, इसकी कमी दूर की जाए। मंत्री मूणत ने इस पर तत्काल अपनी सहमति दी थी। अब उसी के अनुरूप इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

फोरम के इन सुझावों पर भी काम हुआ तेज

  • तमाम हिस्सों में विकास कार्य की योजना में स्थानीय लोगों की राय ली जाएगी। कार्य समिति की बैठक में एजेंडा होगा शामिल।
  • भीड़भाड़ वाले हिस्सों में पैदल चलने वालों के लिए सब-वे बनाने के लिए शुरू किया जाएगा सर्वे। जरूरत के हिसाब से निर्माण कार्य किए जाएंगे।
  • सीनियर व रिटायर्ड अधिकारियों के सुझाव भी लिए जाएंगे। विभाग लिखित में लेगा सुझाव। समस्या सामने आने पर बदलाव भी।

60 भवनों में केंद्र सरकार के लिए सर्वे रिपोर्ट
दिव्यांग फ्रेंडली माहौल नहीं होने का मुद्दा नईदुनिया की राउंड टेबल कांफ्रेंस में उठाया गया था। केंद्र सरकार के आदेश पर एक समाजसेवी संस्था द्वारा राज्यभर में सरकारी कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया गया है। बता दें कि पहले चरण में 35 भवनों में सर्वे करने के बाद हर जगह खामियां सामने आईं। दिव्यांगों के लिए चलने रैंप और फिर सुविधायुक्त टॉयलेट तक का अभाव मिला। अब केंद्र सरकार ने बजट में राशि का प्रावधान कर व्यवस्था सुधारने निर्देश दिए हैं। लोक निर्माण विभाग को जिम्मा सौंपा गया है। इसकी प्रक्रिया भी चल रही है।

By Krishan Kumar