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    सीएम साय की विदेश रणनीति रंग लाई, बस्तर में आएगी रोजगार और स्वरोजगार की बहार

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 12:50 PM (IST)

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने दस दिवसीय जापान और दक्षिण कोरिया प्रवास के बाद देर रात नई दिल्ली लौट रहे हैं और कल दोपहर वे रायपुर पहुंचेंगे। यह विदेश यात्रा केवल एक कूटनीतिक दौरा भर नहीं थी बल्कि इसे छत्तीसगढ़ के भविष्य की दिशा तय करने वाला कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस प्रवास के दौरान निवेशकों और उद्योगपतियों से संवाद किया।

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    विदेश दौरे से आज देर रात लौटेंगे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री

    डिजिटल डेस्क, रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने दस दिवसीय जापान और दक्षिण कोरिया प्रवास के बाद देर रात नई दिल्ली लौट रहे हैं और कल दोपहर वे रायपुर पहुंचेंगे। यह विदेश यात्रा केवल एक कूटनीतिक दौरा भर नहीं थी, बल्कि इसे छत्तीसगढ़ के भविष्य की दिशा तय करने वाला कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस प्रवास के दौरान न केवल निवेशकों और उद्योगपतियों से संवाद किया बल्कि छत्तीसगढ़ को एक उभरते हुए निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया।

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    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने टोक्यो और ओसाका में जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (JETRO) सहित कई प्रतिष्ठित औद्योगिक समूहों और संस्थानों से मुलाकात की। उन्होंने राज्य की नई औद्योगिक नीति 2024–30 का विस्तार से उल्लेख करते हुए आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, क्लीन एनर्जी, फूड प्रोसेसिंग और अंतरिक्ष तकनीक जैसे क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर चर्चा की। उनका कहना था कि छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज और इस्पात का राज्य नहीं है, बल्कि यह नवाचार, तकनीक और वैश्विक साझेदारी का नया केंद्र बन रहा है।

    इस दौरे का सबसे अहम परिणाम यह है कि अब छत्तीसगढ़ को केवल खनिज और धान उत्पादन के लिए ही नहीं, बल्कि सेमीकंडक्टर, आईटी और फार्मा जैसे उच्च तकनीकी क्षेत्रों के लिए भी निवेश का गंतव्य माना जाने लगा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि इन बैठकों में बनी सहमतियों को ज़मीन पर उतारा गया तो बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित इलाक़ों के युवाओं को रोज़गार और विकास का नया रास्ता मिलेगा। इससे नक्सल उन्मूलन की लड़ाई को भी सामाजिक और आर्थिक आधार मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस यात्रा से मिले अनुभव और समझौते केवल निवेश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह प्रदेश में युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर भी खोलेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता बस्तर और अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उद्योगों को बढ़ावा देकर युवाओं को रोज़गार देना है। जब रोज़गार और विकास पहुँचेंगे तो नक्सल समस्या स्वतः समाप्त होगी।

    साय ने यह भी उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ को विकसित भारत की दृष्टि से जोड़ते हुए इसे एक नए हब के रूप में स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘विकसित भारत 2047’ का सपना, छत्तीसगढ़ के माध्यम से नई ऊँचाइयों तक पहुँचेगा। यहाँ पर निवेश आएगा, उद्योग लगेंगे, तो न केवल राज्य बल्कि पूरे देश को लाभ होगा।

    मुख्यमंत्री का मानना है कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति निवेशकों को आकर्षित करने के साथ-साथ आम लोगों के जीवन को भी बदलने वाली है। इसमें समयबद्ध सेवाएँ, सरल नियम, महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण और युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान दिया गया है।

    राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से यह यात्रा ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि यह प्रदेश को नई तकनीक, वैश्विक साझेदारी और रोज़गार के अवसरों से जोड़ते हुए स्थायी औद्योगिक ढांचे की नींव रख सकती है।