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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Chhattisgarh News: रावण का पुतला सही से नहीं जलने पर लिपिक निलंबित, चार को नोटिस

By AgencyEdited By: Sachin Kumar Mishra
Published: Fri, 07 Oct 2022 03:31 PM (IST)

Chhattisgarh News रावण का पुतला सही से नहीं जलने पर धमतरी नगर निकाय के एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया ...और पढ़ें

छत्तीसगढ़ में दशहरा पर रावण का पुतला सही से नहीं जलने पर एक कर्मचारी निलंबित, चार को नोटिस
छत्तीसगढ़ में दशहरा पर रावण का पुतला सही से नहीं जलने पर एक कर्मचारी निलंबित, चार को नोटिस

धमतरी, एजेंसी। Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में दशहरा के दौरान रावण का पुतला सही से नहीं जलने पर धमतरी नगर निकाय के एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया, जबकि चार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। धमतरी के रामलीला मैदान में पांच अक्टूबर को दशहरा के दौरान पुतला दहन कार्यक्रम की रावण के सिर बरकरार रहे, जबकि धड़ जलकर राख हो गया। धमतरी में स्थानीय निकाय द्वारा रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

लापरवाही के लिए निलंबित हुआ लिपिक

प्रेट्र के मुताबिक, दशहरा उत्सव के बाद धमतरी नगर निगम (डीएमसी) ने लिपिक राजेंद्र यादव को रावण का पुतला बनाने में कथित लापरवाही के लिए निलंबित करने का आदेश दिया है। आदेश में कहा गया है कि सहायक ग्रेड -3 यादव ने दशहरा उत्सव 2022 के लिए रावण का पुतला बनाने में गंभीर लापरवाही की है, जिससे डीएमसी की छवि खराब हुई है। डीएमसी के कार्यकारी अभियंता राजेश पदमवार ने कहा कि यादव के निलंबन के बाद एक अन्य कर्मचारी समर्थ रणसिंह को उनका प्रभार दिया गया है।

इन्हें जारी किया गया कारण बताओ नोटिस

इसके अलावा चार अधिकारियों सहायक अभियंता विजय मेहरा और उप-अभियंता लोमास देवांगन, कमलेश ठाकुर और कामता नागेंद्र को डीएमसी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, उनने इस संबंध में उनका जवाब मांगा गया है। पदमवार वर्तमान में नगर निकाय प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाल रहे हैं, क्योंकि डीएमसी आयुक्त विनय कुमार पोयम छुट्टी पर हैं। धमतरी के मेयर विजय देवांगन ने कहा कि जिन लोगों को पुतला बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है और अब काम का भुगतान रोक दिया जाएगा।

निगम अधिकारियों के मुताबिक, कथित तौर पर पुतले को बनाने में लगे कारीगर समारोह से पहले मैदान में इसे स्थापित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पुतले के दस सिर जले हुए हैं, जो दर्शाता है कि इसे ठीक से नहीं बनाया गया था।

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