विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 19, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Chhattisgarh: चंद्रपुर में पत्रकार वार्ता में शामिल हुए सीएम बघेल, दिवाली बधाई के साथ दिए कई अहम निर्देश

By Jagran NewsEdited By: Arijita Sen
Published: Wed, 19 Oct 2022 12:51 PM (IST)

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल चंद्रपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में शिकरत की। इस दौरान उन्‍होंने पत्रकारों को दिवाली की बधाई देते ...और पढ़ें

चंद्रपुर में पत्रकार वार्ता में शामिल हुए सीएम बघेल
चंद्रपुर में पत्रकार वार्ता में शामिल हुए सीएम बघेल

रायपुर, जागरण आनलाइन डेस्‍क। छत्‍तीसगढ़ के चंद्रपुर में आज पत्रकार वात्रा का आयोजन किया गया। इसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल हुए। उन्‍होंने कहा कि भेंट-मुलाकात अभियान के दौरान कल मैंने चंद्रपुर विधानसभा के ग्राम मुक्ता, ग्राम साराडीह और चंद्रपुर में लोगों से भेंट-मुलाकात की, लोगों में नए जिले का उत्साह है।

इसी के साथ उन्‍होंने कहा कि दो दिन पहले ही राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण कृषि मजदूर न्याय योजना के अंतर्गत लगभग 1,900 करोड़ रुपए का अंतरण हितग्राहियों के बैंक खातों में सीधे किया गया है। दिवाली के ठीक पहले इस राशि के अंतरण से इस बार भी त्यौहार की रौनक बढ़ी है।

मुख्‍यमंत्री ने इस दौरान सभी पत्रकार साथियों को दीपावली की अग्रिम बधाई भी दी।

सीएम ने फसलों की खरीदी पर की बात

उन्‍होंने सूचित किया कि 01 नवंबर से प्रदेश में धान की खरीदी शुरू हो जाएगी। इस साल एक करोड़ मीट्रिक टन से अधिक धान खरीदने की तैयारी हमने की है। पिछली बार हमने 98 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की थी, जो अपने आप में रिकार्ड है। पत्रकार वार्ता में प्रदेश मुखिया ने कहा कि बिजली बिल हाफ योजना के अंतर्गत 42 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को अब तक 2,500 करोड़ रुपए की राहत दी जा चुकी है। राज्य में कोदो-कुटकी (रागी) का समर्थन मूल्य घोषित करने साथ-साथ हमने इन फसलों की खरीदी की व्यवस्था भी सुनिश्चत की है।

Chhattisgarh News: आय में वृद्धि और सबकी समृद्धि हमारी सरकार का उद्देश्य : भूपेश बघेल

जन-जन पहुंचा रहे हैं स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं: भूपेश बघेल

उन्‍होंने कहा कि धान और लघु धान्य फसलों के साथ दलहन फसलों को प्रोत्साहित करते हुए अब मूंग, उड़द, अरहर के भी समर्थन मूल्य पर खरीदी की व्यवस्था की जा रही है। सीएम बघेल ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना, मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना, दाई दीदी क्लीनिक योजना, श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक हम स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचा रहे हैं।

कई नए तहसीलों का निर्माण: मुख्‍यमंत्री

उन्‍होंने कहा कि बीते पौने चार वर्षों में हमने छह नये जिलों और 85 से अधिक तहसीलों का निर्माण किया है। दो दिन पहले ही 10 और नये अनुविभाग और 25 नए तहसीलों की शुरुआत की गई है। इसी के साथ सीएम बघेल ने कहा कि जनभावना का सम्मान करते हुए चंद्रपुर कॉलेज का नाम मूर्धन्य साहित्यकार स्व. मुकुटधर पांडेय जी के नाम पर किया जाएगा।

सीएम ने ली भूमिहीन श्रमिकों की जानकारी

उन्‍होंने बैठक में अधिकारियों से भूमिहीन श्रमिक न्याय योजना के बारे में जानकारी लेते हुए कहा कि भेंट-मुलाकात के दौरान संज्ञान में आया है कि कई लोग इस योजना से अभी भी नही जुड़ पाए हैं। अधिकारी इस अभियान का मुहिम चलाकर गांवों में पात्र लोगों को चिन्हांकित करें और उन्हें योजना से जोड़े।

इसी दौरान मुख्‍यमंत्री ने हाट बाजार क्‍लीनिक योजना में गांवों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए और कहा कि निर्धारित दवा और जांच की सुविधा लोगों को मिलनी चाहिए। उन्‍होंने हाट बाजार क्‍लीनिक के संचालन की रैंडम जांच कराने के भी निर्देश दिए।

वार्ता में रोजगार पर हुई चर्चा

मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल ने इस दौरान 15 दिन में स्कूली बच्चों के शत-प्रतिशत जाति प्रमाण पत्र बनाने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि रीपा (रूरल इंडस्ट्रियल पार्क) में स्थानीय उद्यमी प्रकृति के लोगों को भी जोड़ना है, जिससे वहां रोजगार के और भी अवसर निर्मित हो।

रीपा में स्थानीय स्तर की मांग के अनुसार प्रोडक्ट्स का उत्पादन प्राथमिकता से किया जाए। उन्‍होंने समय सीमा निर्धारित कर चिन्हांकित गौठानों में रीपा को तैयार करने के निर्देश के साथ साराडीह में गौठान निर्माण जल्द पूर्ण करवाने के लिए भी कहा।

प्रदेश में महिलाओं का भी रखा जा रहा ख्‍याल

वार्ता में महिला बाल विकास अधिकारी को एनिमिक महिलाओं को अनिवार्य रूप से मुख्यमंत्री सुपोषण योजना से जोड़ने के भी निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री बघेल के निर्देशानुसार ऐसे सारे गांव जो डूबान क्षेत्र में आते हैं और जहां के लोगों को बाढ़ के दौरान शिफ्ट कराना पड़ता है वहां सर्व सुविधायुक्त सामुदायिक भवन बनाना है। सक्ति के कलेक्टर को ऐसे गांवों का सर्वे करवाकर इस्टीमेट तैयार करने के लिए कहा गया है।

Chhattisgarh News: मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण योजना का फायदा लेकर बेटियां गढ़ेंगी भविष्य: डॉ. डहरिया