यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 19, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Chhattisgarh News: मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण योजना का फायदा लेकर बेटियां गढ़ेंगी भविष्य: डॉ. डहरिया
Chhattisgarh News मंत्री डॉ. डहरिया ने कहा कि सीएम द्वारा लड़कियों के लिए चलाई गई इस योजना से उन्हें काफी ...और पढ़ें

रायपुर, जागरण ऑनलाइन डेस्क। नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने प्रदेश के श्रमिक भाईयों से कहा है कि छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग की योजनाओं का फायदा उठाकर वे अपने परिवार को खुशहाल बनायें।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए है कि अधिक से अधिक श्रमिकों को योजना लाभांवित करें। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. डहरिया ने आज यहां रायपुर जिले के आरंग में नया कृषि उपज मंडी में मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना के तहत हितग्राहियों को चेक वितरण कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। डॉ. डहरिया ने आरंग में 362 हितग्राहियों को 72 लाख 40 हजार रूपए की राशि का वितरण किया।
मंत्री ने बताया लड़कियों को कहते हैं ''नोनी''
मंत्री डॉ. डहरिया ने कहा कि बेटी को हमारी मातृभाषा छत्तीसगढ़ी में हम लोग नोनी कहते है, इसलिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बेटियों के कल्याण और सम्मान से जुड़ी इस योजना का नाम नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना रखा है। हमारे छत्तीसगढ़ में कहावत है, नोनी संवारथे घर अंगना मतलब बेटियों से ही घर की सुंदरता है, घर की रौनक है। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वकांक्षी योजना मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना है। इस योजना के माध्यम से हम अपनी बेटियों का भविष्य गढ़ रहे हैं।
मंत्री डॉ. डहरिया ने कहा कि नोनी सशक्तिकरण योजना के माध्यम से ना केवल हम अपनी बेटियों का भविष्य गढ़ रहे हैं। बल्कि इसके माध्यम से हम अपने आने वाले छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान को को गढ़ रहे हैं, मैं ऐसा इसलिए कहा रहा हूं, जब हमारी बेटियां सशक्त और समर्थ होगी तो वह भविष्य में बेहतर परिवार को तैयार कर सकेंगी, हमारी सामाजिक व्यवस्था में बेटियों का सम्मान है, बेटियों का स्थान है, आज की बेटी कल की नारी, इसलिए आवश्यक है कि हम अपनी बेटियों का अच्छे ढंग से लालन-पालन करें उन्हें पढ़ायें-लिखाएं उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
20 हजार रुपये की मिलती है राशि
डॉ. डहरिया ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग के अंतर्गत सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित श्रमिकों की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार तथा उनके विवाह के लिए सहयोग राशि प्रदान करने मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना संचालित की जा रही है। योजना के तहत पात्र श्रमिक परिवार की प्रथम दो बेटियों जिनकी उम्र न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 21 वर्ष हो। वह अविवाहित हो उन्हें आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने के लिए 20-20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है।
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत प्रदेश में करीब आठ हजार 508 श्रमिकों की बेटियों को लाभान्वित किया जा चुका है। योजना के तहत अब तक 17 करोड़ एक लाख 60 हजार रूपए श्रमिकों की बेटियों के खातों में हस्तांतरित किया जा चुका है।
कार्यक्रम में श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि योजना की पात्रता के अनुसार निर्माण श्रमिक के रूप में एक वर्ष पूर्व पंजीयन होना चाहिए। निर्माण श्रमिक की पुत्री की आयु 18 वर्ष से 21 वर्ष तक होनी चाहिए और अविवाहित हो। मंडल की पूर्व में संचालित मिनीमाता कन्या विवाह योजना का लाभ नही लिया हो।
पंजीकृत निर्माण श्रमिक की पुत्री कम से कम 10वीं कक्षा उत्तीर्ण हो। निर्माण श्रमिक की पुत्री अविवाहित हो। निर्माण श्रमिक की दो पुत्री को ही दिए जाने का प्रावधान है। योजना के तहत आवेदन की प्रक्रिया श्रम विभाग के विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन प्रारंभ की गई है, इसके तहत श्रमिक स्वयं या संबंधित क्षेत्राधिकारिता के श्रम कार्यालय या नजदीकी लोक सेवा केंद्र/च्वाईस सेंटर के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन प्रस्तुत कर सकते है।
