Chhattisgarh: ड्राइवर के पास वैध लाइसेंस न हो, तब भी बीमा कंपनी को करना होगा मुआवजे का भुगतान
Chhattisgarh वाहन चालक के पास लाइसेंस हो या न हो दोनों ही परिस्थितियों में मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण में बीमा कंपनी को भुगतान करना होगा। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने दुर्घटना दावा के संबंध में बीमा कंपनी की याचिका को खारिज करते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।

बिलासपुर, राधाकिशन शर्मा: वाहन चालक के पास लाइसेंस हो या न हो, दोनों ही परिस्थितियों में मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण में बीमा कंपनी को भुगतान करना होगा। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने दुर्घटना दावा के संबंध में बीमा कंपनी की याचिका को खारिज करते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। यह फैसला न्याय दृष्टांत बन गया है।
राजनांदगांव में 13 जनवरी, 2013 को अफजल खान और हेमलाल हल्बा की मोटरसाइकिलें भिड़ गई थी। हेमलाल की मोटरसाइकिल सोहन सिंह चला रहा था। हादसे में अफजल की मौत हो गई। वह अपनी मोटरसाइकिल पर अकेला था।
मरने वाले के स्वजन के आवेदन पर प्रथम अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण राजनांदगांव ने 24 दिसंबर, 2014 को चार लाख 50 हजार रुपये का अवार्ड पारित किया। साथ ही आवेदन की तिथि से छह प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज का भुगतान करने के निर्देश दिए।
वैध लाइसेंस न होने का दिया था तर्क
नेशनल इंश्योरेंस कंपनी ने न्यायाधिकरण के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की। इसमें कहा गया कि दुर्घटना के समय अफजल खान और दुर्घटना करने वाले सोहन सिंह के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। यह बीमा पालिसी की शर्त का उल्लंघन है।
कोर्ट ने भुगतान करने का दिया आदेश
कोर्ट ने कहा कि चालक के पास वैध लाइसेंस न हो तो भी तीसरे पक्ष के जोखिम के मामले में भुगतान व वसूली का आदेश दिया जा सकता है। हाई कोर्ट ने बीमा कंपनी को 12 लाख 70 हजार रुपया भुगतान करने का आदेश दिया है।
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