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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Wipro ने की फ्रेशर्स के वेतन में कटौती, सैलरी ऑफर 50 फीसद तक घटाया

By Siddharth PriyadarshiEdited By: Siddharth Priyadarshi
Published: Wed, 22 Feb 2023 07:56 AM (IST)Updated: Wed, 22 Feb 2023 08:03 AM (IST)

विप्रो ने जॉइनिंग का इंतजार कर रहे फ्रेशर्स को दिए गए ऑफर लेटर को रिवाइज कर दिया है। इसके तहत ...और पढ़ें

Wipro Cuts Salary Offers To Freshers By 50 Percent
Wipro Cuts Salary Offers To Freshers By 50 Percent

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। विप्रो ने जॉइनिंग का इंतजार कर रहे फ्रेशर्स को ऑफर की गई सैलरी में लगभग 50 फीसद की कटौती कर दी है। माना जा रहा है कि विप्रो का यह निर्णय वैश्विक माइक्रो इकोनॉमिक अनिश्चितताओं और टेक कंपनियों के सामने आ रही चुनौतियों को दर्शाता है।

विप्रो के कदम को NITES ने अन्यायपूर्ण और अस्वीकार्य कहा है। NITES की मांग है कि आईटी कंपनी को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।

सैलरी ऑफर 50 फीसद घटाया

आईटी सेक्टर की जानी-मानी कंपनी विप्रो ने हाल ही में उन उम्मीदवारों से से दोबारा संपर्क किया और उनसे पूछा कि क्या उन्हें पहले ऑफर किए गए 6.5 लाख प्रति वर्ष (एलपीए) के बदले वार्षिक मुआवजे के रूप में 3.5 लाख रुपये का प्रस्ताव स्वीकार्य होगा। आपको बता दें कि इन उम्मीदवारों को कथित तौर पर कंपनी का ऑफर लेटर जारी किया जा चुका है वे आनबोर्डिंग प्रतीक्षा कर रहे थे।

आईटी सेक्टर के कर्मचारी यूनियन नीट्स ने इस कदम को अन्यायपूर्ण कहा है। नीट्स ने इसे निष्पक्षता और पारदर्शिता के सिद्धांतों के खिलाफ कहा है। नीट्स ने मांग की है कि प्रबंधन अपने निर्णय पर पुनर्विचार करे और समाधान खोजने के लिए संघ के साथ सार्थक बातचीत करें।

विप्रो ने दी ये सफाई

विप्रो ने कहा कि 'हम वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं और ग्राहकों की जरूरतों का आकलन कर रहे हैं जो हमारी भर्ती योजनाओं का एक जरूरी हिस्सा है। हम आपकी प्रतिबद्धता और धैर्य की सराहना करते हैं। हम कोशिश करते हैं आपके लिए नए अवसरों की पहचान करें।' विप्रो ने अपने बयान में कहा कि वर्तमान में हमारे पास कुछ प्रोजेक्ट इंजीनियर की भूमिकाए हैं, जिनके लिए 3.5 लाख का वार्षिक मुआवजा दिया जा सकता है। हम FY23 बैच में अपने सभी फ्रेश ग्रेजुएट्स को इन भूमिकाओं को चुनने का अवसर देना चाहते हैं।

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इस मुद्दे पर संपर्क करने पर विप्रो ने जवाब दिया कि बदलते मैक्रो इकोनॉमिक माहौल में व्यवसाय की जरूरत के कारण हमें अपनी ऑनबोर्डिंग योजनाओं में जरूरी बदलाव करने पड़े। वर्तमान प्रस्ताव उम्मीदवारों को अपने करियर को शुरू करने, विशेषज्ञता का निर्माण करने और नए कौशल को सीखने किए एक तत्काल अवसर उपलब्ध कराता है।

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