नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। ज्यादातर लोग रोजगार भविष्य निधि (ईपीएफ) और सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) के बारे में जानते हैं, लेकिन, बहुत कम लोगों को स्वैच्छिक भविष्य निधि (वीपीएफ) के बारे में पता है। ईपीएफ में मूल वेतन का 12 फीसद योगदान में दिया जाता है, लेकिन वीपीएफ कर्मचारी को अपने पीएफ के लिए 12% से अधिक योगदान करने की अनुमति देता है।

इस बात पर कोई प्रतिबंध नहीं है कि कोई कर्मचारी वीपीएफ के तहत अपने पीएफ में कितना योगदान कर सकता है। मूल वेतन और डीए के 100% का अधिकतम योगदान दिया जा सकता है। वीपीएफ ईपीएफ का एक विस्तार है जिसके कारण केवल वेतनभोगी व्यक्ति ही इसका लाभ उठा सकते हैं। असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोग VPF का लाभ नहीं ले सकते। VPF पर ब्याज दर सरकार की ओर से प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए तय की जाती है। फिलहाल VPF पर 8.55% की दर से ब्याज मिलता है।

जानिए क्या है VPF का लाभ

  • चूंकि वीपीएफ योजना सरकार की ओर से मैनेज की जाती है, यह एक सुरक्षित दीर्घकालिक निवेश साधन है जिसपर निश्चित ब्याज की गारंटी मिलती है।
  • प्रति वर्ष 1.5 लाख रुपये तक के वीपीएफ योगदान को आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत कर से छूट प्राप्त है। वीपीएफ अंशदान पर अर्जित ब्याज को आयकर अधिनियम के तहत भी छूट दी गई है।
  • कर्मचारी अपने मूल वेतन के 100% से अधिक डीए में योगदान कर सकता है। मैच्योरिटी पर प्राप्त होने वाली आय कर-मुक्त होती है।
  • कर्मचारी की ओर से जॉब बदलने और ईपीएफ खाते की तरह ही कर्मचारी को एक यूएएन नंबर दिया जाता है यह आसानी से ट्रांसफर हो जाता है।
  • कर्मचारियों को बच्चे की शिक्षा के लिए चाइल्ड एजुकेशन, होम लोन रीपेमेंट, चाइल्ड मैरिज की सुविधा मिलती है।

आज़ादी की 72वीं वर्षगाँठ पर भेजें देश भक्ति से जुड़ी कविता, शायरी, कहानी और जीतें फोन, डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Nitesh