सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत जल्द बनेगा इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग हब, वेदांता ने 20 कोरियाई डिसप्ले कंपनियों के साथ किया करार

By Abhinav ShalyaEdited By: Abhinav Shalya
Published: Mon, 17 Apr 2023 03:47 PM (IST)

Vedanta Group ने हाल ही कोरियाई सरकार की ओर से आयोजित किए गए कोरिया बिज ट्रेड शो 2023 में भाग ...और पढ़ें

20 Korean display glass companies Sign MoU with Vedanta
20 Korean display glass companies Sign MoU with Vedanta

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। भारत के प्रमुख कारोबारी समूह वेदांता की ओर से सोमवार को कहा गया कि उसने डिसप्ले ग्लास इंडस्ट्री से जुड़ी हुई 20 कोरियाई कंपनियों के साथ MoU किया है। इसके जरिए भारत को इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग का हब बनाने में मदद मिलेगी।

हाल में कोरियाई सरकार की ओर से अयोजित किए गए कोरिया बिज ट्रेड शो 2023 में वेदांता द्वारा रोड शो किया गया था।

50 से ज्यादा कंपनियों ने दिखाई रुचि

वेदांता के सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले बिजनेस के ग्लोबल मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश के हेब्बार ने कहा कि 50 से अधिक कंपनियों ने हमारे साथ साझेदारी करने में अपनी रुचि दिखाई है और हमें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि हमने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग वैल्यू चेन में शामिल 20 कोरियाई कंपनियों के साथ MoU पर हस्ताक्षर किए हैं।

इससे पहले जापानी कंपनियों के साथ किए थे MoU

इससे पहले दिसंबर 2022 में जापान में इस प्रकार का रोड शो करने के लिए निमत्रंण प्राप्त हुआ था। इस रोड शो में करीब 100 कंपनियों के 200 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। इस दौरान वेदांता की ओर से 30 जापानी कंपनियों के साथ MoU पर हस्ताक्षर किए गए थे।

गुजरात में सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित कर रही वेदांता

वेदांता और ताइवानी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी फॉक्सकॉन के सेमीकंडक्टर और डिसप्ले बनाने के लिए ज्वाइंट वेंचर किया है। इसके तहत गुजरात के अहमदाबाद शहर के पास स्थित धोलेरा में मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट स्थापित किया जाएगा और इस प्लांट में दोनों कंपनियां मिलकर 1,54,000 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी।

एक लाख लोगों को मिलेगा रोजगार

वेदांता की ओर से स्थापित किए जाने वाले इस प्लांट के बनाने के बाद भारत सेमीकंडक्टर और डिसप्ले बनाने वाले कुछ चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा। इससे करीब एक लाख लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)