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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 02, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Sadhna Broadcast मामले में सख्त हुआ सेबी, अभिनेता Arshad Warsi और 45 अन्य के खिलाफ एक्शन

By Siddharth PriyadarshiEdited By: Siddharth Priyadarshi
Published: Thu, 02 Mar 2023 03:25 PM (IST)Updated: Thu, 02 Mar 2023 03:32 PM (IST)

यू-ट्यूब पर चलाए गए फर्जी वीडियो में यह दावा किया गया था कि साधना टीवी फिल्म निर्माण की ओर बढ़ ...और पढ़ें

Sebi bans Sadhna Broadcast promoters and actor Arshad Warsi
Sebi bans Sadhna Broadcast promoters and actor Arshad Warsi

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। सेबी ने बृहस्पतिवार को अभिनेता अरशद वारसी, उनकी पत्नी मारिया गोरेट्टी और साधना ब्रॉडकास्ट के प्रमोटरों समेत 31 इकाइयों को प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित कर दिया। यह बैन यूट्यूब चैनलों पर भ्रामक वीडियो अपलोड करने के मामले में लगाया गया है, जिसमें निवेशकों को कंपनी का शेयर खरीदने की सलाह दी गई थी।

सेबी ने कहा है कि 'नियामक ने 31 संस्थाओं को अगले आदेश तक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी तरीके से प्रतिभूतियों को खरीदने, बेचने या व्यवहार करने से रोक दिया है।'

कंपनी के जिन प्रवर्तकों को उनकी संलिप्तता के कारण प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित किया गया है वे हैं श्रेया गुप्ता, गौरव गुप्ता, सौरभ गुप्ता, पूजा अग्रवाल और वरुण मीडिया। इसके अलावा, नियामक ने YouTube चैनलों पर भ्रामक वीडियो अपलोड किए जाने के बाद संस्थाओं को हुए 41.85 करोड़ रुपये के प्रॉफिट को जब्त कर लिया है।

क्या कहा सेबी ने

सेबी ने कहा है कि अभिनेता अरशद वारसी ने 29.43 लाख रुपये का लाभ कमाया है, जबकि उनकी पत्नी ने 37.56 लाख रुपये का लाभ कमाया है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) को कुछ शिकायतें मिलने के बाद यह आदेश आया हैं।

बता दें कि शिकायत में आरोप लगाया गया था कि टेलीविजन चैनल साधना ब्रॉडकास्ट के शेयरों की कीमत में हेरफेर के अलावा गलत तरीकों से शेयरों की बिक्री की जा रही थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि निवेशकों को लुभाने के लिए कंपनी के बारे में झूठी सामग्री के साथ भ्रामक YouTube वीडियो अपलोड किए गए।

जुलाई 2022 की दूसरी छमाही के दौरान, साधना के बारे में झूठे और भ्रामक वीडियो दो YouTube चैनलों - "द एडवाइजर" और "मनीवाइज" पर अपलोड किए गए थे। सेबी ने अपने अंतरिम आदेश में कहा कि ये यूट्यूब वीडियो झूठी और भ्रामक खबरें फैलाते हैं। इन्होंने निवेशकों को असाधारण मुनाफे का लालच देकर साधना का स्टॉक खरीदने के लिए प्रेरित किया।

कैसे हुआ पैसे बनाने का खेल

भ्रामक यूट्यूब वीडियो जारी होने के बाद, साधना की कीमत और ट्रेडिंग वॉल्यूम में वृद्धि हुई। इस अवधि के दौरान शेयरधारकों, साधना के प्रमुख प्रबंधकों ने बढ़ी हुई कीमतों पर अपनी हिस्सेदारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बेच दिया और मुनाफावसूली की। इन YouTube चैनलों पर भ्रामक वीडियो में से एक यह था कि साधना ब्रॉडकास्ट लिमिटेड को अदाणी समूह द्वारा अधिग्रहित किया जा रहा है और डील के बाद कंपनी का मार्जिन बढ़ेगा।

सेबी ने डील की 31 संस्थाओं को कई श्रेणियों में वर्गीकृत किया है -YouTube चैनलों के निर्माता (मनीष मिश्रा), शुद्ध विक्रेता/प्रमोटर, लाभ निर्माता (एनएस), वॉल्यूम निर्माता (वीसी) और सूचना वाहक (आईसी) की श्रेणी में रखे गए हैं। अरशद वारसी और उनकी पत्नी वॉल्यूम क्रिएटर्स की कैटेगरी में आते हैं।

सभी संस्थाओं को निर्देश दिया गया है कि वे सेबी की पूर्व अनुमति के बिना बैंक खातों में जमा धन सहित किसी भी चल या अचल संपत्ति का निपटान न करें, जब तक कि जब्त की गई राशि को एस्क्रो खाते में जमा नहीं किया जाता है।