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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पंजाब नेशनल बैंक ने ग्राहकों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए उठाया कदम, Positive Pay System की सीमा को 5 लाख किया

By Abhinav ShalyaEdited By: Abhinav Shalya
Published: Fri, 03 Mar 2023 04:29 PM (IST)Updated: Fri, 03 Mar 2023 05:04 PM (IST)

पंजाब नेशनल बैंक की ओर से पॉजिटिव पे सिस्टम के तहत चेक क्लीयरेंस की सीमा को 10 लाख घटाकर से ...और पढ़ें

PNB makes Positive Pay System mandatory for cheque payments above Five Lakh
PNB makes Positive Pay System mandatory for cheque payments above Five Lakh

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक ने ग्राहकों को धोखाधड़ी के बचाने के लिए चेक के जरिए होने वाली पांच लाख रुपये और उससे अधिक के भुगतान के लिए पॉजिटिव पे सिस्टम (Positive Pay System (PPS)) को जरूरी कर दिया गया है। पीएमबी ने बयान दिया कि यह नियम 5 अप्रैल, 2023 से लागू होगा। इससे पहले 10 लाख रुपये और उससे अधिक के भुगतान से पहले पीपीएस के तहत चेक की जानकारी देना अनिवार्य था ।

क्या है Positive Pay System?

पीपीएस एक सिस्टम है, जिसे नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन की ओर से डेवलप किया गया है। इसमें ग्राहकों को एक निश्चित राशि से अधिक का भुगतान करने पर बैंक को एकाउंट नंबर, चेक नंबर, इशू तारीख, राशि और जिस व्यक्ति को भुगतान किया जाना है। उसकी पूरी डिटेल देनी होती है। इस सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा है कि यह निवेशकों के लिए सुरक्षा और स्तर जोड़ता है।

कैसे उठाएं फायदा

पीएनबी का कोई भी ग्राहक पीपीएस सिस्टम को ब्रांच में जाकर, ऑनलाइन बैंकिंग, नेट बैंकिंग, पीएनबी वन मोबाइल ऐप, एसएमएस बैंकिंग के जरिए उपयोग कर सकता है। हालांकि, इसमें इस बात का पूरा ध्यान रखना है कि ये जानकारी आपको चेक क्लियर होने से एक दिन पहले देनी होगी।

Positive Pay System को लेकर आरबीआई की गाइडलाइन

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की गाइडलाइन के मुताबिक, एक जनवरी, 2021 को पीएनबी की ओर से पीपीएस की सुविधा को 50,000 रुपये और उससे अधिक के चेक के लिए शुरू किया गया था। इसके बाद आरबीआई द्वारा बैंकों को ये सुझाव दिया गया था कि पॉजिटिव पे सिस्टम को पांच लाख और उससे अधिक की राशि के चेक को क्लियर करने के लिए किया जाए। साथ ही कहा गया कि पीपीएस में पंजीकृत चेक केवल विवाद समाधान तंत्र के तहत ही स्वीकार किए जाएंगे।

(एजेंसी इनपुट के साथ)