नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। RBI (भारतीय रिजर्व बैंक) ने RTGS और NEFT पर बैंको की ओर से वसूले जाने वाले चार्जेस को पूरी तरह से खत्म करने का फैसला किया है। RBI ने बैंकों से कहा है कि वह इसका फायदा जल्द से जल्द ग्राहकों को देना सुनिश्चित करे। इसके अलावा एटीएम लेनदेन पर लगने वाले शुल्क की समीक्षा के लिए भी एक समिति का गठन किया गया है।

फिलहाल एसबीआई की ओर से लिया जाता है कितना चार्ज जानिए

NEFT चार्ज

अमाउंट                              इंटरनेट बैंकिंग चार्जेज              बैंक से लेनदेन चार्ज

10000 रुपये तक                1 रु प्लस GST                      2.50 रु प्लस GST

10000 से 1 लाख रु तक       2 रु प्लस GST                      5 रु प्लस GST

1 लाख से 2 लाख तक           3 रु प्लस GST                     15 रु प्लस GST

2 लाख से ज्यादा                  5 रु प्लस GST                      25 रुपये प्लस GST

RTGS चार्ज

2 लाख से 5 लाख तक           5 रु प्लस GST                       25 रु प्लस GST

5 लाख से ज्यादा                  10 रु प्लस GST                     50 रु प्लस GST

RTGS की समय सीमा बढ़ी

पिछले दिनों RBI ने रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) के जरिए पैसे भेजने का समय डेढ घंटे बढ़ाकर शाम 6 बजे तक करने का फैसला किया था। यह नई व्यवस्था 1 जून से प्रभावी हो गई है।

क्या है आरटीजीएस

आरटीजीएस यानी रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट वह प्रणाली है जिसके माध्यम से मनी ट्रांसफर का कार्य रियल टाइम में ही तुरंत हो जाता है। इससे व्यक्तिगत खाताधारकों या समूह में ग्राहकों को फंड ट्रांसफर किया जा सकता है। यह सिस्टम मुख्यत: बड़ी राशि के ट्रांजेक्शन के लिए प्रयोग होता है। इसके माध्यम से न्यूनतम 2,00,000 रुपये का ट्रांजेक्शन किया जा सकता है, वहीं ट्रांजेक्शन के लिए अधिकतम राशि की कोई सीमा नहीं है।

NEFT भी है लोकप्रिय माध्यम

आरटीजीएस के अलावा मनी ट्रांजेक्शन का एक अन्य लोकप्रिय माध्यम नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (NEFT) भी है। इसकी सबसे खास बात यह है कि, इसमें न्यूनतम और अधिकतम रुपयों की कोई सीमा नहीं है। इसकी कमी यह है कि, इसमें फंड ट्रांसफर एक निर्धारित समय पर ही होता है।

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Posted By: Nitesh

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