नई दिल्ली, पवन जायसवाल। ऐसा लग रहा है, मानों सोने-चांदी की कीमतों में आसमान छूने की होड़ लगी हो। इन दोनों ही कीमती धातुओं के भाव रोज अपना पुराना रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। सोने का वायदा भाव बुधवार को रिकॉर्ड उच्चतम स्तर पर ट्रेंड करता दिखा। वहीं, चांदी 60,000 रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर ट्रेंड करती देखी गई। पिछले दो दिनों में चांदी के भाव में जबरदस्त तेजी देखी गई है।

एमसीएक्स एक्सचेंज पर बुधवार को ट्रेडिंग के दौरान चांदी दिसंबर 2012 के बाद के उच्चतम स्तर पर ट्रेंड कर रही थी। वहीं, वैश्विक स्तर पर बुधवार को चांदी का भाव 23 डॉलर प्रति औंस से ऊपर ट्रेंड करता दिखा, जो कि अक्टूबर 2013 के बाद का उच्चतम स्तर है। केडिया एडवाइजरी के मैनेजिंग डायरेक्टर और रिसर्च हेड अजय केडिया ने चांदी के भाव में इस उछाल के पीछे के कारणों पर जागरण के साथ बात की है। आइए जानते हैं कि चांदी के भाव में इस उछाल के पीछे कौन-कौनसे कारण हैं।

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1. एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में कोविड-19 महामारी के चलते 275 खनन कार्य बाधित हुए हैं। इनमें सोने और चांदी की खदानें सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

2. साल 2010 के बाद की अपनी सबसे बेहतर तिमाही पूरी कर चुकी चांदी को धातु की आपूर्ती से जुड़े चिंताओं के चलते अतिरिक्त बढ़ावा मिल रहा है।

3. लैटिन अमेरिका में, जहां दुनिया की अधिकांश चांदी का उत्पादन किया जाता है, वहां कोविड-19 संक्रमण से स्थिति खराब हो गई है। इसके अलावा हाल ही में मैक्सिको ने वायरस से संबंधित मौतों की संख्या के मामले में इटली को पछाड़ दिया है।

4. चांदी की कीमतों के बढ़ने का एक बढ़ा कारण ईटीएफ होल्डिंग्स का बढ़ना भी है। वैश्विक चांदी समर्थित ईटीएफ की होल्डिंग्स में दुसरी तिमाही में 21 फीसद की वृद्धि हुई है और यह इस महीने रिकॉर्ड स्तर पर है।

5. वैश्विक स्तर पर चांदी की कीमतों में बढ़ोत्तरी का एक कारण अधिकांश मुद्राओं की तुलना में यूएस डॉलर का कमजोर होना भी है।

6. कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में तेजी, आपूर्ती से जुड़ी चिंताएं और प्रोत्साहन उपायों में वृद्धि की उम्मीद के चलते भी सेफ हैवन डिमांड में वृद्धि हुई है।

7. जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के अनुसार, दुनियाभर में करीब डेढ़ करोड़ कोरोना वायरस के मामले सामने आ गए हैं। इनमें से छह लाख से अधिक लोगों की दुखद मृत्यु हो गई है। संक्रमण के ये आंकड़े सेफ हैवन डिमांड को बढ़ने में मदद कर रहे हैं।

8. गोल्ड-सिल्वर रेशियो लगातार गिर रहा है। सोने की तुलना में कम कीमत होने के चलते चांदी को फायदा हो रहा है। फरवरी 2020 के बाद से गोल्ड-सिल्वर रेशियो 90 से नीचे रहा है। चांदी की कीमतों में उछाल का यह एक बड़ा कारण है।

9. कई देशों में कोरोना वायरस लॉकडाउन खुलने के बाद चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड बढ़ी है। इस कारण भी चांदी की कीमतों को सपोर्ट मिला है। चांदी सोलर पैनल और दूसरे विनिर्मित उत्पादों में उपयोग आती है।

बाजार के दिग्गजों का यह है अनुमान

1. सिटी ग्रुप द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, चांदी की वैश्विक कीमत इस साल के आखिर तक 25 डॉलर प्रति औंस का स्तर छू सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सोने और चांदी दोनों में ही लगातार तेजी आने का अनुमान है।

2. मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, सोने की कीमतों में मजबूती और मददगार वित्तीय परिस्थितियों के चलते चांदी की कीमतों में लगातार तेजी आएगी।

3. सोसाइटी जनरल के अनुसार, इंडस्ट्रियल मांग में सुधार के साथ ही कोरोना वायरस के मामले बढ़ने से लैटिन अमेरिका में आपूर्ती से जुड़ी चिंताओं से धातु की सप्लाई चेन बाधित हुई है, इसका असर कीमतों में उछाल के रूप में दिख रहा है।

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