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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अमेरिका में बैंकों की उथल पुथल के बीच स्थिर है भारत की अर्थव्यवस्था, RBI गवर्नर ने बताए ताजा हालात

By Sonali SinghEdited By: Sonali Singh
Published: Fri, 17 Mar 2023 07:26 PM (IST)Updated: Fri, 17 Mar 2023 07:56 PM (IST)

India Economy During American Banks Crisis अमेरिका में बैंकों के पतन के बाद कई देशों की अर्थव्यवस्था पर खतरा मंडरा ...और पढ़ें

India Economy During American Banks Crisis Situation, See Details
India Economy During American Banks Crisis Situation, See Details

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास (RBI Governor Shaktikanta Das) ने सिलिकॉन वैली बैंक के पतन के बाद कहा है कि खराब मुद्रास्फीति का असर भारत में बहुत कम रहा और बाकी मुद्राओं के मुकाबले भारतीय रुपया सबसे कम अस्थिर हुआ। उनके मुताबिक, महंगाई का सबसे बुरा दौर पीछे छूट गया है। फेडरल बैंक द्वारा आयोजित 17वें केपी होर्मिस स्मारक व्याख्यान में दास ने कहा कि हमारा बाहरी कर्ज प्रबंधन के दायरे है।

इन सबके अलावा, आरबीआई गवर्नर ने अमेरिका में सिलिकॉन वैली बैंक के डूबने पर कहा, "भारत का वित्तीय क्षेत्र स्थिर है। उन्होंने कहा कि आरबीआई ने जोखिम प्रबंधन, तनाव परीक्षण के लिए कदम उठाए हैं और इसलिए डॉलर में बढ़ोतरी से हमें कोई समस्या नहीं है।"

सिलिकॉन वैली बैंक में भारतीय स्टार्टअप्स के करीब 1 अरब डॉलर जमा हैं और इससे उभरने के लिए कई तरह की सलाह दी जा रही है। भारतीय आईटी राज्यमंत्री ने उनकी मदद के लिए सुझाव दिए हैं। मंत्री ने कहा है कि स्थानीय बैंक आगे आकर उन्हें और उधार दें, ताकि जमाकर्ताओं को उनके पैसे का भुगतान किया जा सके।

उन्होंने सुझाव दिया है कि भारतीय बैंक SVB में फंड रखने वाले स्टार्टअप्स को जमा-समर्थित क्रेडिट लाइन की पेशकश कर सकते हैं। स्टार्टअप्स कोशिश करें कि जैसे ही उन्हें बैंक जमाओं पर नियंत्रण मिले, फंड को कहीं और ट्रांसफर किया जा सके। इससे आने वाले रिस्क को कम किया जा सकेगा। 

शक्तिकांत दास को 'गर्वनर ऑफ द ईयर' का अवॉर्ड

जानकारी के लिए बता दें कि शक्तिकांत दास को 'गर्वनर ऑफ द ईयर' का अवॉर्ड मिला है। इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का सम्मान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलना देश के लिए बेहद गर्व की बात है। दो साल तक कोरोना और फिर रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान अर्थव्यवस्था को बेहतर तरीके से संभालने के लिए उन्हें सम्मानित किया गया है।