नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) की ओर से जारी आधार को कई सेवाओं से लिंक करना अनिवार्य बनाया गया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कई संस्थानों में इसका इस्तेमाल अनिवार्य है या नहीं इस पर आशंका बनी हुई है। आज हम आपको उन सेवाओं और संस्थानों के बारे में बता रहे हैं जहां पर आधार आज भी अनिवार्य है।

पिछले साल सितंबर में सुप्रीम कोर्ट ने आधार की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा और ऐसी सेवाओं के बारे में बताया जहां पर आधार को लिंक करना अनिवार्य नहीं है जैसे कि बैंक खाता, मोबाइल नंबर और यूजीसी, एनईईटी, सीबीएसई की परीक्षाएं के लिए आधार अनिवार्य नहीं होगा। इसी के साथ शीर्ष अदालत ने कहा कि कोई भी निजी संस्थान आधार के लिए नहीं कह सकती है।

ये है उन सेवाओं की सूची जहां पर आधार और आधार लिंक करना आज भी अनिवार्य है...

आधार-पैन कार्ड लिंकिंग: आयकर अधिनियम की धारा 139 एए के तहत आधार कार्ड को पैन कार्ड से लिंक करना अभी भी अनिवार्य है, क्योंकि टैक्स से बचने के लिए लोग आसानी से कई पैन कार्ड बनाकर टैक्स बचा सकते हैं।

सरकारी कल्याणकारी योजना के लिए आधार: सरकार ने कल्याणकारी योजनाओं और सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य किया हुआ है।

इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए आधार: सरकार ने आधार कार्ड को पैन कार्ड से लिंक करने की अनिवार्यता के साथ, आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए भी आधार को अनिवार्य किया हुआ है। ऐसा न करने पर आपका आईटीआर प्रोसेस नहीं होगा।

फिलहाल ईपीएफ और कई अन्य संगठनों की ओर से इस बात को लेकर पुष्टि नहीं हुई है कि आधार की जरूरत है या नहीं। 26 सितंबर, 2018 को अपने ऐतिहासिक फैसले में तत्कालीन चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की 5 न्यायाधीशों की पीठ ने आधार की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा है।

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Posted By: Praveen Dwivedi

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