Stock Market Closed: मार्केट में लगातार 5वें दिन आई तेजी, निफ्टी निकला 23950 के पार; इन सेक्टर्स ने किया जोरदार परफॉर्मेंस
भारतीय शेयर बाजार 4 नवंबर को मजबूती के साथ बंद हुए, निफ्टी 23,900 के स्तर पर रहा और सेंसेक्स 77,301 ...और पढ़ें

शेयर बाजार में आई मजबूती
HighLights
निफ्टी 23,960 और सेंसेक्स 77,301 पर बंद हुए
प्रॉफिट बुकिंग और कमजोर वैश्विक संकेतों ने तेजी रोकी
मीडिया, मेटल और रियल्टी सेक्टर में अच्छी बढ़त दिखी
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। 4 नवंबर को भारतीय इक्विटी सूचकांक मजबूत स्थिति के साथ बंद हुए, जिसमें निफ्टी 23,900 के स्तर पर रहा। हालांकि आज मार्केट में जितनी तेजी थी, वो कई कारणों से कम हुई। इन कारणों की जानकारी आगे दी गयी है।
बाजार बंद होने पर, सेंसेक्स 383.55 अंक या 0.50 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,301.40 पर, और निफ्टी 149.75 अंक या 0.63 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,960.60 पर बंद हुआ।
निफ्टी में सबसे ज्यादा तेजी दिखाने वाले शेयरों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टाइटन कंपनी, अदाणी एंटरप्राइजेज, जियो फाइनेंशियल और मैक्स हेल्थकेयर शामिल रहे, जबकि गिरावट वाले शेयरों में टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, कोल इंडिया और एटरनल शामिल थे।
किन सेक्टर्स में आई तेजी?
सेक्टर के मोर्चे पर, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी इंडेक्स में 2% की गिरावट आई, जबकि मीडिया इंडेक्स में 5% और मेटल व रियल्टी इंडेक्स में 2% की तेजी रही। वहीं, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एनर्जी और एफएमसीजी (FMCG) इंडेक्स में 1-1% की बढ़त देखी गई।
निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.2 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.8 प्रतिशत की तेजी आई।
इन वजहों से कम हुई तेजी
- प्रॉफिट बुकिंग: पिछले चार सत्रों में दोनों सूचकांकों में लगभग 5 प्रतिशत की तेजी आई और पिछले कारोबारी सत्र में वे दो महीने के उच्चतम स्तर पर बंद हुए, जिसके बाद निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग की।
- कमजोर वैश्विक संकेत: एशियाई बाजारों में भारी गिरावट देखी गई। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर खर्च को लेकर चिंताओं के बीच टेक्नोलॉजी शेयरों में गिरावट आई, जिससे प्रमुख सूचकांक छह महीने से अधिक के निचले स्तर पर आ गए।
- अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी के पक्ष में लहर चलने की उम्मीदों ने सख्त रेगुलेटरी जांच की चिंताओं को बढ़ा दिया है, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियों के मामले में। रेगुलेशन बढ़ने की यह संभावना ऐसे समय में सामने आई है, जब निवेशक पहले ही यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या AI से जुड़ी कंपनियों में किया गया भारी निवेश पर्याप्त रिटर्न देगा या नहीं। इस स्थिति ने एशियाई इक्विटी बाजारों पर दबाव और बढ़ा दिया है।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)