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17 से 21 अगस्त तक कैसा रहेगा शेयर बाजार का माहौल? कौन से फैक्टर्स रहेंगे अहम? जान लीजिए

Published: Sun, 16 Aug 2026 04:12 PM (IST)

भारतीय शेयर बाजार पिछले हफ्ते कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव के कारण गिरावट के साथ बंद हुआ, ...और पढ़ें

अब किधर जा सकता है शेयर बाजार? (AI फोटो)

अब किधर जा सकता है शेयर बाजार? (AI फोटो)

HighLights

  1. कच्चे तेल और भू-राजनीतिक तनाव से बाजार गिरा

  2. सेंसेक्स 0.62%, निफ्टी 0.83% की गिरावट

  3. निवेशक वैश्विक संकेतों पर सतर्कता से नजर रखेंगे

नई दिल्ली। बीते हफ्ते भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे लगातार दो हफ्तों से चली आ रही तेजी का सिलसिला थम गया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों के सेंटीमेंट पर असर डाला। हालांकि कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजे काफी अच्छे रहे और कुछ खास सेक्टर में खरीदारी भी जारी रही, लेकिन ऊंचे स्तरों पर मुनाफा-वसूली (प्रॉफिट-बुकिंग) और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव व स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़ी घटनाओं को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के कारण बाजार अपनी तेजी को बनाए रखने में संघर्ष करता दिखा।

सीमित दायरे में होता रहा ट्रेड

पूरे हफ्ते निफ्टी अधिकतर एक सीमित दायरे में ही घूमता रहा, जिससे पता चलता है कि निवेशक बड़े पैमाने पर जोखिम लेने के बजाय सावधानी बरत रहे थे और सोच-समझकर निवेश कर रहे थे। घरेलू स्तर पर अच्छे संकेतों के बावजूद जियोपॉलिटिकल चिंताओं का असर अधिक रहा, जिससे लगातार दो हफ्ते की बढ़त के बाद इस हफ्ते गिरावट देखने को मिली।

कितनी आई स्टॉक मार्केट में गिरावट?

पिछले हफ्ते सेंसेक्स 0.62% गिरकर 78,009.25 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 0.83% की गिरावट के साथ 24,366 पर बंद हुआ। ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन मिला-जुला रहा; मिडकैप इंडेक्स 0.50% चढ़ा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.66% गिर गया।

अब कैसा रहेगा आउटलुक?

जानकारों का मानना है कि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी में अच्छी बढ़त देखी गई, जिसे मांग में सुधार और घरेलू विकास को लेकर सकारात्मकता का सहारा मिला। वहीं, PSU बैंक अच्छी एसेट क्वालिटी, आकर्षक वैल्यूएशन और क्रेडिट ग्रोथ के अच्छे आउटलुक के कारण मजबूत बने रहे। अब इनपुट लागत बढ़ने की चिंताओं के बीच मेटल्स, ऑटोमोबाइल और FMCG में मुनाफावसूली देखी गई।
अब निवेशक ग्लोबल ग्रोथ और फेड की पॉलिसी के बारे में और संकेतों के लिए कच्चे तेल, जियोपॉलिटिकल घटनाक्रमों, अमेरिकी रिटेल बिक्री, FOMC मिनट्स और चीनी आर्थिक डेटा पर बारीकी से नजर रखेंगे।

सतर्क नजरिए बना रहेगा

एनालिस्ट्स का मानना है कि बाजार आने वाले हफ्ते में सतर्क नजरिए के साथ प्रवेश करेगा क्योंकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, जियोपॉलिटिकल जोखिम और ग्लोबल मॉनेटरी पॉलिसी की उम्मीदें बाजार की धारणा को प्रभावित करती रहेंगी। भारत के लिए कच्चे तेल की कीमतों का रुख विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इसका महंगाई, करंट अकाउंट और रुपये पर असर पड़ता है।

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"शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"

(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)