सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

क्यों दिवालिया हुई एजुकेशन सेक्टर की 'स्टार'? IIM के पूर्व छात्र की कंपनी ऐसे फंसी कर्ज के जाल में; ₹1 पर आया ₹960 वाला शेयर

Published: Tue, 24 Mar 2026 12:04 PM (IST)Updated: Tue, 24 Mar 2026 12:53 PM (IST)

एडुकाम्प सॉल्यूशन, जो कभी 960 रुपये का शेयर था, अब दिवालिया प्रक्रिया में है और इसकी कीमत सिर्फ 1 रुपये ...और पढ़ें

960 रुपये वाला शेयर 1 रुपये पर आया

960 रुपये वाला शेयर 1 रुपये पर आया

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

नई दिल्ली। बहुत सी कंपनियां हैं, जो दिवालिया प्रोसेस से गुजर रही हैं या दिवालिया हो चुकी हैं। इनमें से कुछ शेयर बाजार में लिस्टेड भी रहती हैं। मगर जब कोई लिस्टेड कंपनी दिवालिया होती है, तो उसका पब्लिक शेयरहोल्डर्स पर बहुत निगेटिव असर पड़ता है। अकसर निवेशक ऐसी कंपनियों के शेयर बेच नहीं पाते और शेयर की वैल्यू हर रोज गिरती है। यहां हम आपको एक ऐसी ही कंपनी की जानकारी देंगे, जो दिवालिया प्रोसेस में है और उसका शेयर अपने सबसे हाई लेवल 99.89 फीसदी वैल्यू गंवा चुका है।

Educomp Solution हो गई दिवालिया

हम बात कर रहे हैं Educomp Solution की, जिसका शेयर 12 अक्टूबर 2009 को 960 रुपये का था, मगर आज इसकी वैल्यू सिर्फ 1 रुपये है। यानी ये अपने हाई से 99.89 फीसदी वैल्यू गंवा चुका है। इसके शेयरों में ट्रेडिंग भी बंद है।

2007 में भी उछला था शेयर

  • मार्च 2007 से जनवरी 2008 तक भी Educomp Solution का शेयर खूब उछला
  • उस दौरान शेयर 187 रुपये से 911 रुपये पर पहुंचा, जिससे निवेशकों को 387.17 फीसदी रिटर्न मिला था
  • फिर ये गिरना शुरू हुआ और फरवरी 2009 में 286 रुपये पर आ गया
  • 286 के भाव से चढ़ते-चढ़ते ये 12 अक्टूबर 2009 को 960 के ऑल-टाइम हाई तक गया
  • 960 से गिरते-गिरते अब इसकी वैल्यू सिर्फ 1 रुपये बची है

इसलिए मिली थी वाहवाही

Educomp 2008-12 के आस-पास एक तरह की स्टार कंपनी थी। IIM-अहमदाबाद और दिल्ली के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के पूर्व छात्र शांतनु प्रकाश द्वारा शुरू की गयी कंपनी ने हजारों स्कूलों को 'Smartclass' – क्लासरूम को डिजिटल रूप से तैयार करने के लिए हार्डवेयर – दिया। उस समय Educomp के प्लान को डिजिटल क्लासरूम तैयार करने के लिए काफी वाहवाही मिली।
हालांकि कंपनी 2013 से कॉर्पोरेट डेट रिस्ट्रक्चरिंग (Corporate Debt Restructuring) के अंतर्गत आ गई। सभी लेन-देन और Cash Flows कर्जदाताओं द्वारा बनाए गए एक 'ट्रस्ट और रिटेंशन खाते' के माध्यम से ऑपरेट किए गए। हर चीज की निगरानी की गई है, क्योंकि पर कर्ज बढ़ रहा था।

क्यों दिवालिया हुई कंपनी?

Educomp Solutions मुख्य रूप से बहुत ज्यादा विस्तार के कारण हुए भारी कर्ज में आ गई। फिर घटते रेवेन्यू और फाइनेंशियल मिसमैनेजमेंट की वजह से इसे काफी नुकसान हुआ और ये दिवालिया हो गई। फिर मई 2017 में दिवालिया कार्यवाही शुरू हुई।
कंपनी मार्केट लीडर से दिवालिया की स्थिति में पहुँच गई। इसकी स्थिति और भी खराब तब हुई जब स्कूल मैनेजमेंट के क्षेत्र में कर्ज लेकर शुरू किए गए प्रोजेक्ट्स असफल रहे, जिसके परिणामस्वरूप 2017 तक कंपनी को ₹700 करोड़ से भी अधिक का नुकसान हुआ।

सब्सिडियरी भी हो गई दिवालिया

Educomp Solutions की सब्सिडियरी एडुकॉम्प इंफ्रास्ट्रक्चर एंड स्कूल मैनेजमेंट भी दिवालिया हो गई थी। अप्रैल 2018 में IBC की धारा 10 के तहत इसके खिलाफ दिवालिया कार्यवाही शुरू की गयी, जब यह SBI, Andhra Bank, PNB, Yes Bank, Axis Bank, Bank of India और अन्य समेत कुल सात बैंकों को 788 करोड़ रुपये का भुगतान करने में चूक गई।

नया इंसॉल्वेंसी साइकिल शुरू

पहले मंजूर की गयी एक समाधान योजना को सफल समाधान आवेदक (SRA) द्वारा लागू नहीं किया जा सका, जिसके नतीजे में अब मार्च 2026 में एक नया 100-दिवसीय इंसॉल्वेंसी साइकिल शुरू हुआ। Educomp Solutions ने हाल ही में स्टॉक एक्सचेंजों को अपनी दिवालियापन की कार्यवाही में हुई महत्वपूर्ण घटनाओं के बारे में सूचित किया है।
दरअसल NCLT ने भारतीय दिवाला और दिवालियापन बोर्ड (IBBI) को निर्देश दिया है कि वह स्पेशल रिजॉल्यूशन एडमिनिस्ट्रेटर (SRA) द्वारा मंजूर किए गए रिजॉल्यूशन प्लान को लागू करने में हुई विफलता की जाँच शुरू करे। NCLT ने स्पष्ट किया कि जाँच पूरी होने पर, यदि कोई अपराध साबित होता है, तो IBBI दिवाला और दिवालियापन संहिता, 2016 की धारा 236 के तहत शिकायत दर्ज करेगा।

ये भी पढ़ें - Share Market Today LIVE: शेयर बाजार में घटी तेजी, सेंसेक्स 620 अंक ऊपर; 22700 पर निफ्टी, रुपया हुआ मजबूत

"शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"

(डिस्क्लेमर: यहां एक शेयर की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)