नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF) बचत योजना बेहतर निवेश साधन है जो निवेशकों को लॉन्ग टर्म निवेश पर पैसे बनाने का मौका देती है। पीपीएफ योजनाओं पर ब्याज का भुगतान सरकार द्वारा हर तिमाही में किया जाता है। वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही में पीपीएफ पर ब्याज दर 1 अप्रैल से 31 जून तक 7.1% तय की गई थी। पीपीएफ में 15 साल की मैच्योरिटी है लेकिन निवेशकों को आंशिक निकासी करने की अनुमति है। एक निवेशक कुछ स्थितियों में समय से पहले इसके बंद होने का अनुरोध भी कर सकता है। 

आंशिक निकासी और क्लोजर

आम तौर पर खाता खोलने की तारीख से 15 साल की मैच्योरिटी अवधि के बाद निकासी की जा सकती है। हालांकि, खाता खोलने की तारीख से 6वें वर्ष के अंत में आंशिक निकासी की जा सकती है। एक निवेशक मेडिकल इमरजेंसी या शैक्षिक जरूरतों के लिए पीपीएफ खाते को समय से पहले बंद करने का विकल्प चुन सकता है।

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पीपीएफ निवेशकों को हर साल सातवें वित्तीय वर्ष की शुरुआत से निकासी की अनुमति है। यह निकासी निम्नलिखित में से कम हो सकती है।

प्रीमैच्योर क्लोजिंग

PPF खाता मैच्योरिटी तिथि से पहले ही बंद किया जा सकता है। पीपीएफ खाते को उस वर्ष के अंत से पांच साल बाद मैच्योरिटी तिथि या समय से पहले बंद करने की अनुमति है। हालांकि, समय से पहले बंद करने की अनुमति केवल तभी दी जाती है, जब मेडिकल स्थिति को साबित करने वाले उचित दस्तावेज दिखाने के बाद निवेशक को बीमारियों के इलाज के लिए धन की आवश्यकता होती है।

दूसरी सूरत में यदि निवेशक या खाताधारक को भारत या विदेश में किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में उच्च शिक्षा के लिए धन की आवश्यकता है, तो समय से पहले बंद करने की अनुमति है। पीपीएफ exempt-exempt-exempt (EEE) कर लाभ श्रेणी के अंतर्गत आता है। 

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