नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। एक निश्चित ब्याज दर होने के चलते पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम एक सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है। पोस्ट ऑफिस अपने ग्राहकों से विभिन्न स्मॉल सेविंग स्कीम्स की पेशकश करता है। पोस्ट ऑफिस की ये योजनाएं काफी लोकप्रिय हैं। इन योजनाओं में पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट, पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), टैक्स सेविंग डिपॉजिट स्कीम, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), और सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) शामिल हैं।

पोस्ट ऑफिस की इन योजनाओं में निवेश कर निवेशक जरूरत के समय के लिए एक अच्छा फंड तैयार कर सकता है। कोरोना वायरस संकट ने एक बार फिर सही समय पर बचत करने और निवेश करने के महत्व को रेखांकित किया है। वेतन में कटौती और जॉब चले जाने जैसे विकट समय में यह निवेश व्यक्ति की नकदी की जरूरतों को पूरा करने में मदद करता है। पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम में निवेश करके भी एक अच्छी बचत की जा सकती है। आइए इस स्कीम के बारे में जानते हैं।

ब्याज दर

पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट में इंडिविजुअल/ज्वाइंट अकाउंट पर 4 फीसद सालाना की दर से ब्याज मिलता है। पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम में प्रत्येक वित्त वर्ष में 10,000 रुपये तक की ब्याज आय कर मुक्त होती है।

कौन खुलवा सकता है अकाउंट

पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट को एक एकल वयस्क, ज्वाइंट अकाउंट (अधिकतम दो वयस्क), 10 साल से ऊपर की आयु का नाबालिग और मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्ति के नाम पर अभिभावक द्वारा खुलवाया जा सकता है।

न्यूनतम जमा सीमा

पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट में न्यूनतम 500 रुपये बैलेंस रखना जरूरी है। अगर आप अपने पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट में न्यूनतम 500 रुपये नहीं रखते हैं, तो हर वित्त वर्ष के अंतिम कामकाजी दिन मेंटेनेंस शुल्क के रूप में 100 रुपये काटे जाते हैं। अगर मेंटेनेंस शुल्क काटे जाने के बाद अकाउंट में शून्य रुपये शेष बचते हैं, तो खाता अपने आप बंद हो जाता है।

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