नई दिल्ली, नितेश कुमार तिवारी। 'लाभ जोखिम का पुरस्कार है'। प्रो० हॉले का ये कथन व्यापार जगत से लेकर निवेश बाजार के लिए सटीक बैठता है। शेयर बाजार में निवेश की बात करें तो अगर आप जानकार हैं और कंपनियों की गतिवधियों को समझते हैं तो सीधे उन शेयरों में निवेश कर सकते हैं जो आपको बेहतर रिटर्न दे सकते हैं। हालांकि, एक आम निवेशक के लिए शेयरों में निवेश के लिए कंपनियों पर रिसर्च करना एक मुश्किल काम है। आम निवेशकों के इस काम को आसान करते हैं इक्विटी म्‍युचुअल फंड। इक्विटी म्‍युचुअल किसी एक शेयर में नहीं बल्कि तमाम कंपनियों के शेयरों में निवेश करते हैं। इस वजह से किसी एक कंपनी से होने वाले नुकसान आपके निवेश पोर्टफोलियो को प्रभावित नहीं करता है।

शेयर बाजार में सीधे निवेश के फायदे और नुकसान

अगर निवेशक शेयर बाजार में सीधे निवेश करते हैं तो इसका फायदा यह है कि इसपर ज्यादा रिटर्न के साथ-साथ अधिक नुकसान की संभावना बढ़ जाती है, लेकिन इसके अपने खतरे भी हैं। शेयर में सीधे निवेश करना ज्यादा रिटर्न के लिहाज से ठीक तो है लेकिन कई बार नुकसान का खतरा बढ़ जाता है और भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। अगर कोई निवेशक शेयर बाजार में सीधे निवेश करता है तो उसे अपने पोर्टफोलियो पर निरंतर ध्यान देना होता है।

सेबी रजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर, और सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर मनिकरण सिंघल ने कहा, जिसको स्टॉक की जानकारी नहीं है, शेयर कैसे खारीदा जाए, वे प्रोफेशनल मैनेजमेंट के जरिये म्‍युचुअल फंड में निवेश करें। इसमें सब कुछ डिसिप्लिन के तहत होता है। हर महीने SIP के जरिये जाएं। हां, अगर किसी के पास पूरा समय है, कोई निवेशक अगर मार्केट के बारे में जानता है, उसके पास रिसर्च के लिए बहुत समय है, तो फिर वो डायरेक्ट शेयर के लिए जा सकता है, वरना म्‍युचुअल फंड सबसे बेहतर विकल्‍प है।

लॉन्ग टर्म के लिए करें निवेश

कई दफा ऐसा होता है कि निवेशक शेयर बाजार से बहुत जल्दी भारी भरकम रिटर्न की उम्मीद लगा लेते हैं, जबकि बाजार हमारी सोच के हिसाब से नहीं चलते, इसलिए शेयर में निवेश करें तो थोड़ा धैर्य रखना होगा, क्योंकि इंतजार करने पर आपको अच्छा रिटर्न मिल सकता है।

फंड मैनेजर को होती है जानकारी

अगर आप म्‍युचुअल फंड के माध्यम से निवेश करते हैं उसका प्रबंधन प्रोफेशनल फंड मैनेजर्स करते हैं। फंड मैनेजर को बाजार के उतार-चढ़ाव की अच्छी समझ होती है। इसके अलावा निवेश पोर्टफोलियो डायवर्सिफाइड होने से उतार-चढ़ाव का खतरा भी कम हो जाता है।

लैडर7 फाइनेंशियल सर्विसेज के फाइनेंशियल एडवाइजर, सुरेश सदगोपन का कहना है कि अगर कोई निवेशक डायरेक्ट शेयर में निवेश के लिए जाता है तो उसे स्टॉक मार्केट के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। उसे रिसर्च करना होगा, नये लोगों के लिए ये मुश्किल है, इसलिए प्रोफेशनल मैनेजमेंट के जरिये म्‍युचुअल फंड में निवेश करना बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि प्रोफेशनल मैनेजर को मार्केट की मौजूदा हालत से लेकर शेयरों के बारे में जानकारी होती है कि कौन सा शेयर किस वक़्त कैसे परफॉर्म कर रहा है। इसलिए म्‍युचुअल फंड का रास्ता सही है।

एक छोटी राशि से कर सकते हैं निवेश की शुरुआत?

आमतौर पर म्‍युचुअल फंड में 500 रुपये से निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। लेकिन कुछ कंपनियां ऐसी भी हैं जो 100 रुपये से निवेश शुरू करने की सुविधा देती हैं।

 

Posted By: Nitesh

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