Covid Mahamari के दौरान Salaryclass को मोदी सरकार ने कई सौगातें दी हैं। इनमें 4 सौगातें सीधे तौर पर उनकी जेब से जुड़ी हैं। मसलन NPS exit/withdrawal application से लेकर Family Pension तक के नियम और आसान कर दिए गए हैं। सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। खासकर Covid Mahamari में जान गंवाने वाले सरकारी कर्मचारियों के परिवार को सहूलियत देने के लेकर आए दिन फैसले ले रही है। आइए एक-एक कर इन फैसलों के बारे में तफसील से समझते हैं :

1; NPS exit/withdrawal applications

सबसे बड़ा फैसला NPS को लेकर हुआ है। NPS से निकलने या पैसा निकालने की अर्जी देने वालों को सरकार ने बड़ी सहूलियत दी है। उनका काम इलेक्‍ट्रॉनिक तरीके से अप्‍लाई करने से ही पूरा हो जाएगा। यानि अगर कोई NPS खाताधारक सॉफ्ट कॉपी के जरिए NPS Exit या खाते से पैसा निकालने के लिए अप्‍लाई करेगा तो उसका काम आसानी से होगा। यह व्‍यवस्‍था 30 जून तक के लिए है। इस तारीख तक OTP/E-Sign के जरिए ही आपकी अर्जी पास हो जाएगी। हालांकि कागजात जमा होंगे लेकिन वह बाद में कर सकते हैं।

PFRDA का बयान

PFRDA का कहना है कि Covid के कारण सरकारी दफ्तरों को कागजात ले पाने में दिक्‍कत हो रही है। इसलिए Points of Presence (POPs) की सुविधा 30 जून तक दी जा रही है। कागजात डिजिटली एक्‍सेप्‍ट किए जाएंगे। लेकिन Central Record Keeping Agency (CRA) के पास 31 अक्‍टूबर तक उनकी हार्ड कॉपी जमा करनी होगी। 1 जुलाई से POPs को एक्जिट रिक्‍वेस्‍ट को प्रोसेस करना होगा। ऐसा वे खाताधारक के CRA सिस्‍टम में डॉक्‍युमेंट अपलोड करने के बाद कर सकते हैं।

2; Family Pension ka Claim

किसी सरकारी विभाग के पास अगर Family Pension ka Claim आता है तो Death Certificate देख कर परिवार के योग्‍य सदस्‍य के नाम पर पेंशन जारी कर दी जाएगी। अगर Pensioner की मृत्‍यु Covid या Non Covid कारण से होती है तो भी दोनों सूरतों में उनके परिवार के सदस्‍य को Family Pension मिलना शुरू हो जानी चाहिए।

3; Provisional Family Pension

सरकार ने Government Servant को भी रियायत दी है। इसमें CCS (Pension) Rule 1972 के Rule 80 (A) को आधार माना गया है। इसके तहत अगर किसी सरकारी कर्मचारी की सर्विस के दौरान मृत्‍यु हो जाती है तो Provisional Family Pension जारी कर दी जाएगी। ऐसा Pay and Accounts Office को कागज पहुंचते ही हो जाना चाहिए।

4; Provisional Pension की मियाद

मोदी सरकार ने Provisional Pension की मियाद बढ़ाकर 1 साल कर दी है। यानि अगर आप Covid Mahamari में रिटायर हो चुके या होने वाले हैं तो ऐसे सरकारी कर्मचारी को रिटायरमेंट के दिन से 1 साल तक Provisional Pension मिलती रहेगी। इसके लिए HoD की इजाजत लेनी होगी। CCS (Pension), 1972 के Rule 64 के मुताबिक Provisional Pension 6 महीने के लिए ही दी जाती है। लेकिन Covid Case में इसे आगे बढ़ाया गया है।

Provisional Pension का प्रावधान

आल इंडिया अकाउंट एंड आडिट कमेटी के जनरल सेक्रेटरी एचएस तिवारी ने बताया कि Provisional pension पहले से है। किसी सरकारी कर्मचारी के रिटायर होने पर आपात स्थिति में उसे यह पेंशन दी जाती है। यह पेंशन उसकी Last drawn salary के आधार पर बनती है। वास्‍तविक Pension और Provisional pension की रकम में अंतर नहीं होता है। Covid को देखते हुए सरकार ने इसकी मियाद 6 महीने से बढ़ाकर 1 साल कर दी है। यानि जिन लोगों को बीते साल Provisional Pension आवंटित हुई है, उन्‍हें यह 1 साल तक मिलेगी।

क्‍या है बड़ा कारण

महामारी के दौरान कर्मचारियों को नियमित पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) जारी होने और पेपर वर्क पूरा होने तक प्रोविजनल पेंशन (Provisional Pension to CG Employees) दी जाएगी। यही व्‍यवस्‍था Family pension पाने वालों के साथ भी होगी।

Pension Form देने में दिक्‍कत

तिवारी की मानें तो महामारी के कारण सरकारी कर्मचारियों को दफ्तर में पेंशन फार्म जमा करने में दिक्‍कत हो सकती है। ऐसा भी हो सकता है कि वे सर्विस बुक के साथ Claim फार्म पे एंड एकाएंट दफ्तर में जमा कर पाने की स्थिति में न हों। खासकर दोनों दफ्तर अगर अलग-अलग शहरों में हैं, तो यह दिक्‍कत और बढ़ जाती है।

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