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PPF News: कब शुरू हुई थी पीपीएफ योजना, कैसे पहले निवेशक हुए थे मालामाल; अब कितनी है ब्याज दर

Published: Sun, 01 Nov 2026 03:34 PM (IST)

PPF News: सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF) योजना 1968 में शुरू हुई थी, जिसका उद्देश्य लंबी अवधि की बचत को बढ़ावा ...और पढ़ें

PPF योजना 1 जुलाई 1968 को 4.8% ब्याज के साथ शुरू हुई।

PPF योजना 1 जुलाई 1968 को 4.8% ब्याज के साथ शुरू हुई।

HighLights

  1. PPF योजना 1 जुलाई 1968 को 4.8% ब्याज के साथ शुरू हुई।

  2. 1986 से 1999 तक PPF पर निवेशकों को 12% ब्याज दर मिली।

  3. वर्तमान में PPF पर 7.1% ब्याज और टैक्स लाभ मिलता है।

PPF Scheme History: आज भी बहुत से भारतीय अपना पैसा सुरक्षित जगह पर निवेश करना पसंद करते हैं। शेयर मार्केट के बदले कुछ भारतीय बैंक एफडी और अन्य सरकारी योजनाओं में निवेश करते हैं। इन्हीं में से एक है पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) यानी सार्वजनिक भविष्य निधि।

इस योजना की खासियत यह है कि इसमें निवेश करने पर सुरक्षित रिटर्न मिलता है और टैक्स बचाने का लाभ भी मिलता है। यही वजह है कि नौकरीपेशा लोगों से लेकर छोटे निवेशकों तक के बीच यह योजना काफी पसंद की जाती है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि पीपीएफ की शुरुआत कब हुई थी और शुरुआती दौर में इसमें निवेश करने वाले लोगों को कितना ब्याज मिलता था? आइए इसके बारे में जानते हैं।

कब शुरू हुई थी PPF?

भारत सरकार ने पब्लिक प्रोविडेंट फंड योजना की शुरुआत 1 जुलाई 1968 को की थी। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों में लंबी अवधि की बचत की आदत विकसित करना और उन्हें रिटायरमेंट के लिए आर्थिक रूप से मजबूत बनाना था। शुरुआत में इस योजना पर निवेशकों को सालाना 4.8 फीसदी ब्याज मिलता था। उस समय निवेश की सीमा भी आज के मुकाबले काफी कम थी।

वो साल जब PPF पर मिलती थी 12% की ब्याज दर

पीपीएफ में निवेश करने वाले लोगों के लिए सबसे शानदार दौर 1986 में शुरू हुआ। सरकार ने 1 अप्रैल 1986 से इस योजना की ब्याज दर बढ़ाकर 12 फीसदी सालाना कर दी थी। यह दर मार्च 1999 तक लागू रही। यानी करीब 13 साल तक निवेशकों को 12 फीसदी का शानदार ब्याज मिलता रहा। यानी जो इस योजना की शुरुआत में निवेश किए थे और 15 साल बाद भी पैसा नहीं निकाले थे, उन्हें तगड़ा फायदा हुआ था।

इस दौरान जिन लोगों ने नियमित रूप से पीपीएफ में निवेश किया, उन्हें कंपाउंडिंग का बड़ा फायदा मिला। ब्याज पर ब्याज जुड़ने से उनकी जमा रकम में तेजी से बढ़ोतरी हुई। यही वजह है कि उस दौर में पीपीएफ को लंबी अवधि में पैसा बनाने का एक बेहतरीन विकल्प माना जाता था।

हालांकि, साल 2000 के बाद सरकार ने धीरे-धीरे इसकी ब्याज दरों में कटौती शुरू कर दी। जनवरी 2000 में ब्याज दर 11 फीसदी और मार्च 2001 में 9.5 फीसदी कर दी गई। इसके बाद भी कई बार दरों में बदलाव हुआ।

वर्तमान में क्या है PPF की ब्याज दर

वर्तमान में पीपीएफ योजना पर निवेशकों को सालाना 7.1 फीसदी ब्याज मिल रहा है। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए भी इस ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया है। इस तरह लगातार कई तिमाहियों से पीपीएफ की ब्याज दर 7.1 फीसदी पर बनी हुई है।

कब-कब कितनी-कितनी मिली ब्याज

वर्ष ब्याज दर (%)
1968-69 से 1969-70 तक 4.8
1970-71 से 1972-73 तक 5
1973-74 5.3
01.04.1974 से 31.07.1974 तक 5.8
01.08.1974 से 31.03.1975 तक 7
1975-76 से 1976-77 तक 7
1977-78 से 1979-80 तक 7.5
1980-81 8
1981-82 से 1982-83 तक 8.5
1983-84 9
1984-85 9.5
1985-86 10
1986-87 से 1998-99 तक 12
01.04.1999 से 14.01.2000 तक 12
15.01.2000 से 28.02.2001 तक 11
01.03.2001 से 28.02.2002 तक 9.5
01.03.2002 से 28.02.2003 तक 9
01.03.2003 से 30.11.2011 तक 8
01.12.2011 से 31.03.2012 तक 8.6
01.04.2012 से 31.03.2013 तक 8.8
01.04.2013 से 31.03.2016 तक 8.7
01.04.2016 से 30.09.2016 तक 8.1
01.10.2016 से 31.03.2017 तक 8
01.04.2017 से 30.06.2017 7.9
01.07.2017 से 31.12.2017 तक 7.8
01.01.2018 से 30.09.2018 तक 7.6
01.10.2018 से 31.06.2019 तक 8
01.07.2019 से 31.03.2020 तक 7.9
01.04.2020 से 30.09.2026 तक... अबी यह जारी है 7.1

15 साल का मैच्योरिटी पीरियड

पीपीएफ खाते में एक वित्त वर्ष के दौरान न्यूनतम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं। इस योजना की मैच्योरिटी अवधि 15 साल है। हालांकि, निवेशक चाहें तो निर्धारित नियमों के अनुसार इसे पांच-पांच साल के ब्लॉक में आगे भी बढ़ा सकते हैं।

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसका सरकारी सुरक्षा कवच और टैक्स लाभ है। पुरानी टैक्स व्यवस्था में पीपीएफ में किए गए निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की कटौती का लाभ मिलता है। इसके अलावा, पीपीएफ पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी की रकम भी टैक्स फ्री होती है।

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