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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

New Income Tax Bill: मोदी सरकार ने लोकसभा से वापस लिया इनकम टैक्स विधेयक, 11 अगस्त को पेश होगा नया विधेयक

Published: Fri, 08 Aug 2025 04:13 PM (IST)

Income tax bill 2025 केंद्र सरकार ने आयकर विधेयक 2025 को औपचारिक रूप से वापस ले लिया है जिसे मौजूदा ...और पढ़ें

11 अगस्त को आएगा नया इनकम टैक्स बिल, जानें क्या-क्या बदलने वाला है
11 अगस्त को आएगा नया इनकम टैक्स बिल, जानें क्या-क्या बदलने वाला है

नई दिल्ली। Income tax bill 2025: केंद्र सरकार ने आयकर विधेयक, 2025 को औपचारिक रूप से वापस ले लिया है, जिसे मौजूदा आयकर अधिनियम, 1961 को प्रतिस्थापित करने के लिए 13 फरवरी को लोकसभा में पेश किया गया था। विधेयक का नया संस्करण सोमवार 11 अगस्त को लोकसभा में पेश किया जाएगा। इसमें भाजपा सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली प्रवर समिति द्वारा की गई अधिकांश सिफारिशें शामिल हैं।

केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्या कहा?

विधेयक वापस लेने का कारण बताते हुए, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "सरकार ने आयकर विधेयक, 2025 को 13 फरवरी, 2025 को लोकसभा में पेश किया था और उसी दिन इसे जाँच के लिए प्रवर समिति के पास भेज दिया गया था। प्रवर समिति ने 21 जुलाई, 2025 को अपनी रिपोर्ट लोकसभा में प्रस्तुत कर दी है। प्रवर समिति की लगभग सभी सिफ़ारिशें सरकार द्वारा स्वीकार कर ली गई हैं। अन्य स्रोतों से भी सुझाव प्राप्त हुए हैं जिन्हें सही विधायी अर्थ प्रदान करने के लिए शामिल किया जाना आवश्यक है।

प्रवर समिति की रिपोर्ट के अनुसार आयकर विधेयक, 2025 को वापस लेने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, "समय आने पर लोकसभा में एक नया विधेयक पेश किया जाएगा जो आयकर अधिनियम, 1961 का स्थान लेगा।" बजट सत्र के दौरान पेश किया गया पिछला मसौदा, प्रत्यक्ष कर कानूनों को आधुनिक और सरल बनाने की सरकार की व्यापक योजना का हिस्सा था।

संशोधित विधेयक में मूल संरचना को बरकरार रखने की उम्मीद है, लेकिन इसमें संसदीय पैनल द्वारा सुझाए गए कई तकनीकी और प्रक्रियात्मक संशोधन भी शामिल होंगे।

वापस लिए गए मसौदे में क्या-क्या था प्रस्तावित

1. सरल कानूनी भाषा

अनुपालन को आसान बनाने के लिए छोटे प्रावधान, कम प्रावधान और स्पष्टीकरण तथा समान कटौतियों का एकीकरण।

2. कुछ अपराधों के लिए कम दंड

प्रणाली को अधिक करदाता-अनुकूल बनाने के लिए डिजाइन करना।

3. कोई नया कर नहीं

टैक्स स्लैब, कैपिटल गेन, समय सीमा और आय श्रेणियां अपरिवर्तित रहेंगी।

4. मुकदमेबाजी में कमी 

"पहले विश्वास करो, बाद में जांच करो" वाला दृष्टिकोण, साथ ही 300 से अधिक पुराने प्रावधानों को हटाया गया।

5. आधुनिक प्रशासन

सीबीडीटी को नियम निर्धारित करने, डिजिटल निगरानी प्रणाली लागू करने तथा वित्तीय वर्ष और आकलन वर्ष के बीच भ्रम को कम करने के लिए "टैक्स ईयर" की अवधारणा शुरू करने के लिए अधिक शक्तियां दी गईं।