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वेज सीलिंग बढ़ने के बाद EPFO ने कंपनियों को दी राहत, बढ़ाई ECR फाइल करने की लास्ट डेट; अब कितना कटेगा पीएफ?

Published: Wed, 14 Oct 2026 10:44 AM (IST)Updated: Wed, 14 Oct 2026 11:14 AM (IST)

ECR Filing Date Extended: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने नियोक्ताओं को राहत देते हुए सितंबर 2026 के लिए इलेक्ट्रॉनिक ...और पढ़ें

वेज सीलिंग बढ़ने के बाद EPFO ने कंपनियों को दी राहत, बढ़ाई ECR फाइल करने की लास्ट डेट; अब कितना कटेगा पीएफ?

वेज सीलिंग बढ़ने के बाद EPFO ने कंपनियों को दी राहत, बढ़ाई ECR फाइल करने की लास्ट डेट; अब कितना कटेगा पीएफ?

HighLights

  1. EPFO ने ECR फाइलिंग की अंतिम तिथि बढ़ाई।

  2. सितंबर 2026 के लिए अब 31 अक्टूबर तक कर सकेंगे जमा।

  3. वेतन सीमा बढ़ने से कंपनियों को हुई थी परेशानी।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने उन तमाम नियोक्ताओं (Employers) और कंपनियों को बड़ी राहत दी है, जिन्हें इस महीने सैलरी और पीएफ कैलकुलेशन (EPS Calculation) में परेशानी आ रही थी। EPFO ने सितंबर 2026 के वेतन महीने (Wage month) के लिए इलेक्ट्रॉनिक चालान-कम-रिटर्न (ECR) फाइल करने और पीएफ कंट्रीब्यूशन जमा करने की आखिरी तारीख को आगे बढ़ा दिया है। पहले ECR फाइल करने की आखिरी तारीख 15 अक्टूबर थी जिसे बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2026 कर दिया गया है। आइए EPFO के इस एलान का मतलब समझते हैं।

क्यों बढ़ानी पड़ी तारीख?

मालूम हो कि हाल ही में 17 सितंबर 2026 को सरकार ने ईपीएफ की वेतन सीमा (Wage Ceiling) को ₹15000 से बढ़ाकर ₹25000 प्रति महीना किया था। अब क्योंकि ये बदलाब सितंबर के बीच में हुआ, इसलिए सितंबर महीने की पीएफ दो हिस्सों में बंट गया। अचानक हुए इस बदलाव की वजह से कंपनियों और नियोक्ताओं को सितंबर के पे-रोल (Pay-rolls), सैलरी स्ट्रक्चर और हर कर्मचारी के पीएफ कंट्रीब्यूशन का हिसाब दोबारा तैयार करने में भारी तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।

इसी समस्या को देखते हुए कई इंडस्ट्री बॉडीज और नियोक्ताओं ने EPFO से तारीख बढ़ाने की अपील की थी, जिसे कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने स्वीकार किया।

ECR लेट फाइल करने से क्या होगा?

अगर आपकी कंपनी तय समय पर पीएफ का योगदान जमा नहीं करती हैं, तो उन्हें एक्स्ट्रा रकम चुकानी पड़ सकती है। साथ ही इसके तहत ब्याज और देरी के अवधि के हिसाब से जुर्माना लगाया जाता है। EPFO के नियम के हिसाब से धारा 7Q के तहत निर्धारित समय के बाद पेमेंट करने पर बकाया रकम पर 12% सालाना की दर से ब्याज लग सकता है। वहीं धारा 14B के तहत पेमेंट में देरी की अवधि और लागू नियमों के मुताबिक बकाया रकम पर 5% से 25% तक हर्जाना लगाया जा सकता है.

कंपनी कैसे फाइल करे ECR?

ECR फाइल करने के लिए आप नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं:

  • सबसे पहली ईपीएफओ के आधिकारिक Employer Portal पर जाएं और अपनी Establishment ID और पासवर्ड के जरिए आईडी लॉगिन करें
  • ECR सेक्शन में जाकर कर्मचारियों की सैलरी और पीएफ अंशदान से जुड़ी जानकारी तय फॉर्मेट में तैयार करें
  • फिर तैयार टेक्स्ट फाइल अपलोड करें और सभी जानकारियों को ध्यान से चेक कर लें
  • इसके बाद चालान जनरेट करें और TRRN नंबर रिसीव करें
  • चालान के जरिए निर्धारित रकम का पेमेंट करें और पेमेंट से जुड़ा रिकॉर्ड अपने पास कैसे सुरक्षित रखें

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