FD Rate Hike: बढ़ गई रेपो रेट, तो इस कंपनी ने बढ़ाई एफडी पर ब्याज दर; मिलेगा 8.25% तक का फायदा
RBI Repo Rate Hike: आरबीआई द्वारा रेपो रेट में बढ़ोतरी के बाद, बजाज फाइनेंस ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) ब्याज ...और पढ़ें

FD Rate Hike: बढ़ गई रेपो रेट, तो इस कंपनी ने बढ़ाई एफडी पर ब्याज दर; मिलेगा 8.25% तक का फायदा
HighLights
आरबीआई ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट का इजाफा किया।
बजाज फाइनेंस ने एफडी ब्याज दरों में 15-40 बेसिस प्वाइंट की वृद्धि की।
अब एफडी पर वरिष्ठ नागरिकों को 8.25% तक ब्याज मिलेगा।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। आरबीआई ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट (Repo Rate Hike) का इजाफा किया। जिसके बाद से अब होम लोन, कार लोन और बाकी लोन की ईएमआई पर बोझ पड़ेगा। लेकिन जो लोग एफडी करवाना चाहते हैं उनके लिए एक अच्छी खबर सामने आई है।
दरअसल, देश की बड़ी नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों में शामिल बजाज फाइनेंस ने अपनी एफडी पर ब्याज दरों में इजाफा किया। नई दरें 7 अक्टूबर से लागू मानी जाएंगी और नई एफडी (FD Rate Hike) के साथ-साथ पुरानी एफडी के रिन्यूअल पर भी मिलेंगी। आइए जानते हैं कि किस एफडी पर कितना ब्याज मिलेगा।
कंपनी ने कितना किया इजाफा?
नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी बजाज फाइनेंस ने एफडी की ब्याज दरों में 15 से 40 बेसिस प्वाइंट का इजाफा किया। कंपनी ने सबसे ज्यादा फायदा लंबी अवधि (लॉन्ग टेन्योर) के निवेश पर दिया है। 31 से 60 महीने की अवधि के लिए रेगुलर निवेशकों को अब 0.35% और सीनियर सिटिजन्स को 0.40% तक ज्यादा ब्याज मिलेगा।
| अवधि (Tenure) | सामान्य निवेशक (Regular Rates) | वरिष्ठ नागरिक (Senior Citizens) | रिन्यूअल पर सामान्य निवेशक (0.10% एक्स्ट्रा) | रिन्यूअल पर वरिष्ठ नागरिक (मैक्सिमम रिटर्न) |
| 12 से 17 महीने | 6.80% | 7.20% | 6.90% | 7.30% |
| 18 से 30 महीने | 7.00% | 7.40% | 7.10% | 7.50% |
| 31 से 60 महीने | 7.75% | 8.15% | 7.85% | 8.25% |
RBI ने क्या बढ़ाया रेपो रेट?
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने अपने संबोधन की शुरुआत मीडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के साथ की। उन्होंने चिंता जताई कि वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ रही है और एनर्जी से लेकर खाने-पीने की चीजें तक महंगी हो रही हैं। इसी अनिश्चितता और महंगाई को काबू में रखने के लिए केंद्रिय बैंक ने रेपो रेट बढ़ाने का सख्त फैसला लिया। इसके साथ ही, आरबीआई ने मॉनेटरी पॉलिसी के रुख को 'न्यूट्रल' से बदलकर 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' कर दिया है, जिसका साफ मतलब है कि अब पूरा फोकस महंगाई पर लगाम कसने पर है।
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