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Tax Saving Mutual Fund: टैक्स बचाने के साथ छप्परफाड़ रिटर्न, सिर्फ 3 साल के लॉक-इन वाला ये फंड है बेस्ट!

Published: Thu, 17 Sep 2026 02:54 PM (IST)

ELSS म्यूचुअल फंड टैक्स बचाने और शानदार रिटर्न पाने का एक बेहतरीन विकल्प है। इसमें आयकर अधिनियम की धारा 80C ...और पढ़ें

Tax Saving Mutual Fund: टैक्स बचाने के साथ छप्परफाड़ रिटर्न, सिर्फ 3 साल के लॉक-इन वाला ये फंड है बेस्ट!

Tax Saving Mutual Fund: टैक्स बचाने के साथ छप्परफाड़ रिटर्न, सिर्फ 3 साल के लॉक-इन वाला ये फंड है बेस्ट!

HighLights

  1. ELSS: टैक्स बचत और उच्च रिटर्न का बेहतरीन विकल्प।

  2. धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की छूट।

  3. केवल 3 साल का लॉक-इन पीरियड, सबसे कम।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। अगर आप म्यूचुअल फंड में निवेश करके बड़ा रिटर्न चाहते हैं और चाहते हैं कि टैक्स की बचत भी हो, तो ये खबर आपके लिए है। मार्केट में कई तरह के म्यूचु्अल फंड्स हैं, लेकिन इनमें निवेश करने का तरीका और रिटर्न, सबकुछ अलग-अलग है। लेकिन एक ऐसा फंड भी है जिसमें निवेश करने से आप टैक्स की बचत भी कर सकते हैं और अच्छा मुनाफा भी कमा सकते हैं। चलिए आज इसी टैक्स सेविंग फंड के बारे में जानते हैं।

क्या है इस खास तरह के फंड का नाम?

टैक्स बचाने वाले फंड का नाम है ELSS (Equity Liquid Saving Scheme)। ये किसी फंड का नाम नहीं, बल्कि म्यूचुअल फंड का एक टाइप है। ये फंड मुख्य रूप से शेयर बाजार और उससे जुड़ी कंपनियों में निवेश करता है। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत आने वाले दूसरे विकल्पों जैसे PPF (15 साल) और टैक्स-सेविंग FD (5 साल) के मुकाबले ELSS का लॉक-इन पीरियड महज 3 साल का होता है, जो कि सबसे कम है।

वहीं टैक्स डिडक्शन की बात करें तो पुरानी टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) के तहत आप एक वित्त वर्ष में ₹1.50 लाख तक के निवेश पर 80C के तहत टैक्स डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। बाकी टैक्स-सेविंग स्कीम के मुकाबले ELSS में आपका पैसा सीधे शेयर बाजार में लगता है, जिससे ये महंगाई को मात देकर शानदार रिटर्न दे सकता है।

कितना करना होगा निवेश?

आप इस तरह के फंड्स में अपनी सुविधा के हिसाब से निवेश कर सकते हैं। आप चाहें तो आप हर महीने इसमें SIP कर सकते हैं, वहीं अगर आपके पास बड़ी रकम मौजूद है, तो लमसम निवेश भी किया जा सकता है। क्योंकि इन फंड्स का लॉक-इन पीरियड 3 साल का होता है, तो 3 साल बाद इनकी यूनिट बेचने पर कोई एग्जिट लोड नहीं देना पड़ता है।


ELSS में टैक्स और रिटर्न का हिसाब

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG): 1 साल से ज्यादा समय की होल्डिंग बेचने पर, ₹1 लाख से ज्यादा के मुनाफे पर 10% की दर से टैक्स लगता है।

शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG): चूंकि ELSS का लॉक-इन ही 3 साल है, इसलिए इसमें शॉर्ट टर्म टैक्स का सवाल ही नहीं उठता क्योंकि आप 3 साल से पहले पैसे निकाल ही नहीं सकते।

नो टीडीएस: ईएलएसएस यूनिट्स को भुनाने (Redemption) पर किसी तरह का टीडीएस (TDS) नहीं काटा जाता है।

ELSS में कितना मिलता है रिटर्न?

अगर पिछले कुछ सालों के आंकड़े उठा कर के देखें तो, कई ELSS फंड्स ने शानदार प्रदर्शन किया। जैसे-

  • मोतीलाल ओसवाल ELSS टैक्स फंड: सालाना करीब 23.84% रिटर्न
  • आईटीआई ELSS टैक्स सेवर फंड: करीब 19.45% रिटर्न
  • व्हाइटओक कैपिटल ELSS टैक्स फंड: करीब 18.63% रिटर्न
  • एचएसबीसी ELSS टैक्स सेवर फंड: करीब 18.34% रिटर्न
  • जेएम ELSS टैक्स सेवर फंड: करीब 18.27% रिटर्न

डिस्क्लेमर: म्यूचुअल फंड में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। यहां दी गई जानकारी निवेश की सलाह नहीं है, पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।

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