बिना लाइसेंस भूलकर भी न शुरू करें ये 3 बिजनेस! छोटे व्यापारी खासतौर पर दें ध्यान नहीं तो होगी कार्रवाई
यह लेख उन तीन व्यवसायों के बारे में बताता है जिन्हें बिना उचित लाइसेंस और पंजीकरण के शुरू करने से कानूनी परेशानी हो सकती है।

बिना लाइसेंस शुरू न करें ये बिजनेस (AI Image)
HighLights
खाद्य व्यवसाय के लिए FSSAI पंजीकरण अनिवार्य है।
दवा बिक्री हेतु ड्रग लाइसेंस लेना आवश्यक है।
बच्चों के उत्पादों पर BIS मानक लागू होते हैं।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| खुद का कारोबार शुरू करने का सपना देख रहे हैं तो इन्वेस्टमेंट से पहले लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन की जानकारी जरूर जुटा लेना जरूरी है। कई ऐसे बिजनेस हैं, जिन्हें बिना जरूरी अनुमति शुरू करना कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है। इसमें फूड बिजनेस, दवाइयां या हेल्थ केयर और बच्चों से जुड़े सामानों की मैन्युफैक्चरिंग या बिक्री शामिल है। अगर आप भी कम निवेश में दुकान, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट या ऑनलाइन कारोबार शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो जानिए किन नियमों का ध्यान रखना जरूरी है।
फूड बिजनेस
अगर आप घर से अचार, पापड़, नमकीन, बेकरी प्रोडक्ट्स, मिठाई, मसाले या अन्य खाद्य पदार्थ बनाकर बेचने की योजना बना रहे हैं, तो आपको खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों की जानकारी होनी चाहिए। भारत में खाद्य कारोबार करने वाले व्यवसायों के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के तहत रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस लेना जरूरी होता है। यह नियम केवल बड़े होटल और रेस्टोरेंट पर ही नहीं, बल्कि कारोबार के प्रकार और लागू कैटेगरी के अनुसार छोटे खाद्य कारोबारियों पर भी लागू होता है।
छोटे खाद्य कारोबारियों, घरेलू खाद्य निर्माताओं, छोटे दुकानदारों और कुछ अन्य श्रेणियों के लिए FSSAI रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था है। कारोबार के आकार, सालाना टर्नओवर, उत्पादन क्षमता और गतिविधि के आधार पर रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस की कैटेगरी तय होती है। इसलिए कारोबार शुरू करने से पहले यह जांचना जरूरी है कि आपके व्यवसाय पर कौन-सी श्रेणी लागू होती है।
इसके लिए FSSAI के आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है। आवेदन में कारोबार की जानकारी और जरूरी दस्तावेज देने होते हैं। खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग, लेबलिंग, साफ-सफाई और गुणवत्ता से जुड़े नियमों का पालन भी करना होता है।
मेडिकल स्टोर या हेल्थ केयर प्रोडक्ट्स
मेडिकल स्टोर खोलना चाहते हैं तो केवल दुकान किराये पर लेना और दवाइयां खरीद लेना पर्याप्त नहीं है। भारत में दवाइयों की बिक्री के लिए संबंधित राज्य के औषधि नियंत्रण विभाग से लागू ड्रग लाइसेंस लेना जरूरी होता है। लाइसेंस के बिना दवाइयों की बिक्री करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
मेडिकल स्टोर खोलने के लिए दुकान या परिसर की निर्धारित शर्तें पूरी करनी होती हैं। दवाइयों की कैटेगरी के अनुसार लाइसेंस की आवश्यकताएं अलग हो सकती हैं। रिटेल दवा बिक्री के लिए सामान्य तौर पर परिसर की न्यूनतम जगह और रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट से जुड़ी शर्तें लागू होती हैं। सामान्य खुदरा और थोक दवा कारोबार के लिए जगह की आवश्यकताएं भी अलग हो सकती हैं। मेडिकल स्टोर के अलावा भी अगर आप हेल्थ केयर या स्किन केयर जैसे प्रोडक्ट्स बेच रहे हैं तो जरूरी रजिस्ट्रेशन की जरूरत होती है।
बच्चों के सामान का बिजनेस
बच्चों के खिलौने, बेबी फीडिंग प्रोडक्ट्स, पालना, बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इक्विपमेंट्स और अन्य सामान का कारोबार शुरू करने से पहले यह समझना जरूरी है कि हर उत्पाद पर एक जैसे नियम लागू नहीं होते। कुछ उत्पादों के लिए क्वालिटी सर्टिफिकेशन, सेफ्टी स्टैंडर्ड या अन्य रेगुलेटरी कंडीशन जरूरी हो सकती हैं।
भारत में अनिवार्य गुणवत्ता नियंत्रण आदेश के दायरे में आने वाले खिलौनों के निर्माण और बिक्री के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के लागू नियमों का पालन करना होता है। संबंधित कैटेगरी के खिलौनों पर BIS सर्टिफिकेशन और स्टैंडर्ड मार्क से जुड़ी आवश्यकताएं लागू हो सकती हैं। इसलिए खिलौने बनाने या विदेश से इंपोर्ट करके बेचने वाले कारोबारियों को प्रोडक्ट के प्रकार और लागू नियमों की जांच करनी चाहिए।
इसी तरह,बच्चों के लिए इस्तेमाल होने वाले कुछ उत्पादों पर अलग-अलग सुरक्षा, क्वालिटी, पैकेजिंग या इंपोर्ट संबंधी नियम लागू हो सकते हैं। हालांकि, बच्चों के सभी सामान के लिए एक ही तरह का लाइसेंस जरूरी नहीं होता। कारोबारी को यह पता करना चाहिए कि वह जिस उत्पाद को बना या बेच रहा है, वह किसी अनिवार्य मानक या रेगुलेटरी व्यवस्था के अंतर्गत आता है।
हो सकती है बड़ी कार्रवाई
अगर आप इस तरह का बिजनेस करते हैं तो जरूरी लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन पूरा कराएं। फूड, दवा और बच्चों के प्रोडक्ट्स से जुड़े बिजनेस लोगों की हेल्थ पर असर कर सकते हैं, गुणवत्ता या सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने पर आपके कारोबार की जांच, बिक्री पर रोक, सामान जब्त, जर्माना और सजा तक की कार्रवाई हो सकती है।
