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    Income Tax फाइल करते समय न भूलें ये छूट लेना, टैक्स का बोझ कम करने में मिलेगी मदद

    By Abhinav ShalyaEdited By: Abhinav Shalya
    Updated: Wed, 21 Jun 2023 08:30 PM (IST)

    Income Tax भरने में की आखिरी तारीख 31 जुलाई है। इसमें अगर आप टैक्स के बोझ को कम करना चाहते हैं तो अपने इनकम टैक्स में HRA की छूट लेना न भूलें। HRA की छूट वह ही व्यक्ति ले सकता है जो किराए के घर में रहता है। इस रिपोर्ट में हम बताएंगे कि कैसे आप एचआरए की छूट प्राप्त कर सकते हैं। आइए जानते हैं.... (फोटो - फाइल फोटो)

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    HRA का लाभ किराए में रहने वाले व्यक्ति को दिया जाता है।

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। कर्मचारियों को उनके वेतन के हिस्से के रूप हाउस रेंट अलाउंस (HRA)का लाभ दिया जाता है। अगर आपकी सैलरी इनकम टैक्स की छूट की सीमा से अधिक है तो इनकम टैक्स की धारा 10(13A) आप अपने आईटीआर में एचआरए में क्लेम कर सकते हैं।

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    क्या होता है HRA?

    HRA किसी भी कर्मचारी की सैलरी का हिस्सा होता है। कोई कर्मचारी जो किराए के घर में रहता है अपने टैक्स के बोझ को कम करने के लिए एचआरए की क्लेम ले सकता है। अगर कोई कर्मचारी किराए के घर में नहीं रहता है तो वह एचआरए की छूट नहीं ले सकता है। बता दें, कोई भी कर्मचारी तब ही एचआरए का लाभ ले सकता है, जब नियोक्ता ने कर्मचारी की ओर से क्लेम नहीं किया हो।

    कैसे नियोक्ता के जरिए क्लेम करें HRA?

    कर्मचारी नियोक्ता को किराए की रसीद जमा कर एचआरए क्लेम कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए ये स्लिप कर्मचारी की ओर से साइन की हुई होनी चाहिए। अगर एक साल में किराया एक लाख रुपये से अधिक भुगतान किया जाता है तो आपके पैन भी देना होगा।

    खुद कैसे HRA क्लेम करें?

    अगर नियोक्ता की ओर से आपका एचआरए क्लेम नहीं किया जाता है तो आपने आईटीआर में इसे क्लेम कर सकते हैं। एचआरए की जिन चीजों पर छूट नहीं होगी। वो आपको मार्क करनी होगी। हालांकि एचआरए की छूट क्लेम करने के लिए आपको ओल्ड टैक्स रिजीम का चुनाव करना होगा।

    माता-पिता के घर पर रहने पर भी ले सकते हैं HRA छूट

    बता दें, अगर आप अपने माता-पिता के घर में रहते हैं तो भी आप एचआरए की छूट के लिए क्लेम ले सकते हैं। यह छूट आपको तभी मिलती है, जब आपके माता-पिता आपकी ओर से दिए गए किराए को अपने इनकम टैक्स में दिखाए।

    वहीं, वे लोग जो सैलरी से आय नहीं अर्जित करते हैं। इनकम टैक्स की धारा 80GG के तहत छूट का दावा कर सकते हैं।