Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    रिश्तेदारों को किराया अदा कर इनकम टैक्स में ले सकते हैं HRA छूट का फायदा? जानिए क्या हैं नियम

    By Abhinav ShalyaEdited By: Abhinav Shalya
    Updated: Sat, 10 Jun 2023 02:00 PM (IST)

    Income Tax की ओल्ड रिजीम के तहत किराए पर रहने वाला कोई वेतन पाने वाला व्यक्ति HRA के तहत अपने ITR में टैक्स छूट का दावा कर सकता है। आइए जानते हैं अगर आप अपने माता-पिता या रिश्तेदार के यहां रहते हैं तो क्या करना होगा। (जागरण ग्राफिक्स)

    Hero Image
    HRA छूट का लाभ लेते समय किन बातों का रखें ध्यान

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों की सैलरी का एक हिस्सा हाउस रेंट अलाउंस (HRA)के रूप में होता है। अगर आप किराए के घर में रहते हैं तो अपने इमकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) में HRA के तहत टैक्स छूट का लाभ ले सकते हैं। हालांकि, इस फायदा पुरानी टैक्स रिजीम का चयन करने पर किसी भी कर्मचारी को मिलता है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    कई टैक्सपेयर्स के मन में सवाल उठता है कि क्या वे अपने माता- पिता या रिश्तेदार के घर में रहने पर HRA को तहत इनकम टैक्स में छूट के लिए दावा कर सकते हैं या नहीं। आइए जानते हैं इससे लेकर नियम क्या कहता है।

    नियमों के मुताबिक, अगर HRA के तहत छूट में दावा करने वाला व्यक्ति अपने माता-पिता, अभिभावक या रिश्तेदार के यहां रहता है तो भी वह एचआरए की छूटा का दावा अपने आईटीआर में कर सकता है।

    माता-पिता या रिश्तेदार को अदा किए किराए पर HRA छूट क्लेम करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

    फेयर मार्केट वैल्यू

    अगर आप अपने आईटीआर एचआरए क्लेम करने के लिए माता -पिता या रिश्तेदार को किराया अदा कर रहे हैं तो हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि किराया हमेशा फेयर मार्केट वैल्यू के मुताबिक ही होना चाहिए। इसका मतलब यह है कि ये न ही बहुत अधिक होना चाहिए और न ही बहुत कम।

    प्रॉपर्टी का मालिकाना हक

    जिस प्रॉपर्टी पर आप एचआरए टैक्स छूट का फायदा लेने चाहते हैं। उस पर टैक्सपेयर्स के माता-पिता, रिश्तेदार या जिसे वह किराया अदा कर रहा है, उसका मालिकाना हक होना चाहिए।

    जब भी कोई टैक्सपेयर अपने माता-पिता को टैक्स अदा करता है और प्रॉपर्टी पर माता-पिता का संयुक्त मालिकाना हक है तो फिर टैक्सपेयर को दोनों में से किसी एक के खाते में पैसे जमा करना होगा।

    रेंट एग्रीमेंट

    अगर कोई टैक्सपेयर अपने माता-पिता या रिश्तेदार को रेंट अदा कर रहा है तो उसके पास रेंट एग्रीमेंट और किराया अदा करने की मासिक रसीद होनी चाहिए, जिससे की आप अपने HRA को आयकर में क्लेम कर पाएं।

    रेंट को इनकम टैक्स में दिखाना

    माता-पिता या रिश्तेदार को जिसे आप किराया अदा कर रहे हैं तो उसे भी अपने इनकम टैक्स रिटर्न में इसे प्रॉपर्टी से आय में दिखाना चाहिए। अगर माता -पिता या रिश्तेदार इसे अपने इनकम टैक्स में अन्य स्रोतों से आय में दिखाता है, तो टैक्सपेयर को इनकम टैक्स में एचआरए छूटा का फायदा नहीं मिलेगा।

    अपने नियोक्ता को जानकारी दें

    कर्मचारी को अपने रेंट एग्रीमेंट को जल्द से जल्द अपने नियोक्ता को दिखाना चाहिए। इस बात का इंतजार नहीं करना चहिए कि नियोक्ता आपसे रेंट एग्रीमेंट आदि की जानकारी मांगेगा। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपका टीडीएस कट जाता है और फिर बाद में क्लेम में रिफंड का दावा करना होगा।