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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

निवेश पर बदल गए हैं टैक्स के नियम, Mutual Fund से लेकर Angel Tax में आए ये बदलाव

By Sonali SinghEdited By: Sonali Singh
Published: Mon, 03 Apr 2023 09:00 PM (GMT+05:30)

Finance Bill 2023 निवेश पर लगने वाले टैक्स के नियमों में बदलाव हो गए हैं। इसमें Debt Mutual Fund और ...और पढ़ें

Finance Bill 2023: See New Investment Related Tax Rules
Finance Bill 2023: See New Investment Related Tax Rules

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। वित्त विधेयक 2023 के लोकसभा में पास होते ही निवेश से जुड़े कई टैक्स नियमों में भी बदलाव हो गया है। जानकारी के मुताबिक,वित्त विधेयक को 64 संशोधनों के साथ पारित किया गया है, जिसमें डेट म्यूचुअल फंड (Debt Mutual Fund) और एंजल निवेश (Angel Investment) जैसे निवेशों से जुड़े नियमों को शामिल किया गया है। नए टैक्स नियम 1 अप्रैल, 2023 से लागू हो गए हैं। चलिए जानते हैं कि इन नए नियमों से निवेशों पर क्या प्रभाव पड़ने वाला है।

एंजल टैक्स (Angel Tax)

1 अप्रैल से एंजल टैक्स से जुड़े नियमों में बदलाव हो गया है, जिससे विदेशी निवेशकों को एंजल टैक्स के दायरे में लाया जाएगा। 2022 में भारत के स्टार्टअप 33 प्रतिशत गिरकर 24 बिलियन डॉलर हो गए थे, ऐसे में नियमों में बदलाव विदेशी फंडिंग को सीधे स्टार्ट-अप तक पहुंचाने के लिए किया गया है। केंद्रीय बजट 2023 में ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा इसे पेश किया गया था।

बता दें कि एंजल निवेशक हाई नेट वर्थ वाले व्यक्ति होते हैं जो अपनी व्यक्तिगत आय को व्यवसाय, स्टार्ट-अप या छोटी और मध्यम स्तर की कंपनियों में निवेश करते हैं और इसमें लगने वाला टैक्स एंजल टैक्स कहलाता है।

क्रेडिट कार्ड भुगतान (Credit Card Payments)

विदेशी दौरों के लिए किएजाने वाले सभी क्रेडिट कार्ड भुगतानों को अब उदारीकृत प्रेषण योजना (Liberalised Remittance Scheme-LSR) में शामिल कर लिया गया है। इसके तहत, विदेशी दौरों के लिए क्रेडिट कार्ड भुगतान स्रोत पर कर संग्रह (TCS) से लिया जाएगा।

Debt Mutual funds

डेट म्युचुअल फंड को 1 अप्रैल से अल्पकालिक पूंजीगत लाभ (short term capital gain) की श्रेणी में रखा जाएगा। इससे पहले ये दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ के तौर पर देखी जाती थी। हालांकि, सभी डेट फंड इस श्रेणी में नहीं आ रही है। इसमें वैसे फंडों को रखा गया है, जो 35 प्रतिशत से कम इक्विटी में निवेश करते हैं।

दूसरी तरफ, अगर इन फंडों को तीन साल से अधिक समय तक रखा जाता है तो इस पर इंडेक्सेशन के बिना 10 प्रतिशत या इंडेक्सेशन लाभ के साथ 20 प्रतिशत की दर से टैक्स लगाया जाता है।

प्रतिभूति लेनदेन कर (STT)

वायदा और विकल्प अनुबंध पर अगर 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार होता है तो इसमें लगने वाला प्रतिभूति लेनदेन कर (Securities Transaction Tax-STT) 2,100 रुपये कर दिया गया है, जबकि यह पहले 1,700 रुपये था। वित्त विधेयक 2023 में एसटीटी को 0.01 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.0125 प्रतिशत और विकल्पों पर 0.017 प्रतिशत से 0.021 प्रतिशत कर दिया गया।