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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ITR फाइल करने से पहले जान लें HRA में छूट लेने का तरीका, हजारों रुपये की होगी बचत

By Gaurav KumarEdited By: Gaurav Kumar
Published: Tue, 06 Jun 2023 04:15 PM (IST)Updated: Tue, 06 Jun 2023 11:00 PM (IST)

आईटीआर फाइल करने से पहले आपको हर वो चीज पता होनी चाहिए जहां आप टैक्स बचा सकते हैं। आपको बता ...और पढ़ें

Before filing ITR, know how to get tax exemption in HRA
Before filing ITR, know how to get tax exemption in HRA

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क: 31 जुलाई 2023 तक सभी करदाताओं को इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना अनिवार्य है। ऐसे में आपको पता होना चाहिए कि आप किन-किन जगह अपने टैक्स को बचा सकते हैं।

अगर आप सैलरीड व्यक्ति हैं तो आप हाउस रेंट अलाउंस (HRA) पर टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं, भले ही आप किराए के घर में रह रहे हों, बस आपके पास वैध दस्तावेज होने चाहिए, जिससे यह पता चल सके कि आप किराया दे रहे हैं।

रेंट एग्रीमेंट बनवाते वक्त रखें इस बात का रखें ध्यान

ज्यादातर लोग रेंट एग्रीमेंट बनवाते वक्त इस बात का ध्यान रखना भूल जाते हैं कि रेंट एग्रीमेंट में कुछ क्लॉज होने चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करते समय HRA टैक्स छूट का दावा किया जा सके।

अगर रेंट एग्रीमेंट में क्लॉज नहीं है तो आयकर विभाग टैक्स छूट को खारिज कर सकता है। रेंट में टैक्स छूट उनको भी दिया जाता है जो अपने माता-पिता को किराए का भुगतान करते हैं। इसके लिए सिर्फ उनके पास वैध दस्तावेज होने जरूरी है।

टैक्स छूट के लिए क्या है जरूरी?

आयकर कानून के अनुसार, वेतन पर TDS की गणना करते समय HRA छूट का लभ लेने के लिए आपके पास किराए की रसीद जैसे सहायक दस्तावेज होने चाहिए। आपको बता दें कि रेंट एग्रीमेंट किराए की रसीदों की तुलना में एक मजबूत दस्तावेज होता है।

इनकम टैक्स के मकसद से रेंट एग्रीमेंट में क्या होना चाहिए?

  • नार्मल रेंट एग्रीमेंट में किरायेदार और मकान मालिक दोनों के नाम और पते जैसे डिटेल के साथ-साथ किरायेदार और मकान मालिक दोनों के पैन और आधार नंबर को रेंट एग्रीमेंट में दर्ज होना चाहिए।
  • अगर मकान मालिक का पैन नंबर आपके पास है तो आपको अपनी कंपनी से HRA टैक्स छूट का दावा करने में मदद मिल सकती है यदि सालाना किराया 1 लाख रुपये से अधिक है।
  • इसके अलावा रेंट एग्रीमेंट को कानूनी रूप से वैध तभी माना जाएगा, जब उसमें गवाहों, मकान मालिक और किराएदार के हस्ताक्षर हों और वह नोटरी भी हो। किराए के समझौते को उस राज्य के कानूनों के अनुसार लागू स्टैंप ड्यूटी पेपर पर निष्पादित किया जाना चाहिए, जहां किराए के लिए लिया गया घर लिया गया है।

किराए की रसीद जरूर रखें

  • अगर किसी व्यक्ति के पास HRA टैक्स लाभ का दावा करने के लिए रेंट एग्रीमेंट है, तो उस स्थिति में किराए की रसीद भी जमा करना महत्वपूर्ण है।
  • हर किरायदार को वित्तीय वर्ष के दौरान किए गए किराये के भुगतान के लिए मकान मालिक से किराए की रसीद लेनी चाहिए। उस रसीद में मकान मालिक का नाम, मकान मालिक का पता, भुगतान की गई राशि और काटे गए टीडीएस, यदि कोई हो, तो जरूरी लिखा होना चाहिए।
  • यदि कैश में मासिक भुगतान 5,000 रुपये से अधिक है तो राजस्व टिकट चिपकाएं। आयकर अधिकारियों द्वारा एचआरए कर छूट पर सवाल उठाए जाने पर किराए की रसीद एक अन्य प्रमाण के रूप में कार्य करती है।