नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण ( Insurance Regulatory and Development Authority of India- IRDAI) देश के सभी नागरिकों को किफायती दर पर स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहा है। आईआरडीएआई के चेयरमैन देबाशीष पांडा ने कुछ दिन पहले कहा था कि जब हम 2047 में आजादी के 100 वर्ष पूरे करें तो देश के सभी नागरिकों के पास स्वास्थ्य बीमा होना चाहिए।

परिचालन, वितरण और अस्पतालों में महंगा इलाज, देश में स्वास्थ्य बीमा के महंगे होने का सबसे बड़ा कारण है। अधिक कीमत के कारण ही समाज के एक बड़े वर्ग के लिए बीमा खरीदना मुश्किल हो जाता है। इससे निजात पाने के लिए ऐसे रास्ते निकलने होंगे, जिससे बीमा आम आदमी के लिए किफायती बन जाए।

बीमा सुगम से बदलेगी तस्वीर

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण एक नए बीमा प्लेटफार्म 'बीमा सुगम' (Bima Sugam) पर कार्य कर रहा है। यह एक वन स्टॉप सॉल्यूशन होगा, जिसके माध्यम से लोग सभी कंपनियों के बीमा उत्पादों को एक ही जगह से ले पाएंगे। इसके लिए पहले ही सैंडबॉक्स में नियमों में संशोधन शुरू कर दिया गया है जो इनोवेशन में मदद करेगा। इससे उन स्टार्ट-अप्स को भी प्रोत्साहन मिलेगा, जो नए समाधान लेकर आ रहे हैं। आईआरडीएआई के चेयरमैन देबाशीष पांडा का भी मानना है कि इस तरह की चीजों को आगे बढ़ाते हुए पैरामीट्रिक बीमा उत्पादों को लाने और ओपीडी सेवाओं को कवर करने की जरूरत है।

तेजी से बढ़ रहा स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र

देश में मौजूदा समय में स्वास्थ्य बीमा का बाजार करीब 60,000 करोड़ रुपये का है। अनुमान है कि आने वाले कुछ सालों में यह 30-35 फीसदी की दर से सालाना बढ़ेगा, जो पिछले पांच सालों में करीब 19 फीसदी सालाना की रही है।

Edited By: Siddharth Priyadarshi