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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 29, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Health Insurance Policy: हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी ले रहे हैं, तो ध्यान रखें ये जरूरी बातें

By NiteshEdited By:
Published: Sun, 29 Nov 2020 07:00 AM (IST)Updated: Sun, 06 Dec 2020 07:20 AM (IST)

ऐसी पॉलिसी खरीदना जरूरी है जिसमें इनबिल्ट रिस्टोर ऑप्शन हो और एक ही वर्ष में एक से अधिक हॉस्पिटलाइजेशन होने ...और पढ़ें

How to choose a health insurance policy know the important thing
How to choose a health insurance policy know the important thing

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। बीमारियां कभी भी किसी को भी हो सकती हैं, ये कभी समय बताकर नहीं आती। इसलिए यह जरूरी है कि समय पर एक अच्छी हेल्थ पॉलिसी खरीदी जाए। मौजूदा समय में स्वास्थ्य खर्च काफी बढ़ गया है। नई-नई बीमारियां और उनका महंगा ईलाज किसी को भी आर्थिक संकट की ओर ढकेल सकता है। ऐसे आकस्मिक खर्च से बचने के लिए ही स्वास्थ्य बीमा की जरूरत है। आमतौर पर वेतनभोगी कर्मचारियों को ऑफिस की ओर से मेडिक्लेम प्राप्त होता है, लेकिन रिटायरमेंट के बाद स्वास्थ्य बीमा जरूर करवा लेना चाहिए। सिर्फ हेल्थ इंश्योरेंस खरीदना ही सब कुछ नहीं होता। इसे लेने के पहले पॉलिसी के बारे में पूरी जानकारी हो। एक्सपर्ट भी कहते हैं कि हमें अपने हेल्थ पॉलिसी का चुनाव काफी सोच समझकर करना चाहिए। जानिए कुछ जरूरी बातें।

जल्द खरीदें स्वास्थ्य बीमा

एक्सपर्ट कहते हैं कि अधिकांश भारतीय आबादी का मानना ​​है कि स्वास्थ्य बीमा तभी जरूरी है जब आप बीमारियों की चपेट में आएं या इसे महसूस करें। जीवन में जितनी जल्दी हो सके स्वास्थ्य बीमा कवर खरीद लें। अक्सर देखा जाता है कि कई लोग स्वास्थ्य बीमा योजना खरीदने का निर्णय बाद की उम्र में छोड़ देते हैं। वे मानते हैं कि वे शुरुआती वर्षों में स्वस्थ रहेंगे।

को-पेमेंट क्लॉज

को-पेमेंट वह भुगतान होता है, जिसे खुद पॉलिसीधारक को बीमित सेवाओं के लिए करना होता है। को-पेमेंट की राशि पहले से तय होती है। ग्राहक को वह बीमा योजना चुननी चाहिए, जिसमें उसे कम से कम को-पमेंट देना पड़े। हालांकि, को-पमेंट की शर्त को हटाने का विकल्प भी ग्राहक चुन सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें अतिरिक्त प्रीमियम देना होगा। वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपबल्ध अधिकतर बीमा योजनाएं को-पेमेंट की शर्त के साथ ही होती है। 

रीस्टोरेशन का लाभ

ऐसी पॉलिसी खरीदना जरूरी है जिसमें इनबिल्ट रिस्टोर ऑप्शन हो और एक ही वर्ष में एक से अधिक हॉस्पिटलाइजेशन होने पर आपकी बीमा राशि को ऑटोमेटिक रूप से रिचार्ज किया जा सके। खासतौर पर फैमिली फ्लोटर प्लान के मामले में यह एक महत्वपूर्ण विशेषता है।

वेटिंग पीरियड

कुछ कंपनियों की पॉलिसीज में बीमाधारक की मौजूदा बीमारी को कवर किया जाता है और कुछ में नहीं। इसलिए स्वास्थ्य बीमा लेने से पहले ग्राहक को यह चीज जरूर देख लेनी चाहिए। हमेशा उस बीमा योजना का चुनाव करना चाहिए, जो कम वेटिंग पीरियड में बीमाधारक की मौजूदा बीमारी को कवर करती हो।

भुगतान की लिमिट

कई बीमा कंपनियों की पॉलिसीज में एक लिमिट के बाद कमरे या आईसीयू का भुगतान पॉलिसीधारक को करना पड़ता है। ग्राहक को ऐसी इंश्योरेंस पॉलिसीज चुननी चाहिए, जो अस्पताल में भर्ती होने क बाद का पूरा खर्च कवर करे।

गंभीर बीमारियों में क्लेम की राशि

कई बीमा कंपनियों की पॉलिसीज में कुछ गंभीर बीमारियों पर क्लेम की राशि अपेक्षाकृत कम होती है। ग्राहक को बीमा लेने से पहले ही इसकी जानकारी ले लेनी चाहिए। ग्राहक को गंभीर बीमारी की कवर लिस्ट सहित सभी दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ लेना चाहिए, ताकी बाद में क्लेम खारिज होने के हालात ना बनें।