नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। प्राकृतिक आपदा से बचने के लिए होम इंश्योरेंस बहुत जरूरी है। कई बार देखा गया है कि बाढ़, भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा से जान और प्रॉपर्टी का बहुत बड़ा नुकसान होता है। यह कभी भी हो सकता है और किसी के साथ भी हो सकता है। भारत में बीते 10 वर्षों से प्राकृतिक आपदा की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इनसे होने वाले नुकसान की राशि अरबों रुपये तक की पहुंच गई है। किसी भी प्रकृतिक आपदा में उस बात का पता लगाना मुश्किल है कि असल नुकसान कितने का हुआ। लेकिन जो अपनी आर्थिक जरूरतों को समझते हुए सही इंश्योरेंस का चुनाव करते हैं उनके नुकसान की काफी हद तक भरपाई हो जाती है।

इसलिए यह समझना जरूरी है कि सही समय पर फाइनेंशियल प्लानिंग करना क्यों जरूरी है। अधिकांश बीमा कंपनियां ऐसी पॉलिसी पेश करती हैं जो घरों का प्रकृतिक आपदा के दौरान बीमा देती हैं।

होम इंश्योरेंस में क्या होता कवर

कॉम्प्रिहेंसिव होम इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत इंश्योरर सामान्य नुकसान के लिए भुगतान नहीं करता, लेकिन प्राकृतिक आपदा जिनमें बाढ़, भूकंप, तूफान आदि शामिल होता है तो भुगतान होता है। प्राकृतिक आपदा की अनिश्चितता को देखते हुए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अपने घर के लिए पर्याप्त कवर खरीदना चाहिए। पॉलिसी न सिर्फ घर के लिए खरीदें बल्कि घर के सामान जैसे फर्नीचर, इलेक्ट्रिकल, मकैलिकल अप्लाइंस आदि के लिए भी खरीदें।

अगर, कभी बहुमूल्य वस्तुएं चोरी हो जाती हैं तो इंश्योरेंस में उसे कवर किया जाता है। प्राकृतिक आपदा में अगर आपका घर ढह या गिर जाता है तो बीमा कंपनिया रीकंस्ट्रक्शन के लिए उसका पैसा देती हैं।

इन एड ऑन

जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा और मोटर बीमा की तरह होम इंश्योरेंस भी ग्राहकों को अपनी पॉलिसी कवर बढ़ाने के लिए एड ऑन कवर भी पेश करती है। कई एड ऑन प्राकृतिक आपदा जैसे कि बाढ़, तूफान और भूकंप जैसी स्थिति को भी कवर करते हैं।

एक्सपर्ट बताते हैं कि होम इंश्योरेंस बीमा पॉलिसियों में दो श्रेणियों को कवर किया जाता है। पहला बिल्डिंग स्ट्रक्चर और दूसरा घर का कीमती सामान। किसी प्राकृतिक आपदा में घर के स्ट्रक्चर के नुकसान पर उसमें आने वाले खर्चे (कंस्ट्रक्शन कॉस्ट) की अधिकांश भरपाई इंश्योरेंस कंपनी करती है। अगर घर के कीमती सामान जैसे होम अप्लाइंस, पोर्टेबल इक्विपमेंट (सेलफोन, लेपटॉप और टीवी) को भी कवर करवा रखा है तो आगजनी, चोरी और सेंधमारी के बाद आपको ज्यादा वित्तीय नुकसान नहीं उठाना पड़ता है। 

Posted By: Nitesh

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