नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। प्राकृतिक आपदा से लोगों की जान और प्रॉपर्टी का बड़ा नुकसान होता है। प्राकृतिक आपदा कभी बताकर नहीं आती, ये अचानक कभी भी किसी समय आ सकती है। भारत में बीते 10 वर्षों से प्राकृतिक आपदा की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। देश में COVID-19 के अलावा, भारत के विभिन्न राज्यों ने पिछले कुछ महीनों में चक्रवात, बाढ़ और भूकंप से कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया है। भारत में पिछले 2 महीनों में एक दर्जन से अधिक भूकंप के झटके आए हैं। सर्वोत्तम सुरक्षा और सुरक्षा उपायों के बावजूद, आग और प्राकृतिक आपदाओं के कारण चोरी का खतरा, हमेशा बना रहता है।

जब भी ऐसी प्राकृतिक आपदाएं आती हैं, मानव जीवन के अलावा वे आमतौर पर पेड़ों, घरों और वाहनों के साथ अन्य संपत्ति को नष्ट कर देते हैं। भले ही ऐसी आपदाएं मानव नियंत्रण में नहीं हैं, हालांकि, इस तरह की घटनाओं के कारण नुकसान के बाद कोई भी पैसे की सहायता निश्चित रूप से तेजी से उबरने में मदद कर सकती है। होम इंश्योरेंस ऐसी आपदाओं के समय आपके वित्त को सुरक्षित करता है। यदि प्राकृतिक आपदा के कारण आपका घर क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो होम इंश्योरेंस के साथ आपको मरम्मत के खर्चों से निपटने के लिए वित्तीय सहायता मिलती है।

विभिन्न बीमा कंपनियां हैं जो होम इंश्योरेंस पॉलिसी देती हैं। होम इंश्योरेंस पॉलिसी विभिन्न तरह के घरों के लिए आती है। इसलिए, यदि आप घर के मालिक हैं, तो आपके लिए एक अलग प्रकार का बीमा है। यदि आप किराए के घर में रह रहे हैं, तो अलग-अलग बीमा हैं।

होम इंश्योरेंस से क्या है फायदा, क्या होता है कवर

प्राकृतिक आपदा की अनिश्चितता को देखते हुए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अपने घर के लिए पर्याप्त कवर खरीदना चाहिए। पॉलिसी न सिर्फ घर के लिए खरीदें बल्कि घर के सामान जैसे फर्नीचर, इलेक्ट्रिकल, मकैलिकल अप्लाइंस आदि के लिए भी खरीदें। कॉम्प्रिहेंसिव होम इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत इंश्योरर सामान्य नुकसान के लिए भुगतान नहीं करता, लेकिन प्राकृतिक आपदा जिनमें बाढ़, भूकंप, तूफान आदि शामिल होता है तो भुगतान होता है। अगर, कभी बहुमूल्य वस्तुएं चोरी हो जाती हैं तो इंश्योरेंस में उसे कवर किया जाता है। प्राकृतिक आपदा में अगर आपका घर ढह या गिर जाता है तो बीमा कंपनिया रीकंस्ट्रक्शन के लिए उसका पैसा देती हैं।

इन एड ऑन

होम इंश्योरेंस ग्राहकों को अपनी पॉलिसी कवर बढ़ाने के लिए एड ऑन कवर भी पेश करती है। यह जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा और मोटर बीमा की तरह होता है। कई एड ऑन प्राकृतिक आपदा जैसे कि बाढ़, तूफान और भूकंप जैसी स्थिति को भी कवर करते हैं।

एक्सपर्ट के मुताबिक, होम इंश्योरेंस बीमा पॉलिसियों में दो श्रेणियों को कवर किया जाता है। पहला बिल्डिंग स्ट्रक्चर और दूसरा घर का कीमती सामान। किसी प्राकृतिक आपदा में घर के स्ट्रक्चर के नुकसान पर उसमें आने वाले खर्चे (कंस्ट्रक्शन कॉस्ट) की अधिकांश भरपाई इंश्योरेंस कंपनी करती है। अगर घर के कीमती सामान जैसे होम अप्लाइंस, पोर्टेबल इक्विपमेंट (सेलफोन, लेपटॉप और टीवी) को भी कवर करवा रखा है तो आगजनी, चोरी और सेंधमारी के बाद आपको ज्यादा वित्तीय नुकसान नहीं उठाना पड़ता है। 

Posted By: Nitesh

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