नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। टर्म इंश्योरेंस एक खास बीमा उत्पाद होता है जो किसी विशेष अवधि के लिए भुगतान की निश्चित दर पर बीमा कवरेज प्रदान करता है। फाइनेंशियस प्लानर सलाह देते हैं कि लोगों को नौकरी की शुरुआत करने के साथ ही इसे ले लेना चाहिए, ताकि किसी आपदा की सूरत में उनके परिवार वालों को आर्थिक सहायता मिल सके। हालांकि टर्म इंश्योरेंस लेने वाले को व्यक्ति को जीवित रहते हुए खुद इसका कोई भी फायदा नहीं मिलता है। शायद यही वजह है कि टर्म इंश्योरेंस का प्रीमियम काफी कम होता है। कोई भी न्यूनतम प्रीमियम के साथ हाई कवर वाली पॉलिसी ले सकता है।

क्या है टर्म इंश्योरेंस?

टर्म प्लान इंश्योरेंस पॉलिसी का सबसे विशुद्ध स्वरूप होता है। जीवन बीमा लेने का सबसे सरल तरीका टर्म इंश्योरेंस ही होता है। इसमें बीमा लेने वाला व्यक्ति एक निश्चित समय तक प्रीमियम का भुगतान करता रहता है। यदि निश्चित अवधि के दौरान बीमाधारक की मृत्यु हो जाती है तो सम एश्योर्ड या एक मुश्त राशि उसके परिवार या नॉमिनी को दे दी जाती है। टर्म प्लान में हर साल मामूली प्रीमियम देने के बाद आपको कुछ विशेष सालों के लिए कवर उपलब्ध करवाया जाता है। आमतौर पर टर्म पॉलिसी 10 साल,15 साल, 20 साल, 25 साल और 30 सालों के लिए ली जाती हैं।

यहां पर इस बात का उल्लेख करना जरूरी है कि टर्म इंश्योरेंस प्लान के लिए भुगतान किए जाने वाला प्रीमियम आयकर की धारा 80C के अंतर्गत टैक्स छूट के दायरे में आता है। लोगों को सेवानिवृत्ति के लिए पैसे जोड़ने से पहले टर्म इंश्योरेंस को प्राथमिकता देनी चाहिए। टर्म इंश्योरेंस खरीदने से पहले आपको 5 बातों का विशेष ख्याल रखना चाहिए।

आपको कितने कवर की जरूरत है?

एक व्यक्ति को कितने न्यूनतम लाइफ कवर की जरूरत है यह व्यक्ति दर व्यक्ति निर्भर करता है। लेकिन थंब रूल के हिसाब से नौकरीपेशा लोगों को अपनी सालाना आय से 10 गुना आकार वाला टर्म इंश्योरेंस लेना चाहिए। साथ ही विशेषज्ञ यह सलाह भी देते हैं कि लोगों को अपनी बढ़ती आमदनी के साथ इसे बढ़ाते रहना चाहिए या अतिरिक्त टर्म इंश्योरेंस ले लेना चाहिए।

टर्म इंश्योरेंस प्लान का प्रीमियम?

टर्म इंश्योरेंस प्लान का प्रीमियम तीन कारकों पर निर्भर करता है। आपकी उम्र, कवरेज की राशि और टर्म। यहां पर ध्यान देने योग्य बात है कि आप जितनी जल्दी टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी ले लेंगे आपको कम प्रीमियम का भुगतान करना होगा। इसके साथ ही समान आयु, टर्म और लाइफ कवर पर प्रीमियम की राशि बीमाकर्ता के हिसाब से अलग अलग होती है। इसलिए पॉलिसी खरीदने से पहले आप ऑनलाइन तुलना करके ही इसका चुनाव करें।

राइडर: यह संभावना भी रहती है कि पॉलिसी धारक किसी दुर्घटना के कारण विकलांगता का शिकार हो जाए या फिर वो अपनी सुनने की शक्ति खो दे। ऐसी सूरत में लाइफ कवर लेना फायदेमंद नहीं है। आपको प्योर लाइफ कवर के साथ राइडर भी लेना चाहिए। राइडर्स लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के साथ मिलने वाले अतिरिक्त फायदे हैं, जिसमें अतिरिक्त प्रीमियम का भुगतान करना होता है। सामान्य राइडर्स जिन्हें इंश्योरेंस कंपनियां उपलब्ध करवाती हैं वो हैं- एक्सीडेंटल डेथ बेनिफिट राइडर, डिसएबिलिटी राइडर, वेवर ऑफ प्रीमियम राइडर, एक्सीडेंटल डिसएबिलिटी पर इनकम बेनिफिट और क्रिटिकल इलनेस इत्यादि।

टर्म इंश्योरेंस के प्रकार?

बढ़ती उम्र के साथ ही इंश्योरेंस की जरूरतें व्यक्तिगत तौर पर घटती और बढ़ती रहती हैं। कुछ बीमा कंपनियां ऐसी पॉलिसी की पेशकश करती है जो कि बढ़ते और घटते सम एश्योर्ड के साथ आती हैं।

नॉमिनेशन: यह टर्म इंश्योरेंस का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि बीमा कराने वाले व्यक्ति की मृत्यु के बाद पॉलिसी का लाभ सीधे सही व्यक्ति तक पहुंचे आपको इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने के दौरान नॉमिनी की डिटेल भी देनी चाहिए। आपको यह काम जरूर करना चाहिए।

Posted By: Praveen Dwivedi