नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। आज की भागदौड़ भरी लाइफ में हमें अपने स्वास्थ्य की चिंता नहीं होती है। जब हम बीमार पड़ते हैं, तब हमें अचानक अपने हेल्थ की चिंता होने लगती है। इसके बाद हम बेस्ट हॉस्पिटल में जाकर डॉक्टर से अपना इलाज कराते हैं, जो लाखों का बिल बनाते हैं और हमारी सालों की सेविंग्स एक ही बार में उड़ हो जाती है। अगर आप इस सबसे बचना चाहते हैं तो आज से ही अपने लाइफ स्टाइल में थोड़ा बदलाव लाइए। एक्सरसाइज शुरू करिए, अच्छा खाइए, परिवार के साथ समय बिताइए और हो सके तो एक हेल्थ इंश्योरेंस जरूर कराइए।

हस सभी बहुत रुपये इधर-उधर में खर्च कर देते हैं, जिन्हें एक जगह निवेश कर अपना और अपने परिवार को सुरक्षित रखा जा सकता है। कोविड-19 महामारी में हम सभी ने देखा और सुना कि लोगों को किस तरह की समस्याओं से गुजरना पड़ा। ऐसे में हम सभी को एक हेल्थ इंश्योरेंस अवश्य कराना चाहिए, जिससे मुश्किल घड़ी में आर्थिक मदद मिल सके। तो आइए जानते हैं कि हम नए साल 2022 में अपने हेल्थ को सुरक्षित रखने के लिए क्या कर सकते हैं? किस तरह के इंश्योरेंस प्लान ले सकते हैं। साथ ही इंश्योरेंस प्लान लेते समय किन बातों का ध्यान रखा जाए?

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

सेबी रजिस्‍टर्ड इन्‍वेस्‍टमेंट एडवाइर जितेंद्र सोलंकी बताते हैं कि वर्तमान समय में हम सभी को एक हेल्‍थ इंश्योरेंस जरूर लेना चाहिए। यह अस्‍पताल में भर्ती रहने के दौरान आपके मेडिकल खर्चे पूरे करने में आपकी मदद करता है। एक व्‍यापक हेल्‍थ इंश्योरेंस प्‍लान अस्‍पताल में भर्ती रहने से जुड़े प्रत्‍यक्ष खर्चों के अलावा भी कुछ फायदे देता है, जैसे अस्‍पताल में भर्ती होने से पहले और बाद के शुल्‍क, एम्‍बुलेंस का शुल्‍क और साथ ही यह बेनेफिट कवर के माध्यम से गंभीर बीमारियों के खिलाफ कवरेज प्रदान करती है। मानसिक शांति पाने से ज्‍यादा संतोषजनक कुछ नहीं है, क्‍योंकि एक अच्‍छा प्‍लान जीवनभर के व्‍यापक मेडिकल कवर के साथ आपके परिवार की सुरक्षा कर सकता है। हेल्थ इंश्योरेंस आपको न केवल वित्तीय सुरक्षा के गारंटी देता है, बल्कि टैक्स बचाने में भी मदद करता है।

बाजार में अलग-अलग प्रकार की हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसीज हैं, जो अलग-अलग ग्रुप के लोगों को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं। अगर आप भी अपने या अपने परिवार के लिए हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने के बारे में सोच रहे हैं, तो कुछ बातों को ध्यान में रखना बहुत जरूरी है।

मौजूदा बीमारी का कवर

ग्राहक को स्वास्थ्य बीमा लेने से पहले यह जान लेना चाहिए कि पॉलिसी में मौजूदा बीमारी कवर हो रही है या नहीं। कुछ कंपनियां तो अपनी पॉलिसीज में बीमाधारक की मौजूदा बीमारी को कवर करती है और कुछ नहीं करती। हमेशा उस बीमा योजना का चुनाव करना अच्छा होता है, जो ग्राहक की मौजूदा बीमारी को कवर करती हो और जिसमें कम वेटिंग पीरियड हो। कोविड के खतरों को देखते हुए आपको इससे संबंधित कवर को देखना भी जरूरी है।

क्लेम की रकम

इंश्योरेंस पॉलिसी में गंभीर बीमारी के लिए क्लेम की राशि ज्यादा होनी चाहिए। बाजार में उपलब्ध कई बीमा कंपनियों की पॉलिसीज में कुछ गंभीर बीमारियों पर क्लेम की राशि अपेक्षाकृत कम होती है। ग्राहक को बीमा पॉलिसी लेने से पहले इस बारे में पता कर लेना चाहिए। इसके लिए ग्राहक को गंभीर बीमारी की कवर लिस्ट सहित सभी दस्तावेजों को ध्यानपूर्वक पढ़ना चाहिए।

पॉलिसी नेटवर्क

हेल्थ पॉलिसी डॉक्यूमेंट में अस्पतालों के पास उनके कोऑडिनेटर्स की एक सूची होती है। पॉलिसीधारक को इस सूची को बेहद गौर से पढ़ना चाहिए। साथ ही यह देखना चाहिए कि आपके घर के आस-पास कौन-कौन से हॉस्पिटल हैं। अगर आप ऐसे किसी हॉस्पिटल में एडमिट होते हों जो कि लिस्ट में नहीं है तो मरीज को कैशलैस ट्रीटमेंट नहीं मिलेगा। हॉस्पिटल का कुल बिल मरीज को खुद भरना होगा। उसके बाद उसे यह रकम रींबर्स की जाएगी।

को-पेमेंट

को-पेमेंट वह रकम होती है, जिसका पेमेंट स्वयं पॉलिसीधारक को बीमित सेवाओं के लिए करना होता है। यह रकम पहले से तय होती है। सीनियर सिटीजंस के लिए बाजार में उपबल्ध ज्यदातर इंश्योरंस पॉलिसीज को-पेमेंट की शर्त के साथ ही आती हैं। ऐसे में ग्राहक को वह इंश्योरेंस पॉलिसी चुननी चाहिए, जिसमें उसे कम से कम को-पमेंट देना पड़े। इसके अलावा ग्राहक को-पमेंट की शर्त को हटाने का विकल्प भी चुन सकते हैं। इसके लिए ग्राहक को अतिरिक्त प्रीमियम देना होता है।

Edited By: Sarveshwar Pathak