नई दिल्ली, किशोर ओस्तवाल। साल 2003 में जब खाड़ी युद्ध समाप्त हुआ, तब हम पहली बार बाजार के बारे में बुलिश हुए, क्योंकि हमारी रिसर्च ने संकेत दिया था कि कमोडिटी में बेयर मार्केट उस दिन समाप्त हो गया था। यह डबल बॉटम था, क्योंकि न्यूनतम स्तर के पहले संकेत साल 2001 में तब देखने को मिल गए थे, जब ट्वीन टावर्स को उड़ा दिया गया था। हमारे शोध और विश्लेषण स्पष्ट रूप से बताते हैं कि शीर्ष स्तर और न्यूनतम स्तर बड़ी अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से बनते हैं। तब से हम हमेशा बुलिश रहे यहां तक कि Lehman और Covid-19 के बाद भी हम बुलिश रहे। वास्तव में, हम पैदायशी बुल के रूप में जाने जाते हैं।

बीते सप्ताह ऐसी खबर थी कि 2007 के बाद पहली बार कमोडिटीज में बैकवार्डेशन दिखाई दिया। इसका मतलब है कि कमोडिटी बुल मार्केट का शीर्ष अभी नहीं आया है और यह वैश्विक स्तर पर लगभग सभी कमोडिटीज में देखा गया। इसका कारण प्रोत्साहन पैकेज हो सकते हैं, लेकिन तथ्य यह है कि कमोडिटी बुल मार्केट अभी अगले 4 से 5 वर्षों तक रहेगा, जिसकी भविष्यवाणी हमने अपने बुल मार्केट चक्र के रूप में की थी। धारणा बदल रही है और यहां कमोडिटी स्टॉक्स की स्थिति अधिक निवेशकों के कमोडिटी स्टॉक्स में आकर्षित होने पर बदलेगी।

पांच से सात के कमजोर पीई अनुपात से हम आने वाले समय में 15 से 20 की एग्रेसिव डिस्काउंटिंग देख सकते हैं, जिसका मतलब है कि कमोडिटी शेयरों में 100 फीसद से अधिक का उछाल आएगा। इसकी तुलना 2005 के समय के PSU बैंकों के साथ की जा सकती है, जिन्हें कभी भी 5 पीई से अधिक नहीं दिया गया था। हम केवल उस परिस्थिति में 'रैली (उछाल) पर बिकवाली' के स्लोगन के साथ बेयरिश बनेंगे, जब वैश्विक कमोडिटीज शीर्ष पर पहुंच जाएंगी। तब हमें क्षमताओं की आवश्यकता नहीं होगी, मंदी शुरू हो जाएगी। उस समय तक हम अपने बुल मार्केट के साथ जारी रहेंगे और गिरावट में खरीदारी की रणनीति पर कायम रहेंगे।

बार्कलेज के जेस स्टैनली ने हाल ही में कहा कि यूके दूसरे विश्व युद्ध के परिणाम (1948) के बाद की सबसे बड़ी आर्थिक उछाल को देखने वाला है। अगर यह यूके के लिए काम करेगा तो इसे यूरोप व दुनिया के अन्य हिस्सों के लिए भी काम करना होगा और यह भारत के लिए अच्छा है। यूके, यूरोप उत्पादक कम हैं और बड़े पैमाने पर चीन, भारत व कुछ अन्य देशों पर निर्भर हैं। इस तरह भारत का 15 फीसद कॉरपोरेट टैक्स का यह समय MNC के लिए यहां अपना कारोबार स्थापित करने के लिए एक वरदान साबित हो सकता है। बाजार शीर्ष पर पहुंच गया है, ऐसा बार-बार कहकर बेयर्स द्वारा बुल मार्केट परिदृश्य को खारिज करना तर्कविहीन है।

अब हम बाजार की तरफ लौटते हैं। यह 10वीं बार है, जब हमने 15000 के स्तर को पार कर लिया और इस बार यह सिर्फ 7 दिन में हुआ है। हमने बीते सप्ताह में 14000 (Sgx में) और 15000 दोनों स्तर देखे। फ्रेश सेटलमेंट के पहले दिन हमें उम्मीद थी कि निफ्टी 14680 तक गिरेगा और ऐसा ही हुआ। हमने Cni में हमारे सदस्यों से 14850 से दूर रहने के लिए कहा और 14680 में प्रवेश करने के लिए तैयार रहने को कहा। हम शुक्रवार को उसी स्तर पर बंद हुए। अगर चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद सोमवार को बाजार गिरता है तो हम 14500 के स्तर तक खरीदारी करेंगे, क्योंकि अगर परिणाम Tmc के अनुकूल होते हैं, तो बाजार को एक झटका लगेगा।

अधिकांश टीवी विश्लेषक और एग्जिट पोल्स टीएमसी के लिए दावा कर रहे हैं, केवल एक हिंदू बिजनेस लाइन को छोड़कर, जो पश्चिम बंगाल में बीजेपी की उच्च संभावना की चर्चा कर रहा है और उसका आधार सट्टा बाजार है। यहां तक कि सबसे अधिक सटीक और विश्वसनीय फलौदी, राजस्थान का सट्टा बाजार भी कह रहा है कि बीजेपी 175 सीटें जीतेगी। इसलिए सिंगापुर निफ्टी को 14,600 पर देखकर आश्चर्य नहीं होना चाहिए। सोमवार को हम निफ्टी को 14,900 पर जाते हुए देख सकते हैं, साथ ही यह बाद में 14,500 तक नीचे जा सकता है। अगर आपको मौका मिले तो गिरावट में खरीदना चाहिए।

14000 से 15000 के बीच 10 वीं बार दोलन करते हुए निफ्टी ने स्पष्ट रूप से 15000 का मनोवैज्ञानिक अवरोध बनाया है। जब भी यह 15000 के करीब पहुंचता है, तो भारी शॉर्ट्स बन जाते हैं। लेकिन हमें लगता है कि इस बार इसमें एक बदलाव होगा। अगर निफ्टी 15050 के पार बंद होता है, तो यह 15900 के दरवाजे खोल देगा। हमें ऐसा क्यों लगता है ...? पिछले 2 महीने 2 मई के लिए ट्रायल था और अब कोई घटना नहीं बची है। शुक्रवार की गिरावट में पर्याप्त शॉर्ट्स बने हैं। बुल्स एक सेटलमेंट में 1000 अंक से कम पर कभी संतुष्ट नहीं होते हैं। 

अब 14600 के साथ अगर वे इसे 15900 तक ले जाने में सफल होते हैं तो यह 1300 अंकों के सबसे बड़े सेटलमेंट में से एक होगा। आईपीएल के फाइनल की तरह परिस्थितियां और पिच पूरी तरह सेट है। वैश्विक बाजार, कमोडिटी की कीमतें, पीई अनुपात, मार्केट कैपिटलाइजेशन टू जीडीपी, शानदार कमाई, सामान्य मानसून, टीकाकरण पर स्पष्टता, जो कोविड-19 से निपटने में मददगार होगा और राजस्व में कमी को पूरा करने के लिए आने वाली बढ़ी हुई मांग, भारी मात्रा में शॉर्ट्स और चुनाव परिणाम निफ्टी के लिए किसी रॉकेट लॉन्चर से कम नहीं रहने वाले हैं।

सभी फ्रंटलाइन कंपनियाँ जैसे रिलायंस, टिस्को, टाटा मोटर्स, एसबीआई, एक्सिस बैंक, जेएसडबल्यू, जिंदल, लार्सन, एचयूएल, डाबर, इंफोसिस, टीसीएस, भारती एयरटेल, हिंडाल्को, वेदांता आदि चौथी तिमाही के अच्छे परिणाम घोषित करेंगी। जबकि, इनमें से कुछ कर चुकी हैं।

संक्षेप में, हम यह नहीं मानते कि बाजार फिर से 11 वीं बार 14,000 पर आएगा, लेकिन इसकी पूरी संभावना है कि यह 15,900 और 16,000 की यात्रा करेगा। अगर हम 7500 से 15,000 तक सही सिद्ध हुए हैं, तो हम मानते हैं कि हम इस बार भी अपने लक्ष्य को पाएंगे।

(लेखक cniresearchltd.com के सीएमडी हैं। प्रकाशित विचार उनके निजी हैं।)